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UP की करोड़ों बेटियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी! अब मायके से नाम कटाए बिना ससुराल में मिलेगा राशन

शादी के बाद एक बेटी जब ससुराल जाती है,तो उसे कई नई जिम्मेदारियों और नियमों से तालमेल बिठाना पड़ता है। लेकिन इन सबके बीच,उसकी एक बहुत बड़ी टेंशन होती थी अपने हिस्से का राशन! पहले मायके के राशन कार्ड से नाम कटवाओ,फिर महीनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटो,तब जाकर कहीं ससुराल के कार्ड में नाम जुड़ता था।इस लंबी और थकाऊ प्रक्रिया में कई बार महीनों तक गरीब परिवारों को उस बेटी के हिस्से का अनाज ही नहीं मिल पाता था। लेकिन अब यह सब बीती बातें हो गईं!उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐसा क्रांतिकारी फैसला लिया है,जो राज्य की लाखों नवविवाहित बेटियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब आपकोमायके के राशन कार्ड से अपना नाम कटवाने का कोई झंझट नहीं पालना पड़ेगा!नई व्यवस्था क्या है और कैसे मिलेगा फायदा?इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझिए। अब आपका नामसीधे मायके के कार्ड से ससुराल के कार्ड में’ट्रांसफर’हो जाएगा। यह सब कुछ ऑनलाइन होगा। आपको बस कुछ आसान से कदम उठाने हैं:एक छोटा सा ऑनलाइन फॉर्म भरें:इस फॉर्म में आपको अपने मायके और ससुराल,दोनों के राशन कार्ड का नंबर और अपना आधार नंबर डालना होगा।शादी के सर्टिफिकेट की भी जरूरत नहीं:आपको अलग से शादी का प्रमाण पत्र जमा करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी।नाम अपने आप ट्रांसफर:फॉर्म जमा होते ही,आपका नाम (यूनिट) मायके से हटकर ससुराल के कार्ड में अपने आप जुड़ जाएगा।अगर आपके ससुराल में पहले से कोई राशन कार्ड नहीं बना है,तो भी चिंता की कोई बात नहीं। आपके नाम से नया कार्ड बनाकर यूनिट को उसमें जोड़ दिया जाएगा।पहले की मुसीबतों का हुआ अंतयाद कीजिए वो दिन…घंटों तक राशन ऑफिस की लंबी लाइनों में खड़े रहना।बाबुओं और अफसरों के चक्कर काटना।और इस पूरी भागदौड़ में महीनों तक अपने हक का अनाज न मिल पाना।ग्रामीण इलाकों में तो यह और भी मुश्किल होता था। लेकिन अब यह सब’डिजिटल इंडिया’की ताकत से बदल गया है।आवेदन कैसे करें? (सिर्फ15दिन में काम पूरा!)पूरी प्रक्रिया बच्चों का खेल जैसी है:सबसे पहले,खाद्य और रसद विभाग कीआधिकारिक वेबसाइटपर जाएं।वहां’यूनिट ट्रांसफर’ (Unit Transfer)का ऑप्शन चुनें।ऑनलाइन फॉर्म में पूछी गई जानकारी ध्यान से भरें और सबमिट कर दें।बस,हो गया आपका काम!15दिनों के अंदरआपका नाम वेरीफाई होकर ससुराल के कार्ड में जुड़ जाएगा और आप वहां की दुकान से अपना राशन लेना शुरू कर सकती हैं।हर महिला को मिलेगा अपने हक का5किलो अनाजइस बदलाव से अब हर शादीशुदा महिला को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA)के तहत अपने हिस्से का5किलो मुफ्त अनाजबिना किसी रुकावट के मिलता रहेगा।यह फैसला सिर्फ एक सरकारी नियम नहीं है,बल्कि यह उन लाखों बेटियों के सम्मान और हक को दी गई एक नई पहचान है,जो शादी के बाद भी अपने हिस्से के राशन के लिए परेशान होती थीं।

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