खेल

20 ओवर में 300 रन बनाने का समय आ गया है, भारत-वेस्टइंडीज सीरीज की सपाट पिचों पर संजय मांजरेकर का तंज

क्रिकेट के खेल में पिछले कुछ सालों से बल्लेबाजों का दबदबा इस कदर बढ़ गया है कि गेंदबाजों के लिए मैदान पर सांस लेना भी मुश्किल होता जा रहा है। खेल के सबसे छोटे प्रारूप यानी टी20 क्रिकेट में अब रनों की बाढ़ आ चुकी है, जहां बड़े-बड़े स्कोर भी पानी की तरह बनते और चेज होते नजर आते हैं। इन दिनों भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही रोमांचक पांच मैचों की टी20 सीरीज इसका सबसे बड़ा जीवंत उदाहरण बन गई है। इस सीरीज में गेंदबाजों की लाचारी और ताबड़तोड़ चौकों-छक्कों की बारिश को देखकर देश के जाने-माने पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने मौजूदा पिचों और खेल के तौर-तरीकों पर एक तीखा और हैरान करने वाला तंज कसा है। मांजरेकर के इस बयान के बाद क्रिकेट जगत में एक बार फिर यह बहस छिड़ गई है कि क्या आधुनिक क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए कुछ बचा ही नहीं है?

भारत-वेस्टइंडीज टी20 सीरीज में बल्लेबाजों का तूफान और गेंदबाजों की लाचारी

भारत और वेस्टइंडीज के बीच चल रही इस टी20 सीरीज के आंकड़े किसी भी पारंपरिक क्रिकेट प्रेमी को हैरान करने के लिए काफी हैं। अभी तक खेले गए शुरुआती चार मुकाबलों में से तीन मैच ऐसे रहे हैं जिनमें दोनों टीमों ने मिलकर 200 से अधिक रनों का पहाड़ खड़ा किया है। इस सीरीज के दौरान हमने वह ऐतिहासिक मुकाबला भी देखा जिसमें वेस्टइंडीज ने 250 रनों के विशाल लक्ष्य को भी महज 19 ओवरों में सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज के कप्तान और स्टार खिलाड़ी शाई होप इस सीरीज में अब तक दो शानदार शतक जड़ चुके हैं।

हालात यह हो गए हैं कि मैदान चाहे कोई भी हो, पिच से तेज गेंदबाजों या स्पिनर्स को जरा भी मदद नहीं मिल रही है। टी20 क्रिकेट के इस दौर में अब 20 ओवर के खेल में 250 रन बनाना भी सुरक्षित स्कोर नहीं माना जाता है, जबकि एक समय ऐसा था जब वनडे क्रिकेट (50 ओवरों के खेल) में इतनी बड़ी संख्या में रन बनते थे। आज के दौर के बल्लेबाज बेहद निडर होकर मैदान पर उतरते हैं और पहली गेंद से ही बड़े शॉट खेलने का जोखिम उठाते हैं। हालांकि, बल्लेबाजों के इस आक्रामक रवैये के साथ-साथ पिचों के सपाट मिजाज और खेल के नए नियमों ने भी गेंदबाजों की कमर तोड़ कर रख दी है। इसी स्थिति पर कटाक्ष करते हुए संजय मांजरेकर ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी राय रखी है।

संजय मांजरेकर का तीखा तंज: "ताकि हम 20 ओवर में 300 रन बना सकें"

पूर्व भारतीय बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने आधुनिक क्रिकेट की इन सपाट पिचों और बल्लेबाजी के अनुकूल बनाए गए नियमों पर खुलकर तंज कसा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए लिखा, "मुझे सचमुच ऐसा लगता है कि पिचों को और अधिक फ्लैट बनाने, मैदान की बाउंड्री को और छोटा करने तथा गेंदबाजों के खिलाफ और अधिक सख्त नियम लाने की गुंजाइश बाकी है… ताकि हम आने वाले समय में 20 ओवरों के खेल में लगातार 300 रन बनते हुए देख सकें।"

मांजरेकर का यह तंज इस बात की ओर इशारा करता है कि जिस तरह से पिचों को बनाया जा रहा है और गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी की जा रही हैं, वह दिन दूर नहीं जब टी20 क्रिकेट में 300 रनों का आंकड़ा आम बात हो जाएगी। सीरीज के मुकाबलों की बात करें तो पहले टी20 में वेस्टइंडीज ने 172 रन बनाए थे जिसे भारत ने आसानी से 14.4 ओवरों में ही बना लिया। दूसरे मैच में भारत के 249 रनों के जवाब में वेस्टइंडीज ने 250 रन ठोक दिए। तीसरे मैच में भारत ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज 209 तक पहुंच गई। चौथे मैच में वेस्टइंडीज के 247 रनों के मुकाबले टीम इंडिया 223 रन ही बना सकी। इन सभी मैचों में गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेबस नजर आया है।

बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा सीरीज का फाइनल मुकाबला

टी20 सीरीज का यह रोमांचक सफर अब अपने अंतिम और सबसे निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुका है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का पांचवां और आखिरी मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के प्रसिद्ध एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम (M. Chinnaswamy Stadium) में खेला जाएगा। दोनों टीमें इस समय 2-2 की बराबरी पर खड़ी हैं, इसलिए यह मुकाबला किसी वर्चुअल फाइनल से कम नहीं है।

बेंगलुरु का यह मैदान अपनी छोटी बाउंड्री और रनों की बारिश के लिए पहले से ही दुनिया भर में मशहूर है। ऐसे में संजय मांजरेकर के तंज के बीच इस अंतिम मुकाबले में एक बार फिर रनों का सैलाब देखने को मिल सकता है। मैच का सीधा प्रसारण शाम 7:00 बजे से स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के विभिन्न चैनलों पर किया जाएगा, जबकि इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार (JioHotstar) ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या इस बार गेंदबाज अपनी साख बचा पाते हैं या बल्लेबाज एक बार फिर मैदान पर हावी रहते हैं।

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