LPG Cylinder Price Today: 2 नवंबर को गैस के दामों ने झटका दिया या राहत मिली? जानिए 14.2 किलो घरेलू और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के आज के ताजा रेट

नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही ऊर्जा और ईंधन बाजार में हलचल तेज हो गई है। महीने की पहली तारीख को देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (OMCs) जैसे इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) द्वारा एलपीजी सिलेंडरों की समीक्षा के बाद 2 नवंबर को नए रेट पूरी तरह से प्रभावी हो चुके हैं। त्योहारों, शादियों के आगामी सीजन और सर्दियों की दस्तक के बीच हर घर की रसोई और होटल-रेस्तरां कारोबारियों की नजर इस बात पर टिकी थी कि क्या इस बार गैस सिलेंडर के दामों में आम जनता की जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ डाला गया है। सुबह जारी हुई आधिकारिक दरों के अनुसार, जहां एक तरफ 19 किलोग्राम वाले नीले कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में ₹10 प्रति सिलेंडर का ताजा इजाफा किया गया है, वहीं दूसरी तरफ आम परिवारों और गृहिणियों के लिए सबसे बड़ी राहत यह रही है कि 14.2 किलोग्राम वाले लाल घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को पूरी तरह स्थिर रखा गया है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि देश के महानगरों से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों के प्रमुख शहरों में आज गैस सिलेंडर भरवाने के लिए आपको कितने रुपये चुकाने होंगे।
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर पर महंगाई का झटका: जानिए महानगरों में आज के ताजा भाव
होटल, ढाबा, कैटरिंग और छोटे फूड स्टॉल चलाने वाले व्यापारियों के लिए नवंबर की शुरुआत लागत में बढ़ोतरी लेकर आई है। सरकारी तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹10 की बढ़ोतरी कर दी है। इस संशोधन के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर ₹2,810 से बढ़कर अब ₹2,820 का हो गया है। आर्थिक राजधानी मुंबई में इसकी कीमत बढ़कर लगभग ₹2,774.50 के स्तर पर पहुंच गई है। वहीं पूर्वी महानगर कोलकाता में कमर्शियल सिलेंडर का दाम लगभग ₹2,964 हो गया है। दक्षिण भारत की बात करें तो चेन्नई में सबसे ज्यादा करीब ₹11.50 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके चलते वहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर लगभग ₹2,987 से ₹2,990 के दायरे में बिक रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने 1 अक्टूबर को भी कंपनियों ने कमर्शियल गैस में बढ़ोतरी की थी। लगातार दूसरे महीने दाम बढ़ने से फूड एंड बेवरेज सेक्टर के परिचालन खर्च में सीधा उछाल आया है, जिसका असर बाहर खाना खाने या नाश्ता करने वाले आम नागरिकों के बिल पर दिख सकता है।
घरेलू रसोई को बड़ी राहत: 14.2 किलो वाले लाल सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं
त्योहारों के इस मौसम में मध्यम वर्गीय परिवारों के घरेलू बजट को सुरक्षित रखते हुए तेल कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। दिल्ली में सामान्य घरेलू उपभोक्ता को 14.2 किलो का सिलेंडर ₹942 के पुराने रेट पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। मुंबई में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की दर लगभग ₹942.50 है। कोलकाता में यह दर ₹969 के आसपास बनी हुई है, जबकि चेन्नई में घरेलू गैस सिलेंडर ₹958.50 के भाव पर मिल रहा है। स्थानीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण अलग-अलग शहरों में कुछ रुपयों का अंतर जरूर रहता है, लेकिन मूल दर में कोई फेरबदल न होने से गृहिणियों ने राहत की सांस ली है। त्योहारी पकवानों और सर्दियों के मौसम में रसोई गैस की दैनिक खपत स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है, ऐसे में स्थिर कीमतें आम आदमी के मासिक वित्तीय संतुलन को बिगड़ने से बचाती हैं।
लखनऊ, नोएडा और टियर-2 शहरों में आज एलपीजी का क्या है गणित?
राज्यों में लागू होने वाले स्थानीय वैट (VAT) और फ्रेट चार्ज (ढुलाई खर्च) के आधार पर देश के विभिन्न टियर-2 और टियर-3 शहरों में एलपीजी के दाम भिन्न होते हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर लगभग ₹980 से ₹982 के आसपास स्थिर है, जबकि यहां 19 किलो वाला कमर्शियल सिलेंडर ₹2,935 के पार पहुंच चुका है। दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में घरेलू सिलेंडर ₹940 के दायरे में मिल रहा है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर ₹2,815 के आसपास दर्ज किया गया है। बिहार के पटना में भौगोलिक दूरी और अतिरिक्त परिवहन खर्च के कारण घरेलू सिलेंडर का भाव लगभग ₹1,001 के करीब बना हुआ है और कमर्शियल सिलेंडर ₹3,050 के पार चल रहा है। राजस्थान के जयपुर में घरेलू सिलेंडर लगभग ₹946.50 और मध्य प्रदेश के भोपाल में करीब ₹948.50 की दर पर उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। स्थानीय डीलरों के अनुसार 2 नवंबर को बुकिंग कराने वाले ग्राहकों को इन संशोधित दरों के अनुसार ही इनवॉइस जारी की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और डॉलर के उतार-चढ़ाव से दाम क्यों बदलते हैं?
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा सऊदी अरब और खाड़ी देशों से आयात करता है। घरेलू बाजार में एलपीजी की कीमतों का निर्धारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सऊदी अरामको द्वारा तय किए जाने वाले कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (CP) और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर पर निर्भर करता है। पिछले कुछ हफ्तों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और सर्दियों की बढ़ती मांग के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रोपेन और ब्यूटेन के बेंचमार्क दामों में मजबूती देखी जा रही है। साथ ही आयात लागत में डॉलर की मजबूती भी एक अहम भूमिका निभाती है। यही वजह है कि तेल विपणन कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय लागत के अंतर को पाटने के लिए कमर्शियल श्रेणी में ₹10 की मामूली वृद्धि की है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं को महंगाई के झटके से बचाने के लिए सब्सिडी और सरकारी संरक्षण तंत्र के तहत स्थिर रखा गया है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए क्या है वास्तविक कीमत?
केंद्र सरकार द्वारा कमजोर आय वर्ग की महिलाओं को दिए जाने वाले प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के कनेक्शनधारकों के लिए राहत का दायरा और भी व्यापक है। सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना के तहत प्रति वर्ष 12 सिलेंडरों (14.2 किलो) तक पर ₹300 प्रति सिलेंडर की सीधी वित्तीय सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि जहां सामान्य उपभोक्ता दिल्ली में ₹942 का भुगतान करता है, वहीं उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को सब्सिडी समायोजन के बाद सिलेंडर की प्रभावी लागत मात्र ₹642 के करीब पड़ती है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों में यह योजना स्वच्छ ऊर्जा को किफायती बनाए रखने में मील का पत्थर साबित हो रही है, जिससे ग्रामीण महिलाएं लकड़ी और उपले के धुएं से मुक्त रह सकें।
होटल, रेस्तरां और शादियों के कैटरिंग खर्च पर क्या पड़ेगा इस बढ़ोतरी का असर?
नवंबर का महीना आते ही देश भर में वैवाहिक कार्यक्रमों और मांगलिक आयोजनों का विशाल सीजन शुरू हो जाता है। ऐसे समय में हलवाइयों, टेंट कैटरर्स, बड़े होटलों और सड़क किनारे के ढाबों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडरों की खपत सामान्य महीनों की तुलना में दोगुनी से तीन गुनी तक बढ़ जाती है। प्रति सिलेंडर ₹10 की बढ़ोतरी देखने में बहुत बड़ी नहीं लगती, लेकिन 50 से 100 सिलेंडर का दैनिक उपभोग करने वाले प्रतिष्ठानों के लिए यह मासिक बजट में हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च जोड़ देती है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों का मानना है कि खाद्य तेल, सब्जियों और किराना सामानों की मौजूदा कीमतों के बीच गैस के दामों में लगातार हो रही क्रमिक बढ़ोतरी से मेन्यू की कीमतों को नियंत्रित रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। यदि आने वाले महीनों में यह रुझान जारी रहा, तो शादी के कैटरिंग पैकेजों और रेस्टोरेंट में डाइन-इन के बिलों में 3 से 5 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिल सकता है।
5 किलो वाले 'छोटू' सिलेंडर की आज की स्थिति और बुकिंग का आसान तरीका क्या है?
महानगरों में अकेले रहने वाले छात्रों, कामकाजी युवाओं और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलोग्राम वाला 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (FTL) यानी 'छोटू' सिलेंडर सबसे लोकप्रिय विकल्प है। 2 नवंबर को 5 किलो वाले रिफिल की कीमत दिल्ली में लगभग ₹782 पर स्थिर है, जबकि नया कनेक्शन लेने पर इसकी कुल लागत ₹1,903 के आसपास बैठती है। उपभोक्ता अब बिना किसी पते के प्रमाण पत्र (Address Proof) के केवल आधार कार्ड दिखाकर अपने नजदीकी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी से यह 5 किलो का सिलेंडर तुरंत खरीद सकते हैं। इसके अलावा, सामान्य 14.2 किलो और 19 किलो के सिलेंडरों की बुकिंग के लिए इंडियन ऑयल का 'इंडेन', भारत गैस और एचपी गैस ने व्हाट्सएप और मिस्ड कॉल सेवाएं सक्रिय रखी हैं। ग्राहक अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबंधित कंपनी के व्हाट्सएप बॉट पर 'REFILL' लिखकर भेजकर या मिस्ड कॉल देकर 2 मिनट के भीतर बुकिंग और डिजिटल पेमेंट की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं, जिससे सिलेंडर की डिलीवरी सीधे उनके पते पर सुरक्षित रूप से सुनिश्चित हो जाती है।