महायुति में रावण कौन? शिंदे ने बिना नाम लिए छोड़ा ऐसा तीर, हिल गई पूरी महाराष्ट्र सरकार

News India Live, Digital Desk: आप सोच रहे होंगे कि विधानसभा चुनाव तो हो गए, सरकार भी बन गई, अब क्या बवाल है? अरे भाई, पिक्चर अभी बाकी है। महाराष्ट्र में अब नगर निकाय चुनाव (Municipal Elections) का बिगुल बजने वाला है और इस बार लड़ाई विरोधियों से ज्यादा ‘दोस्तों’ के बीच ही छिड़ गई है। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं महायुति (Mahayuti) की।हाल ही में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख Eknath Shinde ने ऐसा रूप दिखाया है, जिसे देखकर अच्छे-अच्छों के पसीने छूट गए हैं। इस बार उनका गुस्सा विपक्ष पर नहीं, बल्कि प्रशासन के उन अधिकारियों पर फूटा है, जो कथित तौर पर उनके कार्यकर्ताओं को परेशान कर रहे हैं।चलिए, आपको आसान भाषा में पूरा किस्सा बताते हैं।शिंदे ने दी ‘खुली चेतावनी’दरअसल, हुआ यह कि चुनाव सर पर हैं और सियासी तापमान बढ़ा हुआ है। इसी बीच खबर आई कि पुलिस और प्रशासन शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं पर दबाव बना रहे हैं। बस फिर क्या था, शिंदे ‘सिंघम’ वाले मूड में आ गए!सतारा के फलटण में एक रैली के दौरान एकनाथ शिंदे ने माइक थामते ही अफसरों को दो टूक कह दिया— “कान खोलकर सुन लो, कोई भी गैरकानूनी काम नहीं करेगा। अगर किसी ने मेरे शिवसैनिकों को परेशान किया या उनके साथ अन्याय किया, तो उसे एकनाथ शिंदे के गुस्से का सामना करना पड़ेगा।”उन्होंने साफ कहा, “मुझे पता है कौन क्या खेल खेल रहा है। मैं चुप हूँ इसका मतलब ये नहीं कि मुझे कुछ नहीं पता। सबके राज मेरी जेब में हैं!” सोचिए, डिप्टी सीएम खुद अपने ही प्रशासन को हड़का रहे हैं, इसका मतलब मामला कितना गंभीर होगा।क्यों आया इतना गुस्सा? (असली वजह)अब आप पूछेंगे कि अचानक इतना गुस्सा क्यों? इसके पीछे एक ताज़ा घटना है। Sindhudurg में शिंदे गुट के फायरब्रांड नेता Nilesh Rane के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली। आरोप है कि राणे ने बीजेपी के एक कार्यकर्ता के घर में घुसपैठ की थी। राणे का दावा था कि उस घर में चुनाव के लिए पैसे (Cash for Votes) रखे हुए थे।अब पुलिस ने राणे पर ही केस कर दिया, तो शिंदे भड़क गए। इसे सीधे तौर पर बीजेपी (जो गृह विभाग भी संभालती है) और शिंदे सेना के बीच की नूरा-कुश्ती माना जा रहा है।’रावण’ वाली पॉलिटिक्सबात यहीं नहीं रुकी। पालघर के Dahanu में एक और रैली में शिंदे ने इशारों-इशारों में अपनी सहयोगी बीजेपी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा, “रावण भी बहुत शक्तिशाली था, लेकिन उसका अहंकार उसे ले डूबा। उसकी लंका जल गई।”राजनीति के जानकारों का कहना है कि शिंदे का इशारा उन नेताओं की तरफ था जो चुनाव जीतने के बाद ‘हवा’ में उड़ रहे हैं। अब महायुति में ‘अहंकारी’ किसे बोला जा रहा है, ये तो आप भी समझ सकते हैं!आगे क्या होगा?दिसंबर में होने वाले निकाय चुनावों में बीजेपी और शिंदे सेना कई जगह आमने-सामने लड़ रही है। कहने को तो दोनों ‘दोस्त’ हैं, लेकिन जमीन पर कार्यकर्ता एक-दूसरे को फूटी आँख नहीं सुहा रहे। शिंदे की यह चेतावनी बताती है कि वो दबने वाले नहीं हैं, चाहे सामने अपना सहयोगी दल ही क्यों न हो।