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राजनीति में दुश्मनी भूल गए? निर्मला सीतारमण ने की तारीफ तो उमर अब्दुल्ला ने दिया ऐसा प्यारा जवाब

News India Live, Digital Desk: भारतीय राजनीति (Indian Politics) में हम अक्सर क्या देखते हैं? आरोप-प्रत्यारोप, तीखी बहस और एक-दूसरे पर कीचड़ उछालना। टीवी डिबेट हो या संसद, माहौल अक्सर गर्म ही रहता है। लेकिन कभी-कभी कुछ ऐसे पल आते हैं जो यह एहसास दिलाते हैं कि राजनीति से ऊपर भी कुछ है और वो है देश और राज्य की तरक्की।हाल ही में संसद में कुछ ऐसा ही हुआ जिसने सबका ध्यान खींचा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) के बीच एक ऐसा संवाद हुआ, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं “लोकतंत्र की खूबसूरती यही है।”आइए, आसान भाषा में जानते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ जो सुर्खियों में छाया हुआ है।निर्मला सीतारमण ने क्यों की तारीफ?आमतौर पर बीजेपी (BJP) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) की विचारधारा एकदम अलग है। दोनों एक-दूसरे के धुर विरोधी माने जाते हैं। लेकिन संसद में जब जम्मू-कश्मीर के बजट और विकास पर बात हो रही थी, तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजनीति को किनारे रख दिया।उन्होंने उमर अब्दुल्ला की तारीफ करते हुए कहा कि वे (उमर) वित्तीय मामलों को लेकर बहुत गंभीर और समझदार हैं। निर्मला जी ने माना कि जम्मू-कश्मीर की नई सरकार और सीएम, राज्य की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए सही दिशा में प्रयास कर रहे हैं। केंद्र के पैसे का सही इस्तेमाल कैसे हो, इस पर उमर की संजीदगी की उन्होंने सराहना की।एक विरोधी पार्टी के नेता के मुंह से अपनी तारीफ सुनना, वो भी संसद में यह वाकई बड़ी बात थी।उमर अब्दुल्ला का ‘मीठा’ जवाबअब बारी थी सीएम उमर अब्दुल्ला की। अगर कोई और नेता होता तो शायद इस तारीफ में भी कोई सियासी पेंच ढूंढ लेता, लेकिन उमर ने बहुत ही बड़प्पन और ग्रेस (Grace) के साथ जवाब दिया।उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ पर वित्त मंत्री का वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि वह वित्त मंत्री के इन दयालु शब्दों के लिए बहुत आभारी हैं। उन्होंने बहुत ही सुलझे हुए अंदाज में कहा, “हम (राज्य सरकार) केंद्र के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों का भला हो सके। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन विकास में हम साथ हैं।”उनके इस जवाब ने सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत लिया।इसका मतलब क्या है? (आम जनता के लिए)दोस्तों, यह हम सबके लिए एक बहुत अच्छा संकेत है।विकास की रफ़्तार: जब केंद्र सरकार और राज्य सरकार (भले ही अलग पार्टियों की हों) एक-दूसरे का सम्मान करती हैं, तो फैसले जल्दी लिए जाते हैं और जनता को फायदा मिलता है।नकारात्मकता कम: यह बताता है कि हर वक्त लड़ना जरुरी नहीं। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य के लिए केंद्र और सीएम का तालमेल बहुत जरूरी है।

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