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‘जब लता दीदी के सामने कांपने लगे थे कुमार सानू’: 34 साल पुराना वह यादगार किस्सा जब पहली बार ‘स्वर कोकिला’ संग गिया था गाना

भारतीय संगीत जगत में 'स्वर कोकिला' और 'भारत रत्न' लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनकी जादुई और रूहानी आवाज ने सात दशकों से अधिक समय तक करोड़ों संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। न सिर्फ आम दर्शक, बल्कि बॉलीवुड के बड़े-बड़े दिग्गज गायक भी लता दीदी के साथ स्टूडियो में खड़े होने भर से खुद को धन्य मानते थे। 90 के दशक के मशहूर और दिग्गज पार्श्व गायक कुमार सानू (Kumar Sanu) के जीवन में भी एक ऐसा ही अविस्मरणीय पल आया था, जब वे लता मंगेशकर के साथ अपना पहला गाना रिकॉर्ड करने गए थे। यह किस्सा आज से 34 साल पुराना है, जब अपनी बेहतरीन गायकी से देश-विदेश में धूम मचाने वाले कुमार सानू 'स्वर कोकिला' के सामने पूरी तरह नर्वस हो गए थे। आइए जानते हैं इस आइकॉनिक गाने और उससे जुड़े इस खूबसूरत संस्मरण के बारे में।

जब महान लता मंगेशकर के सामने पहली बार पहुंचे थे कुमार सानू

90 के दशक की शुरुआत में कुमार सानू अपनी कड़ी मेहनत और सुरीली आवाज के दम पर बॉलीवुड में अपनी एक अलग पहचान बना चुके थे। उस दौर के नए और उभरते हुए गायकों के लिए लता मंगेशकर के साथ duet (युगल गीत) गाना किसी बड़े सपने के सच होने जैसा था। जब कुमार सानू को पहली बार लता दीदी के साथ रिकॉर्डिंग करने का मौका मिला, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था, लेकिन इसके साथ ही उनके भीतर एक अजीब सा डर और घबराहट भी समाई हुई थी।

एक इंटरव्यू में इस किस्से को याद करते हुए कुमार सानू ने बताया था कि जब वे रिकॉर्डिंग स्टूडियो में पहुंचे और उन्होंने सामने लता मंगेशकर को बैठे देखा, तो उनके हाथ-पांव कांपने लगे थे। देश की सबसे बड़ी गायिका के साथ सुर से सुर मिलाना एक नौसिखिए या उभरते हुए कलाकार के लिए बहुत बड़ी चुनौती होती है। सानू साहब ने बताया था कि लता दीदी का सरल और विनम्र स्वभाव देखकर उनकी घबराहट तो कम हुई, लेकिन उस महान शख्सियत के साथ माइक के सामने खड़े होने का रोमांच और दबाव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।

साल 1992 में आया था यह आइकॉनिक और सदाबहार गीत

कुमार सानू और लता मंगेशकर की यह जादुई जुगलबंदी साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म 'नया सावन' (Naya Sawan) के जरिए सिल्वर स्क्रीन पर उतरी थी। इस फिल्म के इस खूबसूरत और रोमांटिक गाने के बोल थे— 'प्यार अगर तुम करते हो…' (Pyaar Agar Tum Karte Ho)।

यह वह दौर था जब कैसेट और रेडियो पर रोमांटिक गानों का दौर परवान चढ़ रहा था। इस गीत को मशहूर संगीतकार बप्पी लाहिरी (Bappi Lahiri) ने अपने बेहतरीन संगीत से सजाया था, जबकि इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार अंजान और इंदीवर ने लिखे थे। कुमार सानू और लता मंगेशकर की मीठी आवाजों का यह संगम जब रिकॉर्ड होकर बाहर आया, तो इसने श्रोताओं के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ी। आज भी जब 90 के दशक के क्लासिक गानों की बात होती है, तो इस सुरीले डुएट को बहुत प्यार से याद किया जाता है।

फिल्म 'नया सावन' की स्टार कास्ट और कहानी का ड्रामा

बात करें फिल्म 'नया सावन' की, तो यह सिर्फ अपने संगीत के लिए ही नहीं बल्कि अपनी अनोखी कहानी के लिए भी जानी जाती थी। इस फिल्म में उस दौर की खूबसूरत अभिनेत्री अश्विनी भावे (Ashwini Bhave) और दीपक सराफ मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी में अश्विनी भावे ने एक लोकप्रिय म्यूजिक बैंड की लीड सिंगर 'कविता' का किरदार निभाया था, जबकि उनके साथ जावेद जाफरी, लक्ष्मीकांत बेर्डे, आसिफ शेख और साहिल चड्ढा ने बैंड के अन्य सदस्यों के रूप में बेहतरीन भूमिकाएं निभाई थीं।

फिल्म की कहानी में ड्रामा तब शुरू होता है जब मुख्य अभिनेत्री की शादी हो जाती है, लेकिन उसके पति को उसकी बैंड के सदस्यों के साथ गहरी दोस्ती और पेशेवर जुड़ाव को स्वीकार करने में कठिनाई होती है। इस घरेलू शक, गलतफहमियों और पारिवारिक ड्रामे के बीच यह फिल्म आगे बढ़ती है। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले ही अलग तरह की रही हो, लेकिन इसमें लता मंगेशकर और कुमार सानू द्वारा गाया गया गाना आज भी संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट में अपनी खास जगह बनाए हुए है। यह गीत इस बात का गवाह है कि जब दो पीढ़ियों के महान कलाकार एक साथ माइक पर आते हैं, तो इतिहास कैसे बनता है।

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