जब नाना पाटेकर बने थे शाहरुख खान के ‘मसीहा’, गुस्से में तलवार लेकर पत्रकार के घर पहुंचे ‘किंग खान’ को जेल से कराया था बाहर

बॉलीवुड के 'किंग खान' यानी शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) आज भले ही फिल्म इंडस्ट्री के शिखर पर हैं और दुनिया भर में उनके करोड़ों फैंस हैं, लेकिन उनके शुरुआती दिनों का एक ऐसा किस्सा इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान रह जाता है। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) के निधन के बाद शाहरुख खान से जुड़ा यह पुराना संस्मरण चर्चा में आ गया है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अपने करियर की शुरुआत में जब शाहरुख खान एक गंभीर कानूनी पचड़े में फंस गए थे, तब हिंदी सिनेमा के मंझे हुए कलाकार नाना पाटेकर ने उनके लिए मसीहा बनकर मदद की थी और उन्हें जेल से बाहर निकलवाया था।
जब पत्रकार पर भड़क गए थे नए-नवेले शाहरुख खान
यह वाकया 1990 के दशक की शुरुआत का है, जब शाहरुख खान मुंबई और फिल्म इंडस्ट्री में नए-नवेले कदम रख रहे थे और हाल ही में उनकी शादी गौरी खान से हुई थी। एक इंटरव्यू के दौरान खुद शाहरुख खान ने इस पुरानी घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि एक मैग्जीन ने उनके और एक सह-कलाकार (को-स्टार) के रिश्ते को लेकर एक आपत्तिजनक और झूठा आर्टिकल छाप दिया था। इस खबर से उनकी पत्नी गौरी खान बहुत आहत और परेशान हो गईं, जिसके बाद शाहरुख को बेतहाशा गुस्सा आ गया। गुस्से में आकर उन्होंने उस पत्रकार से सीधा हिसाब चुकता करने का फैसला किया और अपने ससुर द्वारा शादी में दी गई एक रस्मी तलवार लेकर सीधे उस पत्रकार के घर जा पहुंचे।
तलवार लेकर पहुंचे एक्टर को खानी पड़ी थी जेल की हवा
अपनी गलती को स्वीकार करते हुए शाहरुख खान ने उस किस्से को याद करते हुए बताया था, 'मैंने तब बहुत बुरा बर्ताव किया था और मुझे इसके परिणाम भुगतने पड़े, जिसके चलते मुझे जेल जाना पड़ा।' उन्होंने आगे बताया कि उनके ससुर एक आर्मी ऑफिसर हैं, जिन्होंने उन्हें अपनी बेटी की रक्षा के लिए वह पारंपरिक तलवार दी थी। हालांकि किसी ने गौरी को कुछ नहीं कहा था, लेकिन उस वक्त उन्हें लगा कि यह एक उचित कदम है। पत्रकार के घर जाकर उन्होंने लोगों को डराया-धमकाया और इस दौरान एक युवक के पैर पर चोट भी लग गई। बाद में जब वह अपनी फिल्म 'कभी हां कभी ना' की शूटिंग कर रहे थे, तो पुलिस सेट पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। शाम ढलने के कारण उन्हें उस वक्त तुरंत जमानत नहीं मिल सकी।
नाना पाटेकर ने आगे आकर ऐसे बचाई थी स्थिति
पुलिस हिरासत और जेल की उस मुश्किल घड़ी में अभिनेता नाना पाटेकर शाहरुख खान की मदद के लिए आगे आए थे। शाहरुख ने बताया कि चूंकि मामला गंभीर था और वीकेंड के चलते सामान्य अदालतें बंद थीं, ऐसे में नाना पाटेकर ने अपनी सूझबूझ और प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए वीकेंड कोर्ट के जरिए उनकी जमानत कराई और उन्हें जेल से बाहर निकलवाया। शाहरुख ने माना कि उस घटना ने उन्हें जिंदगी का एक बड़ा सबक सिखाया और तब से लेकर आज तक वे अपने गुस्से पर काबू रखना सीख गए हैं। बाद के वर्षों में भी दोनों कलाकारों के बीच हमेशा एक बेहद आदरपूर्ण और प्यारा रिश्ता बना रहा, और नाना पाटेकर ने कई मौकों पर शाहरुख की सादगी और सफलता की खुलकर तारीफ भी की है।