Imran Khan Leave India Row: देश छोड़ने के नोटिस के बाद इमरान खान के समर्थन में उतरीं गर्लफ्रेंड लेखा वाशिंगटन, सोशल मीडिया पर लुटाया प्यार

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान इन दिनों अपनी निजी जिंदगी और विदेशी नागरिकता से जुड़े एक बड़े कानूनी विवाद के चलते सुर्खियों में हैं। मुंबई में हुए एक राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अधिकारियों द्वारा उन्हें 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने (Leave India Notice) का निर्देश दिया गया है। इस अप्रत्याशित और तनावपूर्ण स्थिति के बीच अभिनेता की पार्टनर और अभिनेत्री लेखा वाशिंगटन खुलकर उनके समर्थन में उतर आई हैं। सोशल मीडिया पर लेखा ने इमरान के प्रति अपना अटूट प्यार और समर्थन जताते हुए उनका हौसला बढ़ाया है। मुंबई के बांद्रा से लेकर दिल्ली के राजनीतिक और बॉलीवुड गलियारों तक इस पूरे घटनाक्रम ने तूल पकड़ लिया है, जहां एक तरफ विदेशी नागरिकों के अधिकारों को लेकर बहस छिड़ी है, वहीं दूसरी तरफ फैंस और करीबी लोग इस मुश्किल घड़ी में अभिनेता के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
क्या है इमरान खान का 'लीव इंडिया' विवाद और नोटिस की वजह
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब अभिनेता इमरान खान मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान के पास आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मौजूद थे। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और कजिन ज़ैन मैरी खान सहित कई लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद भाजपा नेता की शिकायत और विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के स्तर पर यह मामला पहुंचा। दरअसल, इमरान खान का जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन में हुआ था और वे जन्म से अमेरिकी नागरिक हैं तथा अमेरिकी पासपोर्ट धारक हैं। भारत में वे ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के जरिए रहते हैं। आव्रजन और विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के नियमों के अनुसार, भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों या ओसीआई कार्डधारकों को राजनीतिक गतिविधियों या बिना अनुमति प्रदर्शनों में भाग लेने की मनाही होती है। इसी नियम के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए मुंबई पुलिस और संबंधित एजेंसियों ने उन्हें 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का नोटिस थमा दिया।
लेखा वाशिंगटन ने सोशल मीडिया पर लुटाया प्यार और दिया साथ
इमरान खान को मिले इस कड़े नोटिस और कानूनी मुश्किलों के बीच उनकी गर्लफ्रेंड लेखा वाशिंगटन ने एक मजबूत स्तंभ की तरह उनका साथ दिया है। लेखा ने इंस्टाग्राम पर कई भावुक और दिल छू लेने वाली तस्वीरें व पोस्ट साझा करते हुए इमरान के प्रति अपना समर्थन जाहिर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे हर परिस्थिति में इमरान के साथ खड़ी हैं। इससे पहले प्रदर्शन वाले दिन हुए पूरे घटनाक्रम को साझा करते हुए भी लेखा ने एक लंबा नोट लिखा था, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे किसी राजनीतिक संगठन का हिस्सा नहीं हैं और केवल अपने दोस्तों की खैरियत जानने वहां गए थे। उस दौरान हिरासत में लिए जाने के बावजूद लेखा ने संयम बनाए रखा और अब जब इमरान पर देश छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है, तो लेखा का यह खुला समर्थन फैंस के बीच काफी सराहा जा रहा है। दोनों पिछले काफी समय से एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं और मुंबई में साथ रहते हैं।
बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में इमरान खान
अधिकारियों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम के खिलाफ इमरान खान कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। कानूनी जानकारों के मुताबिक, अभिनेता इस नोटिस को चुनौती देने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। उनकी लीगल टीम का तर्क है कि भारत में उनका पूरा परिवार, करियर और जीवन दशकों से स्थापित है और किसी शांतिपूर्ण जगह पर मौजूद रहने मात्र को राजनीतिक आंदोलन या वीजा नियमों का गंभीर उल्लंघन नहीं माना जा सकता। इमरान की मां नुजहत खान और अभिनेता आमिर खान के परिवार से ताल्लुक रखने के कारण उनका गहरा जुड़ाव भारत से है। कानूनी राहत के तौर पर वे कोर्ट से 28 अक्टूबर के इस आदेश पर अंतरिम रोक (Stay) लगाने की मांग कर सकते हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष सुनवाई हो सके।
बॉलीवुड कमबैक पर मंडराए संकट के बादल
इमरान खान ने साल 2008 में फिल्म 'जाने तू… या जाने ना' से अपने करियर की धमाकेदार शुरुआत की थी और 'डेली बेली', 'मेरे ब्रदर की दुल्हन' जैसी फिल्मों से युवाओं के दिलों में खास जगह बनाई। पिछले कुछ वर्षों से वे बड़े पर्दे से पूरी तरह दूर थे, लेकिन हाल ही में वे अपने बहुप्रतीक्षित बॉलीवुड कमबैक की तैयारियों में जुटे हुए थे। उनके फैंस लंबे समय से उनके नए प्रोजेक्ट्स का इंतजार कर रहे थे। ऐसे में अचानक सामने आए इस देश छोड़ने के नोटिस ने उनके करियर और आगामी प्रोजेक्ट्स पर एक बड़ा अनिश्चितता का बादल खड़ा कर दिया है। अगर अदालत से उन्हें तुरंत राहत नहीं मिलती है, तो उन्हें तय समय सीमा के भीतर भारत छोड़ना पड़ सकता है। फिलहाल सबकी निगाहें बॉम्बे हाईकोर्ट के संभावित रुख और इस मामले में केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।