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Soldier Angel Chakma : पापा, अब बहुत हुआ, रिटायरमेंट ले लो, शहीद जवान की बेटी की वो आखिरी जिद, जो अधूरी रह गई

News India Live, Digital Desk : सरहद पर तैनात एक सैनिक के परिवार के लिए हर फोन कॉल खुशियां और फिक्र दोनों लेकर आता है। लेकिन बीएसएफ (BSF) जवान एंजेल चाकमा के परिवार को क्या पता था कि जिस फोन पर वे लंबी बातें कर रहे हैं, वो उनके पिता की आखिरी आवाज होगी। यह कहानी है उस दर्द की, जो एक बेटी आज भी महसूस कर रही है एक ऐसा अधूरा वादा, जो अब कभी पूरा नहीं होगा।’पापा, अब तो VRS ले लो’खबरों के मुताबिक, अपनी शहादत से कुछ ही वक्त पहले एंजेल चाकमा ने घर पर फोन किया था। उनकी बेटी से काफी लंबी बात हुई। बातचीत के दौरान बेटी ने बड़े ही प्यार और चिंता भरे लहजे में अपने पापा से कहा था, “पापा, आपने देश की बहुत सेवा कर ली। अब और नहीं। अब आप वीआरएस (VRS) यानी वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लीजिए और घर वापस आ जाइए। हमें आपकी जरूरत है।”एक बेटी का यह कहना कि ‘पापा घर आ जाओ’, सिर्फ एक इच्छा नहीं, बल्कि वो डर था जो हर फौजी के बच्चे के मन में हमेशा बना रहता है। एंजेल चाकमा ने शायद बेटी को समझाया भी होगा, वादा भी किया होगा, लेकिन किसे पता था कि वो वादा सरहद की किसी नापाक साजिश के आगे हार जाएगा।एक हमले ने सब छीन लियाजिस पिता से बेटी अगले कुछ महीनों में घर आने की उम्मीद लगा रही थी, उसी पिता की शहादत की खबर घर पहुंची। हमले के बाद जब खबर मिली कि एंजेल चाकमा अब इस दुनिया में नहीं रहे, तो मानो पहाड़ टूट पड़ा। बेटी के कान में आज भी वो बातें गूंज रही होंगी, जो उसने फोन पर अपने पिता से कही थीं।देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदानएंजेल चाकमा सिर्फ एक पिता नहीं थे, वो देश की उन दीवारों में से एक थे जो हमें चैन की नींद सोने देते हैं। लेकिन उनकी इस शहादत के पीछे जो परिवार रह गया है, उसकी चीखें हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि वर्दी पहनने वालों की कीमत उनका परिवार किस कदर चुकाता है।एक बहादुर पिता की बेटी होना गर्व की बात तो है, लेकिन वो कमी जो उस फोन कॉल के कटने के बाद आई है, उसे शायद वक्त भी नहीं भर पाएगा। एंजेल चाकमा ने देश के लिए जान दी, और पीछे छोड़ गए वो शब्द— ‘पापा, अब रिटायरमेंट ले लो।’

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