जूते के आखिरी दो छोटे छेद किस काम आते हैं? 90% लोग नहीं जानते इसका सही इस्तेमाल, छालों और दर्द से दिलाता है छुटकारा

स्पोर्ट्स शूज, स्नीकर्स या रनिंग शूज खरीदते समय आपने ध्यान दिया होगा कि जूतों के फीतों (लेस) के नियमित छेदों के बिल्कुल अंत में, टखने के ठीक पास, तिरछे बने दो अतिरिक्त छोटे छेद (Eyelets) होते हैं। अधिकांश लोग इन्हें केवल एक सजावटी डिजाइन या अतिरिक्त फिटिंग का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं और फीते बांधते समय इन छेदों को खाली छोड़ देते हैं। लेकिन खेल विज्ञान और ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह कोई साधारण डिजाइन नहीं बल्कि दौड़ते, जॉगिंग करते या वर्कआउट करते समय पैरों की सुरक्षा के लिए बनाया गया एक बेहद महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग फीचर है। इसे एथलेटिक्स की दुनिया में 'हील लॉक' (Heel Lock) या 'रनर लॉक' (Runner's Lock) तकनीक कहा जाता है।
हील लॉक तकनीक: एड़ी को फिसलने और पंजों को टकराने से कैसे बचाता है?
जब हम सामान्य तरीके से जूते बांधते हैं, तो दौड़ते या तेज चलते समय पैर जूता के भीतर आगे-पीछे फिसलता है। इससे दो मुख्य समस्याएं पैदा होती हैं:
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एड़ी पर घर्षण और छाले (Blisters): बार-बार पैर ऊपर उठने पर एड़ी जूते के पिछले हिस्से से रगड़ खाती है, जिससे त्वचा छिल जाती है और दर्दनाक छाले पड़ जाते हैं।
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टो क्रैश और नाखून का काला पड़ना (Runner's Toe): ढलान पर दौड़ते समय पैर आगे की ओर खिसकता है, जिससे पैर के अंगूठे और उंगलियां जूते के आगे के सख्त हिस्से से टकराती हैं। लगातार टकराने से पैर के नाखूनों में खून जम जाता है और उंगलियों में तेज दर्द होता है।
जब आप आखिरी छेदों का उपयोग करके 'हील लॉक' बनाते हैं, तो जूता टखने के आसपास एक सुरक्षित कॉलर की तरह कस जाता है। यह आपकी एड़ी को जूते के बेस पर मजबूती से लॉक कर देता है, जिससे पैर आगे-पीछे नहीं फिसलता, लेकिन पैर के आगे के पंजे पर किसी तरह का अनावश्यक दबाव भी नहीं पड़ता।
'रनर लॉक' बांधने का सही तरीका: 3 आसान स्टेप्स
इस तकनीक का उपयोग करना बेहद सरल है और इसके लिए आपको किसी अतिरिक्त एक्सेसरी की जरूरत नहीं होती:
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लूप बनाएं: जूते के सामान्य छेदों में फीते पिरोने के बाद, फीते के छोर को उसी तरफ के सबसे ऊपरी अतिरिक्त छेद में बाहर से अंदर की ओर डालें। इसे पूरी तरह न खींचें, बल्कि बाहर की तरफ एक छोटा सा फंदा (Loop) बना रहने दें। यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएं।
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क्रॉस क्रॉसिंग: अब दाएं तरफ के फीते को बाएं तरफ बने फंदे (लूप) के अंदर से निकालें, और बाएं तरफ के फीते को दाएं वाले फंदे के अंदर से आर-पार ले जाएं।
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नीचे की ओर खींचकर बांधें: दोनों फीतों को ऊपर के बजाय नीचे और बाहर की ओर मजबूती से खींचें। ऐसा करते ही दोनों लूप कस जाएंगे और आपकी एड़ी अपनी जगह लॉक हो जाएगी। इसके बाद हमेशा की तरह सामान्य गांठ (नॉट) बांध लें।
कन्वर्ज और कैनवास शूज के साइड वाले दो छेदों का क्या काम है?
स्पोर्ट्स शूज के अलावा 'कन्वर्ज' (Converse All-Star) या अन्य कैनवास जूतों के तलवे के बिल्कुल ऊपर, साइड में भी दो धातु के छेद दिए जाते हैं। इनके दो मुख्य उद्देश्य होते हैं:
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वेंटिलेशन और एयर सर्कुलेशन: कपड़े और रबर से बने इन जूतों में हवा के आवागमन की जगह नहीं होती। ये छेद वेंटिलेशन का काम करते हैं, जिससे पैरों का पसीना सूखता रहता है और जूतों से बदबू नहीं आती।
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कस्टम टाइटनिंग: यदि किसी व्यक्ति के पैर काफी पतले हैं, तो वह जूतों के फीतों को इन साइड वाले छेदों से गुजारकर जूते को चौड़ाई में और अधिक टाइट व फिटिंग वाला बना सकता है।
किन लोगों को जरूर करना चाहिए इस फीचर का इस्तेमाल?
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धावक और मैराथन रनर्स: लंबी दूरी की दौड़ में हर कदम पर एड़ी का लॉक रहना चोटों और मोच से बचाता है।
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जिम और हाइकिंग करने वाले: ट्रेडमिल पर दौड़ते समय या पहाड़ों पर चढ़ाई-उतराई के दौरान टखने के संतुलन (Ankle Stability) के लिए यह अनिवार्य है।
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नए जूते पहनने वाले: यदि कोई नया जूता पहनने पर एड़ी पर काटता है या छाले डालता है, तो हील लॉक तकनीक पहले दिन से ही घर्षण को शून्य कर देती है।