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जुपिटर वैगन्स की कंपनी जेएम एनर्जी को उत्तराखंड में मिला 100 करोड़ का बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट शेयरों में जबरदस्त तेजी की उम्मीद

शेयर बाजार में अपने शानदार प्रदर्शन और मल्टीबैगर रिटर्न के लिए पहचानी जाने वाली दिग्गज कंपनी जुपिटर वैगन्स लिमिटेड (Jupiter Wagons Ltd – JWL) के मोर्चे पर एक बेहद बड़ी और सकारात्मक खबर सामने आई है। पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों को ताबड़तोड़ रिटर्न देने वाली इस कंपनी की एनर्जी बिजनेस यूनिट—जेएम एनर्जी (JEM Energy)—को उत्तराखंड राज्य में ऊर्जा भंडारण के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट हासिल हुआ है।

कंपनी को यह नया अनुबंध उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) की ओर से मिला है, जिसकी कुल लागत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बड़े ऑर्डर के मिलने से न केवल कंपनी के कारोबार का दायरा बढ़ा है, बल्कि एनर्जी ट्रांजिशन इकोसिस्टम में इसकी स्थिति भी काफी मजबूत हुई है।

उत्तराखंड में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट की बड़ी उपलब्धि

ऑल इंडिया स्टॉक एक्सचेंज और कंपनी द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जेएम एनर्जी को उत्तराखंड में 41 MW/102.5 MWh का स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) प्रोजेक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए कंपनी ने माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Madhav Infra Projects Ltd) के साथ साझेदारी की है।

UPCL द्वारा आयोजित टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के क्लस्टर C के तहत आयोजित टेंडर प्रक्रिया में JWL और माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की इस संयुक्त पार्टनरशिप ने सबसे कम बोली लगाकर L1 बिडर के रूप में बाजी मारी है। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड में BESS सिस्टम की सप्लाई और उसकी कमीशनिंग का पूरा काम किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल के जीरत प्रोजेक्ट के लिए मिला औपचारिक लेटर ऑफ अवॉर्ड

उत्तराखंड प्रोजेक्ट के अलावा जुपिटर वैगन्स को पश्चिम बंगाल से भी एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कंपनी को पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) से 50 MW/200 MWh के स्टैंडअलोन BESS प्रोजेक्ट के लिए औपचारिक लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्राप्त हो चुका है।

यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जीरत (Jeerat) स्थित 132 केवी सबस्टेशन पर स्थापित किया जाएगा। कंपनी को यह प्रोजेक्ट पिछले दिनों हासिल हुआ था, जिसके बाद अब इसके लिए औपचारिक अनुमति और अवॉर्ड मिल गया है। कंपनी का मानना है कि ये दोनों ही प्रोजेक्ट्स देश के ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर को गति देने में अहम भूमिका निभाएंगे।

वित्त वर्ष 2027 तक 1,000 करोड़ की ऑर्डर बुक का लक्ष्य

जुपिटर वैगन्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक लोहिया ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के ये प्रोजेक्ट्स जेएम एनर्जी को एक बड़े और स्केलेबल एनर्जी स्टोरेज बिजनेस के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।

कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) तक करीब 1,000 करोड़ रुपये का BESS ऑर्डर बुक तैयार करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, कंपनी का यह भी अनुमान है कि जुपिटर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (JEM) का कारोबार बढ़ने से यह यूनिट वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही (Q3 FY27) तक EBITDA पॉजिटिव हो जाएगी और FY28 तक पूरी तरह से मुनाफे में आ जाएगी। पारंपरिक रेलवे और मोबिलिटी सेक्टर से आगे बढ़कर हाई-ग्रोथ ग्रीन एनर्जी सेक्टर में कंपनी का यह विस्तार निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

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