उत्तराखंड: अगले साल कितने त्योहार शनिवार-रविवार को? जानें कितनी बार मिलेगा लॉन्ग वीकेंड का मौका, देखें पूरी लिस्ट

उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, बैंक कर्मियों और स्कूल-कॉलेजों के छात्रों के लिए आगामी वर्ष का हॉलिडे कैलेंडर खुशियों के साथ-साथ थोड़ा मलाल भी लेकर आ रहा है। सामान्य प्रशासन विभाग की अवकाश व्यवस्था और पंचांग के विश्लेषण से यह साफ होता है कि राज्य के कई बड़े राजपत्रित (Gazetted) और निर्बंधित (Restricted) अवकाश शनिवार या रविवार के दिन पड़ रहे हैं। आमतौर पर शनिवार (विशेषकर दूसरे शनिवार व पांच दिवसीय कार्य सप्ताह वाले दफ्तरों) और रविवार को नियमित साप्ताहिक अवकाश रहता है। ऐसे में त्योहारों का वीकेंड पर पड़ना कर्मचारियों के लिए सीधे तौर पर छुट्टियों का नुकसान माना जाता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि कैलेंडर में कई त्योहार शुक्रवार और सोमवार को पड़ रहे हैं, जिससे साल भर में कई बार 3 से 4 दिनों का लंबा वीकेंड (Long Weekend) मनाने और घूमने-फिरने का बेहतरीन मौका मिलेगा।
ये प्रमुख त्योहार और छुट्टियां शनिवार और रविवार के दिन पड़ रही हैं
आगामी कैलेंडर के अनुसार कई बड़े राष्ट्रीय पर्व और धार्मिक त्योहार वीकेंड की भेंट चढ़ रहे हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
-
महाशिवरात्रि: महाशिवरात्रि का पावन पर्व शनिवार के दिन पड़ रहा है।
-
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त): देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस रविवार के दिन पड़ रहा है, जिससे इसकी अतिरिक्त छुट्टी नहीं मिल सकेगी।
-
विजयादशमी (दशहरा): प्रमुख त्योहार दशहरा भी शनिवार के दिन निर्धारित है।
-
गोवर्धन पूजा: दीवाली के ठीक अगले दिन पड़ने वाली गोवर्धन पूजा का अवकाश शनिवार को आ रहा है।
-
गुरु रविदास जयंती व महर्षि वाल्मीकि जयंती: ये दोनों प्रमुख महापुरुष जयंतियां भी शनिवार और रविवार के दिन पड़ रही हैं।
जब भी कोई मुख्य अवकाश रविवार को पड़ता है, तो उस दिन मिलने वाला अवकाश साप्ताहिक छुट्टी में ही विलीन हो जाता है, जिससे कर्मचारियों को अतिरिक्त विश्राम का दिन नहीं मिल पाता।
कितनी बार मिलेगा 'लॉन्ग वीकेंड' का मौका? जानिए घूमने के बेहतरीन अवसर
शनिवार और रविवार को छुट्टियों का नुकसान होने के बावजूद, पर्यटन प्रेमियों और दूरदराज के जिलों में तैनात कर्मचारियों के लिए कई बार शानदार 'लॉन्ग वीकेंड' का संयोग बन रहा है। यदि आप शुक्रवार या सोमवार की छुट्टियों के साथ सप्ताहांत को मिला लें, तो बिना अतिरिक्त लीव लिए सीधे 3 दिनों का ब्रेक मिल रहा है:
-
गुड फ्राइडे (Good Friday): शुक्रवार को गुड फ्राइडे का अवकाश रहने से शुक्रवार, शनिवार और रविवार मिलाकर सीधा 3 दिन का पहला बड़ा वीकेंड मिल रहा है।
-
महावीर जयंती (Mahavir Jayanti): यह अवकाश सोमवार को पड़ रहा है, जिससे शनिवार, रविवार और सोमवार का 3 दिवसीय अवकाश बन रहा है।
-
ईद-उल-जुहा / बकरीद: यह त्योहार भी सोमवार को संभावित है, जिससे सप्ताहांत के साथ जुड़कर 3 दिनों की लगातार छुट्टी का मौका मिलेगा।
-
हरेला पर्व (Harela): उत्तराखंड का लोकपर्व 'हरेला' शुक्रवार (16 जुलाई) को पड़ रहा है। शुक्रवार को हरेला की सार्वजनिक छुट्टी और उसके बाद शनिवार व रविवार का अवकाश कर्मचारियों को लगातार 3 दिनों की सैर का पूरा अवसर देगा।
-
दीवाली का महा-वीकेंड: दीवाली का मुख्य पर्व शुक्रवार (29 अक्टूबर) को आ रहा है। शुक्रवार को दीवाली, शनिवार को गोवर्धन पूजा और फिर रविवार—यानी लगातार 3 दिनों का सबसे बड़ा त्योहारी वीकेंड कर्मचारियों के लिए बेहद सुविधाजनक रहेगा।
उत्तराखंड के विशिष्ट लोकपर्व: हरेला और इगास पर अवकाश की स्थिति
देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े लोकपर्वों को लेकर राज्य सरकार ने हाल के वर्षों में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की परंपरा को मजबूती दी है। कुमाऊं और गढ़वाल में नई फसल व हरियाली के प्रतीक 'हरेला' पर्व पर शुक्रवार को अवकाश होने से स्थानीय लोग अपने गांवों का रुख आसानी से कर सकेंगे। वहीं गढ़वाल मंडल की पारंपरिक 'इगास-बग्वाल' (बूढ़ी दीवाली) का अवकाश बुधवार (10 नवंबर) को पड़ रहा है। यदि कोई कर्मचारी सोमवार और मंगलवार या गुरुवार और शुक्रवार की एक या दो आकस्मिक छुट्टियां (CL) ले लेता है, तो वह पूरे पांच दिनों का मिनी वैकेशन प्लान कर सकता है।
सचिवालय और फील्ड कर्मचारियों के लिए छुट्टियों के अलग नियम
उत्तराखंड में छुट्टियों का लाभ सभी कर्मचारियों को एक समान नहीं मिलता। देहरादून स्थित उत्तराखंड सचिवालय, विधानसभा और कई निदेशालय 5-डे वीक (Five-Day Week) यानी सोमवार से शुक्रवार तक काम करते हैं। इन दफ्तरों के लिए शनिवार को पड़ने वाले त्योहार सीधे तौर पर छुट्टियों का नुकसान होते हैं। वहीं दूसरी तरफ, जिलों के कलेक्ट्रेट, तहसील, शिक्षा विभाग, पुलिस और फील्ड स्तर के अन्य सरकारी दफ्तरों में 6-डे वीक लागू रहता है, जहां केवल महीने के दूसरे शनिवार और सभी रविवार को ही आधिकारिक अवकाश होता है। ऐसे फील्ड कर्मियों के लिए शनिवार को पड़ने वाले त्योहार एक औपचारिक छुट्टी का फायदा जरूर दे जाते हैं।
टूरिज्म सेक्टर के लिए वरदान साबित होंगे ये लंबे वीकेंड
उत्तराखंड की आर्थिकी काफी हद तक पर्यटन और तीर्थाटन पर निर्भर करती है। जब भी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे मैदानी राज्यों में 3 से 4 दिनों का लगातार वीकेंड बनता है, तो मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश, लैंसडाउन, औली और चारधाम यात्रा मार्गों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है। आगामी वर्ष में गुड फ्राइडे, हरेला और दीवाली के दौरान मिलने वाले ये लंबे वीकेंड राज्य के होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों, टैक्सी चालकों और स्थानीय हस्तशिल्प व्यापारियों के लिए कारोबार के लिहाज से बेहद फलदायी साबित होंगे।