रियाद एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों का भीषण मिसाइल हमला: अमेरिकी नागरिक समेत 12 की मौत, 300 से ज्यादा घायल; उड़ानों का संचालन ठप

पश्चिम एशिया में युद्ध की आग एक बार फिर भड़क उठी है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (King Khalid International Airport) को निशाना बनाकर यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने एक बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया है। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार दोपहर हुए इस भीषण हमले में कम से कम 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 309 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह इस सप्ताह के भीतर रियाद एयरपोर्ट को निशाना बनाकर किया गया तीसरा हमला था, लेकिन हताहतों की संख्या के लिहाज से यह अब तक का सबसे भयावह हमला साबित हुआ है। धमाके के तुरंत बाद हवाई अड्डे के टर्मिनल परिसर में धूल, धुएं का गुबार और मलबे का ढेर लग गया, जिसके बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और यात्री जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
टर्मिनल 3 और 4 के पास गिरी मिसाइल: मारे गए लोगों में अमेरिकी नागरिक भी शामिल
क्षेत्रीय अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, हूतियों द्वारा दागी गई मिसाइल सीधे एयरपोर्ट परिसर के उस हिस्से में जाकर गिरी जहां घरेलू उड़ानों के टर्मिनल 3 और 4 स्थित हैं। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि टर्मिनल की खिड़कियों और छतों के शीशे टूटकर चारों तरफ बिखर गए, जिसकी चपेट में आकर दर्जनों लोग लहूलुहान हो गए। सऊदी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मारे गए 12 लोगों में चार सऊदी नागरिक, एक अमेरिकी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक फ़िलिस्तीनी, एक मिस्र, एक जॉर्डन, एक सीरियाई और एक सूडानी नागरिक शामिल हैं। घायलों को तुरंत रियाद के अलग-अलग सरकारी और सैन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने नागरिक की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इस हमले को अत्यंत निंदनीय और निर्दोष नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ करार दिया है।
उड़ानों का संचालन पूरी तरह ठप: दर्जनों अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स डायवर्ट और रद्द
हमले के तुरंत बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सऊदी उड्डयन प्राधिकरण ने किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सभी ऑपरेशन्स को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया। एयरपोर्ट की ओर जाने वाले सभी मुख्य मार्गों पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया और प्रवेश द्वारों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया गया। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, रियाद आने वाले कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू विमानों को जेद्दा, दम्माम और अन्य पड़ोसी देशों के एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट कर दिया गया। एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और कुवैत एयरवेज जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर रियाद के लिए अपनी सभी उड़ानें आगामी दिनों के लिए रद्द कर दी हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और भारत समेत कई देशों के दूतावासों ने सऊदी अरब में मौजूद अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए एयरपोर्ट की यात्रा न करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सख्त सलाह दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान: क्या हूतियों के खिलाफ जंग में उतरेगा अमेरिका?
इस खूनी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी भू-राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन इस बात का मूल्यांकन कर रहा है कि क्या अमेरिका को यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य हमलों में सीधे शामिल होना चाहिए। ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि सऊदी अरब में जो कुछ हुआ है वह किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर सीधे बातचीत करने की बात कही और स्पष्ट किया कि अमेरिका बहुत जल्द इस पर अंतिम फैसला लेगा और तेजी से कदम उठाएगा। उधर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले को 'पूर्ण युद्ध अपराध' करार देते हुए हूती विद्रोहियों के खिलाफ निर्णायक और बेहद आक्रामक जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मिडिल ईस्ट में गहराता संकट: वैश्विक ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की सप्लाई पर मंडराया खतरा
सऊदी अरब की राजधानी पर हुआ यह सीधा हमला वैश्विक तेल बाजार के लिए खतरे की घंटी बन गया है। सऊदी अरब दुनिया का प्रमुख कच्चा तेल निर्यातक है, और उसकी राजधानी के नागरिक और रणनीतिक बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों से होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के व्यापारिक गलियारों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि सऊदी अरब और अमेरिका मिलकर यमन में हूतियों और उनके पीछे खड़े ईरान के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हैं, तो यह संघर्ष पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले सकता है। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रूट प्रभावित होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की पूरी आशंका है, जिसका सीधा असर भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।