सिविल सेवा के बाद अब JEE और NEET की भी फ्री कोचिंग देगी योगी सरकार, 10वीं के मार्क्स बनेंगे चयन का आधार; जानें आवेदन का पूरा तरीका

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और होनहार छात्रों के सपनों को नई उड़ान देने के लिए एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए संचालित सफल 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' की तर्ज पर अब राज्य सरकार देश की दो सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रवेश परीक्षाओं—जेईई (JEE – इंजीनियरिंग) और नीट (NEET – मेडिकल) के लिए भी बड़े पैमाने पर मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम शुरू करने जा रही है।
अक्सर गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के मेधावी छात्र कोटा, दिल्ली या प्रयागराज जैसे बड़े शहरों के निजी कोचिंग संस्थानों की ₹1 लाख से ₹2.5 लाख तक की भारी-भरकम फीस वहन नहीं कर पाते। सरकार के इस कदम का सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसाधनों के अभाव में किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे का डॉक्टर या आईआईटीयन बनने का सपना अधूरा न रहे।
10वीं (हाईस्कूल) के प्राप्तांक बनेंगे चयन की मेरिट का मुख्य आधार
इस नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू चयन प्रक्रिया (Selection Process) को बेहद पारदर्शी और सरल बनाना है। समाज कल्याण विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा तैयार रूपरेखा के अनुसार:
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सीधे अंकों पर मेरिट: कोचिंग में प्रवेश के लिए अलग से कोई जटिल लिखित प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के बजाय छात्रों के कक्षा 10वीं (हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा) के प्राप्तांकों को ही चयन का प्राथमिक आधार बनाया जाएगा।
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विज्ञान और गणित पर विशेष वेटेज: जेईई (इंजीनियरिंग) के लिए 10वीं के गणित और विज्ञान के अंकों को आधार बनाकर मेरिट तैयार की जाएगी, जबकि नीट (मेडिकल) के लिए विज्ञान और समग्र प्राप्तांकों की वेटेज सूची तैयार होगी।
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बोर्ड समानता: यूपी बोर्ड (UP Board), सीबीएसई (CBSE) और सीआईएससीई (ICSE) के छात्रों के अंकों के लिए एक विशेष नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू किया जाएगा ताकि किसी भी बोर्ड के छात्र के साथ भेदभाव न हो।
जिला स्तर पर स्थापित होंगे आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लैब
योजना के तहत छात्रों को अपने जिले या घर से दूर भटकने की जरूरत नहीं होगी। सरकार प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला मुख्यालय स्तर पर विशेष शिक्षण केंद्र स्थापित कर रही है:
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स्मार्ट क्लासरूम और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी: चयनित राजकीय इंटर कॉलेजों (GIC) और जिला पुस्तकालयों में डिजिटल बोर्ड, प्रोजेक्टर और हाई-स्पीड इंटरनेट युक्त स्मार्ट क्लासरूम बनाए जा रहे हैं।
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हाइब्रिड लर्निंग मॉडल: योजना में ऑफलाइन क्लासरूम टीचिंग के साथ-साथ ऑनलाइन लाइव लेक्चर्स का हाइब्रिड मॉडल लागू किया जाएगा। प्रदेश के शीर्ष विषय विशेषज्ञ (Subject Matter Experts) और आईआईटी/एम्स के पूर्व छात्र केंद्रीय स्टूडियो से सीधे लाइव क्लास लेंगे, जिसे राज्य के सभी जिलों में एक साथ प्रसारित किया जाएगा।
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निःशुल्क डिजिटल स्टडी मटेरियल और टैबलेट: चयनित छात्रों को न केवल विशेषज्ञ फैकल्टी से मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि उन्हें उच्च स्तरीय अध्ययन सामग्री (Study Material), प्रश्न बैंक और मॉक टेस्ट सीरीज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। पात्र मेधावियों को डिजिटल अध्ययन के लिए सरकार की टैबलेट योजना से भी प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा।
नियमित डाउट-क्लियरिंग सेशंस और टेस्ट सीरीज का होगा आयोजन
जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का सबसे बड़ा सूत्र निरंतर अभ्यास और संदेह निवारण (Doubt Solving) होता है। इसके लिए कोचिंग केंद्रों पर विशेष व्यवस्था की जा रही है:
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नियमित मॉक टेस्ट: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पैटर्न पर हर 15 दिन में ऑनलाइन और ऑफलाइन मॉक टेस्ट आयोजित किए जाएंगे।
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मेंटरशिप प्रोग्राम: जिले में तैनात युवा आईएएस, आईपीएस, पीसीएस अधिकारियों के साथ-साथ राजकीय मेडिकल कॉलेजों और इंजीनियरिंग संस्थानों के फैकल्टी मेंबर्स सप्ताहांत (शनिवार और रविवार) को छात्रों के साथ व्यक्तिगत मेंटरशिप सेशंस करेंगे ताकि बच्चों का मानसिक तनाव दूर हो सके और उनका आत्मविश्वास बढ़े।
कौन कर सकेगा आवेदन और क्या हैं पात्रता की शर्तें
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मूल निवास: आवेदक छात्र उत्तर प्रदेश का स्थायी/मूल निवासी होना अनिवार्य है।
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शैक्षणिक योग्यता: छात्र ने किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से न्यूनतम निर्धारित अंकों के साथ 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की हो और वर्तमान में 11वीं या 12वीं (विज्ञान वर्ग – पीसीएम/पीसीबी) में नियमित अध्ययनरत हो।
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पारिवारिक आय सीमा: प्राथमिकता उन परिवारों के बच्चों को दी जाएगी जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय ₹6 लाख से कम है, ताकि समाज के जरूरतमंद वर्गों तक योजना का लाभ पहुंच सके।
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आरक्षण नियम: राज्य सरकार की मौजूदा आरक्षण नीति के अनुसार अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए सीटें आरक्षित रहेंगी।
ऑनलाइन पोर्टल पर जल्द शुरू होगी पंजीकरण की प्रक्रिया
समाज कल्याण विभाग बहुत जल्द मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के आधिकारिक पोर्टल (abhyuday.up.gov.in) पर जेईई और नीट फ्री कोचिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो खोलने जा रहा है।
छात्रों को अपने 10वीं के अंकपत्र (Marksheet), स्कूल का पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र के साथ ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। इसके बाद जिला स्तर पर गठित समिति मेरिट सूची जारी करेगी और चयनित छात्रों को सीधे बैच आवंटित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य आगामी बोर्ड परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षा चक्र को ध्यान में रखते हुए समय पर कक्षाएं शुरू करना है ताकि विद्यार्थियों को तैयारी के लिए पूरा समय मिल सके।