फ्लाइट कैंसिल हुई या लेट? अब एयरलाइन को देना होगा ₹10,000 तक का हर्जाना! जान लें अपने ये जरूरी अधिकार

क्या आपकी फ्लाइट भी कभी अचानक कैंसिल हो गई है?या घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करने के बाद पता चला कि फ्लाइट लेट है?हवाई सफर के दौरान ऐसी परेशानियां आम हैं,लेकिन अब आपको चुपचाप यह सब सहने की जरूरत नहीं है. भारत सरकार के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA)ने कुछ ऐसे सख्त नियम बनाए हैं,जो इन स्थितियों में आपके अधिकारों की रक्षा करते हैं.अगर एयरलाइन की गलती से आपको परेशानी होती है,तो वे आपको मुआवजा देने के लिए बाध्य हैं. चलिए,इसे आसान भाषा में समझते हैं कि अलग-अलग स्थितियों में आपके क्या अधिकार हैं.1.अगर आपकी फ्लाइट लेट (Delay)हो तो?आपने समय पर चेक-इन कर लिया,लेकिन एयरपोर्ट पर पता चलता है कि फ्लाइट लेट है,तोDGCAके नियम साफ कहते हैं कि एयरलाइन को आपको कुछ सुविधाएं देनी होंगी:खाना-पानी की व्यवस्था:अगर2.5घंटे तक की उड़ान2घंटेया उससे ज़्यादा लेट है.अगर2.5से5घंटे की उड़ान3घंटेया उससे ज़्यादा लेट है.अगर5घंटे से ज़्यादा की उड़ान4घंटेया उससे ज़्यादा लेट है.इन सभी स्थितियों में,एयरलाइन को आपको इंतजार के दौरान मुफ्त में भोजन और पानी या रिफ्रेशमेंट देना होगा.रिफंड या दूसरी फ्लाइट का विकल्प:अगर आपकी घरेलू उड़ान6घंटेसे ज़्यादा लेट है,तो एयरलाइन को या तो आपको6घंटे के भीतर कोई दूसरी फ्लाइट देनी होगीया फिर आपकेटिकट का पूरा पैसा वापसकरना होगा.होटल में रुकने की व्यवस्था:अगर आपकी फ्लाइट24घंटेसे ज़्यादा लेट है,यारात8बजे से सुबह3बजे के बीच की फ्लाइट6घंटेसे ज़्यादा लेट है,तो एयरलाइन को आपके लिए होटल में रुकने और वहां तक आने-जाने के ट्रांसपोर्ट का इंतजाम भी करना होगा.2.अगर फ्लाइट ही कैंसिल (Cancel)हो जाए तो?एयरलाइन की यह जिम्मेदारी है कि वह आपको फ्लाइट कैंसिल होने की सूचना कम से कम दो हफ्ते पहले दे. अगर वे ऐसा नहीं करते,तो आपको हर्जाना मिलेगा:अगर सूचना नहीं दी गई:अगर एयरलाइन आपको समय पर सूचना नहीं देती और इस वजह से आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट भी छूट जाती है,तो आपको टिकट का पूरा रिफंड और साथ में मुआवजा भी मिलेगा.कितना मिलेगा मुआवजा?1घंटे तक की फ्लाइट के लिए:₹5,0001से2घंटे की फ्लाइट के लिए:₹7,5002घंटे से ज़्यादा की फ्लाइट के लिए:₹10,000(या फिर एक तरफ का किराया + फ्यूल चार्ज,जो भी कम हो)3.ओवरबुकिंग: जब सीट से ज़्यादा टिकट बिक जाएंकई बार एयरलाइंस सीट से ज़्यादा टिकट बेच देती हैं. ऐसे में अगर आपके पास कन्फर्म टिकट है,फिर भी आपको फ्लाइट में चढ़ने से मना कर दिया जाता है,तो:1घंटे के भीतर दूसरी फ्लाइट:एयरलाइन की पहली कोशिश होगी कि आपको एक घंटे के अंदर कोई दूसरी फ्लाइट दे.अगर ऐसा नहीं कर पाए तो मुआवजा:अगर दूसरी फ्लाइट24घंटे के अंदर मिलती है: टिकट केएक तरफ के किराए का200% +फ्यूल चार्ज.अगर दूसरी फ्लाइट24घंटे के बाद मिलती है: टिकट केएक तरफ के किराए का400% +फ्यूल चार्ज.अगर आप दूसरी फ्लाइट लेने से मना कर देते हैं:टिकट का पूरा रिफंड + एक तरफ के किराए का400%.अपना हर्जाना कैसे क्लेम करें?सबूत संभाल कर रखें:अपना टिकट,बोर्डिंग पास,बुकिंग आईडी और होटल-खाने के बिल जैसे सभी जरूरी दस्तावेज़ अपने पास रखें.एयरलाइन से शिकायत करें:सबसे पहले एयरलाइन के शिकायत पोर्टल पर अपनी कंप्लेंट दर्ज कराएं. नियम के अनुसार,उन्हें30दिनों के भीतर आपकी समस्या का समाधान करना होगा.एयर सेवा पोर्टल पर जाएं:अगर एयरलाइन आपकी नहीं सुनती है,तो आप सरकार केएयर सेवा पोर्टल (airsewa.gov.in)पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं.कब नहीं मिलेगा मुआवजा?एक बात ध्यान रखें,अगर फ्लाइट आपकी वजह से छूटी है या फिर ऐसी किसी वजह से कैंसिल/लेट हुई है जो एयरलाइन के नियंत्रण से बाहर है (जैसे खराब मौसम,राजनीतिक अशांति,सुरक्षा कारण),तो आपको मुआवजा नहीं मिलेगा.