UP PET Exam: 30 अक्टूबर को यूपी पीईटी परीक्षा का महाआयोजन, परीक्षा केंद्र बने स्कूलों में रहेगा अवकाश; प्रशासन ने कसी कमर

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की सबसे बड़ी और बहुप्रतीक्षित परीक्षाओं में शुमार प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी यूपी पीईटी (UP PET Exam) को लेकर प्रदेश सरकार और प्रशासनिक अमले ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। 30 अक्टूबर को प्रदेश भर के 75 जिलों में हजारों केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस विशाल परीक्षा के सफल, पारदर्शी और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए शासन स्तर से कई बड़े और निर्णायक निर्देश जारी किए गए हैं। इसी क्रम में माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन सरकारी, सहायता प्राप्त अशासकीय और निजी विद्यालयों अथवा इंटर कॉलेजों को पीईटी का परीक्षा केंद्र (Exam Centre) बनाया गया है, उनमें परीक्षा दिवस के दिन सामान्य शिक्षण कार्य पूरी तरह स्थगित रहेगा और स्कूलों में आधिकारिक अवकाश रहेगा। राजधानी लखनऊ के हजरतगंज, आलमबाग, गोमती नगर, अलीगंज और इंदिरानगर जैसे प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों से लेकर कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, आगरा और मेरठ तक के सभी चिन्हित परीक्षा परिसरों में इस आदेश को कड़ाई से लागू करने के निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को भेज दिए गए हैं।
परीक्षा केंद्र बने विद्यालयों में छुट्टी का आदेश और उद्देश्य
यूपी पीईटी में प्रदेश के लाखों अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसके चलते केंद्रों पर व्यवस्था संभालना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होता है। आयोग और शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में अवकाश घोषित करने का प्राथमिक उद्देश्य परीक्षा की शुचिता, गोपनीयता और सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाना है। यदि सामान्य दिनों की तरह स्कूली छात्र-छात्राएं परिसर में उपस्थित रहेंगे, तो भारी सुरक्षा जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और परीक्षार्थियों के आवागमन में भारी अव्यवस्था फैलने की आशंका बनी रहती है। छुट्टी घोषित होने से पूरा विद्यालय परिसर केवल और केवल परीक्षा से संबंधित गतिविधियों के लिए सुरक्षित रहेगा। स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा से एक दिन पूर्व ही सभी कक्षाओं की समुचित साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, निर्बाध पेयजल आपूर्ति और फर्नीचर की उचित व्यवस्था सुनिश्चित कर लें। जिन शिक्षकों या शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षक (Invigilator) या केंद्र व्यवस्थापक के रूप में लगाई गई है, उन्हें अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा, जबकि सामान्य विद्यार्थियों के लिए विद्यालय के कपाट पूरी तरह बंद रहेंगे।
सीसीटीवी कैमरों से लाइव वेबकास्टिंग और एसटीएफ का कड़ा पहरा
परीक्षा में नकल विहीन माहौल तैयार करने और किसी भी प्रकार के सॉल्वर गैंग की सेंधमारी को रोकने के लिए प्रशासन ने तकनीक का व्यापक जाल बिछाया है। आयोग के कड़े निर्देशों के अनुसार, हर परीक्षा केंद्र के प्रत्येक कमरे में दो हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे वॉइस रिकॉर्डर के साथ लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों को जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम और लखनऊ स्थित आयोग के केंद्रीय कमांड सेंटर से सीधे लाइव वेबकास्टिंग के माध्यम से जोड़ा गया है। एसटीएफ (UP STF) और स्थानीय खुफिया एजेंसियों को सोशल मीडिया, कोचिंग सेंटरों और संदिग्ध गिरोहों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जा रही है। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि अनुचित साधनों का प्रयोग करने या पेपर लीक जैसी भ्रामक अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) कानून के तहत गैर-जमानती धाराओं, भारी जुर्माने और संपत्ति जब्ती जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षार्थियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश और रिपोर्टिंग टाइम
परीक्षा में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए आयोग ने प्रवेश पत्र के साथ विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना हर हाल में अनिवार्य है। परीक्षार्थियों को अपने एडमिट कार्ड के साथ मूल आधार कार्ड और उसकी एक स्वप्रमाणित फोटोकॉपी अनिवार्य रूप से लानी होगी। इसके अलावा दो हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ भी साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, पेजर, कैलकुलेटर या किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पूर्व केंद्र के मुख्य गेट पर उपस्थित होना होगा, क्योंकि बायोमेट्रिक हाजिरी और सघन फ्रिस्किंग के बाद परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले मुख्य द्वार पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। एक बार गेट बंद होने के बाद किसी भी परिस्थिति में विलंब से आने वाले अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलेगा।
परिवहन व्यवस्था और रेलवे स्टेशनों पर विशेष प्रबंधन
लाखों युवाओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने अपनी अतिरिक्त बसों के संचालन का खाका तैयार कर लिया है। परीक्षा से एक दिन पहले शाम से ही लखनऊ के चारबाग, कैसरबाग और अवध बस स्टेशन सहित सभी बड़े डिपो से अतिरिक्त फेरों की व्यवस्था की गई है ताकि दूर-दराज के जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही रेलवे प्रशासन ने भी प्रमुख रूटों पर परीक्षा स्पेशल अनारक्षित ट्रेनों और अतिरिक्त टिकट काउंटरों की व्यवस्था की है। रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर अत्यधिक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त पेट्रोलिंग टीमें तैनात रहेंगी। ट्रैफिक पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार का जाम न लगने पाए और प्रमुख चौराहों पर रूट डायवर्जन सुचारू रूप से लागू रखा जाए।
यूपी में सरकारी नौकरियों के लिए पीईटी का महत्व
उत्तर प्रदेश में ग्रुप-सी (समूह 'ग') के अंतर्गत आने वाले सभी बड़े पदों—जैसे लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी (VDO), कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant), गन्ना पर्यवेक्षक, वन रक्षक और मुख्य सेविका—की मुख्य परीक्षाओं (Mains Exam) में शामिल होने के लिए पीईटी का स्कोर कार्ड अनिवार्य पात्रता माना जाता है। आयोग द्वारा जारी पीईटी का परसेंटाइल स्कोर एक वर्ष की अवधि के लिए वैध रहता है। यही कारण है कि आगामी भर्ती विज्ञापनों में शॉर्टलिस्ट होने के लिए हर अभ्यर्थी इस परीक्षा में अधिकतम अंक लाने की पुरजोर कोशिश करता है। 30 अक्टूबर को होने जा रही इस परीक्षा को प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य की पहली सीढ़ी माना जा रहा है, जिसे पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन ने अपनी पूरी मशीनरी झोंक दी है।