व्यापार

हर साल ‘फ्री हॉलिडे’ के नाम पर कपल्स के साथ हो रही है लाखों की ठगी

आज के डिजिटल और सोशल मीडिया के इस दौर में हर कोई अपनी व्यस्त जिंदगी से थोड़ा वक्त निकालकर अपने पार्टनर या परिवार के साथ किसी खूबसूरत जगह पर छुट्टियां बिताने का सपना देखता है। इसी का फायदा उठाकर इन दिनों ठगों और फर्जी टूर एंड ट्रैवल कंपनियों ने एक बहुत बड़ा जाल बिछा रखा है, जो भोले-भाले कपल्स को 'फ्री हॉलिडे पैकेज' (Free Holiday Package), मुफ्त कूपन या बेहद सस्ते ट्रिप का लालच देकर उनके बैंक खातों को खाली कर देते हैं। हर साल हजारों की संख्या में कपल्स इन शातिर ठगों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा बैठते हैं और फिर थाने-अचहरी के चक्कर काटते रहते हैं। लेकिन हाल ही में उपभोक्ता अदालत और न्यायपालिका द्वारा दिए गए एक कड़े और ऐतिहासिक फैसले ने इन फर्जी कंपनियों की नींद उड़ा दी है, जहाँ कोर्ट ने ठगी के शिकार हुए एक जोड़े का पूरा पैसा ब्याज सहित वापस दिलवाकर एक बड़ी मिसाल कायम की है। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, डिजिटल एसईओ, ज्योग्राफिकल ऑप्टिमाइजेशन और आधुनिक लीगल अवेयरनेस ट्रेंड्स के इस दौर में यह जानना बेहद जरूरी है कि कैसे इन शातिर ट्रेवल स्कैम से बचा जाए और यदि आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो न्याय कैसे हासिल किया जाए।

कैसे काम करता है यह 'फ्री हॉलिडे' और मेंबरशिप का शातिर जाल?

साइबर अपराधियों और फर्जी ट्रैवल कंपनियों ने ठगी का यह धंधा बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से फैला रखा है। ये कंपनियां मॉल, सिनेमा हॉल, एयरपोर्ट या सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए लोगों को यह झांसा देती हैं कि आपने एक लकी ड्रॉ जीत लिया है जिसके तहत आपको गोवा, मनाली या किसी अंतरराष्ट्रीय लोकेशन का 'फ्री हॉलिडे पैकेज' मिल रहा है। जब लोग उनके दफ्तर या ऑनलाइन वेब पोर्टल पर पहुँचते हैं, तो वहाँ उन्हें शानदार होटलों और उड़ानों के सपने दिखाए जाते हैं। इसके बाद वे 'रजिस्ट्रेशन फीस', 'टैक्स' या 'क्लब मेंबरशिप' के नाम पर धीरे-धीरे हजारों से लेकर लाखों रुपए ऐंठ लेते हैं। जब ग्राहक उन वादों के मुताबिक बुकिंग कराने की कोशिश करता है, तो या तो फोन उठाना बंद कर दिया जाता है या फिर तरह-तरह के बहाने बनाकर और पैसे मांगे जाते हैं। आधुनिक डिजिटल एसईओ और सर्च इंजन ट्रेंड्स में लोग इस प्रकार के ट्रैवल स्कैम और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को रोजाना बड़ी संख्या में खोजते हैं ताकि वे खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें।

अदालत का ऐतिहासिक फैसला और पैसों की शत-प्रतिशत वापसी

जब एक पीड़ित कपल ने इस धोखाधड़ी के खिलाफ चुप बैठने के बजाय उपभोक्ता संरक्षण अदालत (Consumer Disputes Redressal Commission) का दरवाजा खटखटाया, तो कानूनी लड़ाई के बाद अदालत ने उनकी सुध ली। अदालत ने ट्रैवल कंपनी के उन दाوों और कागजातों की बारीकी से जांच की जिनके जरिए उन्होंने झूठे वादे किए थे। कोर्ट ने यह माना कि 'फ्री हॉलिडे' के नाम पर ग्राहकों से पैसे वसूलना और बाद में सेवाएं न देना सीधे तौर पर 'अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिस' (Unfair Trade Practice) और सेवा में गंभीर कमी (Deficiency in Service) है। न्यायपालिका ने कड़ा रुख अपनाते हुए कंपनी को आदेश दिया कि वह न केवल पीड़ित कपल का पूरा मूलधन वापस करे, बल्कि मानसिक उत्पीड़न और मुकदमे के खर्च के साथ ब्याज भी चुकाए। इस फैसले ने यह साबित कर दिया है कि कानून के लंबे हाथों से शातिर ठग बच नहीं सकते।

खुद को ट्रैवल स्कैम और फर्जी टूर कंपनियों से कैसे बचाएं?

इस प्रकार की ठगी से बचने के लिए नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है। किसी भी अनजान कंपनी के लुभावने विज्ञापनों या 'फ्री ट्रिप' के झांसे में बिल्कुल न आएं। किसी भी ट्रैवल एजेंसी को पैसे देने से पहले उसके मार्केट में रजिस्ट्रेशन, जीएसटी नंबर (GST Number) और पुराने ग्राहकों की रेटिंग्स (Reviews) की अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। यदि कोई कंपनी आपसे फोन पर ही तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए, तो समझ लीजिए कि दाल में कुछ काला है। ज्योग्राफिकल और लोकल अवेयरनेस के लिहाज से यह जरूरी है कि लोग अपने शहर की अधिकृत और भरोसेमंद टूरिज्म एजेंसियों से ही संपर्क करें, ताकि छुट्टियों का आनंद किरकिरा न हो।

यदि ठगी हो जाए तो क्या कदम उठाएं?

अगर दुर्भाग्य से आप या आपका कोई जानने वाला इस तरह के हॉलिडे स्कैम का शिकार हो जाता है, तो घबराने के बजाय तुरंत कानूनी कदम उठाएं। सबसे पहले अपने बैंक से संपर्क करके ट्रांजैक्शन को रोकने या चार्जबैक (Chargeback) के लिए आवेदन करें। इसके बाद साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और अपने नजदीकी उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज करें। आधुनिक एआई और डिजिटल लीगल एडवाइजरी भी यही सिखाती है कि जागरूकता और कानूनी पक्की जानकारी ही इन अपराधियों का सबसे बड़ा इलाज है। बहरहाल, फ्री हॉलिडे के लुभावने छलावे से दूर रहें और अपनी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखते हुए एक जिम्मेदार और आनंददायक सफर का लुत्फ उठाएं।

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