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Fuel Surcharge: 9 अक्टूबर से हवाई सफर महंगा, एयर इंडिया और अकासा एयर ने 1200 रुपये तक बढ़ाई टिकट की कीमतें

त्योहारी सीजन में घर जाने और छुट्टियां बिताने की योजना बना रहे लाखों हवाई यात्रियों की जेब पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ने जा रहा है। इंडिगो द्वारा हाल ही में फ्यूल चार्ज बढ़ाए जाने के बाद अब टाटा समूह की विमानन कंपनी एयर इंडिया (Air India), एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) और तेजी से उभरती एयरलाइन अकासा एयर (Akasa Air) ने भी अपने हवाई टिकटों पर फ्यूल सरचार्ज (Fuel Surcharge) में जोरदार इजाफे का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। एयरलाइंस द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, संशोधित दरें 9 अक्टूबर 2026 से होने वाली सभी नई टिकट बुकिंग्स पर अनिवार्य रूप से लागू हो गई हैं। इसके तहत घरेलू रूट्स पर दूरी के हिसाब से टिकटों पर ₹400 से लेकर ₹1,200 तक का अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर यह बढ़ोतरी और भी अधिक है, जिससे दिवाली और छठ पूजा के दौरान हवाई सफर करना काफी महंगा साबित होगा।

एटीएफ की कीमतों में भारी उछाल बना किरायों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह

विमानन कंपनियों ने इस फैसले के पीछे एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी एटीएफ (ATF – विमान ईंधन) की आसमान छूती कीमतों और वैश्विक तेल बाजार में मची उथल-पुथल को मुख्य कारण बताया है। पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकलने के चलते सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने हाल ही में जेट फ्यूल के दामों में तेज वृद्धि की है। एयरलाइंस के परिचालन खर्च (Operating Cost) में अकेले ईंधन की हिस्सेदारी 40 से 45 प्रतिशत तक होती है। अकासा एयर और एयर इंडिया के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि पिछले कुछ हफ्तों से इनपुट लागत में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी को खुद वहन करना अब वित्तीय रूप से संभव नहीं रह गया था, जिसके चलते परिचालन को सुचारू बनाए रखने के लिए इस अतिरिक्त लागत का एक हिस्सा यात्रियों पर ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया है।

दूरी के हिसाब से तय हुआ स्लैब, जानिए किस रूट पर कितना बढ़ा घरेलू किराया

घरेलू उड़ानों के लिए एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा एयर ने इंडिगो की तर्ज पर ही दूरी आधारित 4 मुख्य स्लैब बनाए हैं:

  • 500 किमी तक की उड़ान (जैसे दिल्ली-जयपुर, मुंबई-पुणे): ₹400 प्रति पैसेंजर

  • 501 से 1,000 किमी तक की उड़ान (जैसे दिल्ली-लखनऊ, मुंबई-अहमदाबाद): ₹600 प्रति पैसेंजर

  • 1,001 से 1,500 किमी तक की उड़ान (जैसे दिल्ली-मुंबई, बेंगलुरु-कोलकाता): ₹850 प्रति पैसेंजर

  • 1,500 किमी से अधिक और 2,000 किमी से ऊपर की उड़ानें (जैसे दिल्ली-चेन्नई, कश्मीर-केरल): ₹1,200 प्रति पैसेंजर

इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आप दिल्ली से मुंबई या बेंगलुरु जा रहे हैं, तो आपके वन-वे टिकट पर सीधे ₹850 से ₹1,200 का फ्यूल सरचार्ज बेस फेयर और अन्य टैक्स के ऊपर अलग से जुड़ेगा। यदि कोई परिवार राउंड ट्रिप (आना-जाना) की 4 टिकट बुक करता है, तो सिर्फ फ्यूल सरचार्ज के रूप में ही लगभग ₹7,000 से ₹9,600 तक की अतिरिक्त रकम चुकानी होगी।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर $215 तक का भारी सरचार्ज, लंबी दूरी की यात्राएं हुईं महंगी

घरेलू यात्रियों के साथ-साथ विदेश यात्रा करने वालों पर भी इस फैसले की कड़ी मार पड़ी है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अंतरराष्ट्रीय सेक्टर्स पर डॉलर आधारित सरचार्ज लागू किया है:

  • खाड़ी और मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट / वेस्ट एशिया): प्रति टिकट लगभग $55 (करीब ₹4,600) का सरचार्ज। अकासा एयर ने अपने इंटरनेशनल रूट्स पर इसे ₹2,500 निर्धारित किया है।

  • यूरोपियन डेस्टिनेशंस (लंदन, पेरिस, फ्रैंकफर्ट): $135 (लगभग ₹11,300) प्रति पैसेंजर एक तरफ का सरचार्ज। राउंड ट्रिप पर यह $270 तक पहुंच जाएगा।

  • नॉर्थ अमेरिका (अमेरिका और कनाडा नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स): लंबी दूरी की इन उड़ानों पर सबसे ज्यादा $215 (करीब ₹18,000) प्रति टिकट फ्यूल चार्ज तय किया गया है। यानी अमेरिका आने-जाने वाली टिकट पर केवल फ्यूल लेवी ही $430 (लगभग ₹36,000) तक बैठ रही है।

9 अक्टूबर से पहले बुक टिकटों पर नहीं लगेगा चार्ज, आगे क्या हो सकता है रुख?

विमानन कंपनियों ने राहत भरी बात यह स्पष्ट की है कि यह संशोधित फ्यूल सरचार्ज केवल 9 अक्टूबर 2026 की निर्धारित समयसीमा (एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए मध्यरात्रि और एयर इंडिया के लिए सुबह 11 बजे) के बाद होने वाली नई बुकिंग्स पर ही प्रभावी होगा। जिन यात्रियों ने 9 अक्टूबर से पहले ही अपनी टिकट बुक करा रखी हैं, उन्हें यात्रा के दौरान कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि, यदि वे अपनी पुरानी टिकट में यात्रा की तारीख बदलते हैं या री-शेड्यूल करते हैं, तो फेयर डिफरेंस के साथ नया फ्यूल सरचार्ज वसूला जाएगा। एविएशन जानकारों का मानना है कि यह सरचार्ज स्थायी नहीं है; यदि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें नरम होती हैं और एटीएफ सस्ता होता है, तो एयरलाइंस इस लेवी की समीक्षा कर इसे घटा भी सकती हैं। तब तक त्योहारी सीजन में हवाई सफर करने वालों को अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त बजट तैयार रखना होगा।

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