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दूसरा विराट कोहली मिल गया? 2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले पूर्व क्रिकेटर ने कर दी अब तक की सबसे बड़ी भविष्यवाणी

News India Live, Digital Desk : जब से विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया है, हर भारतीय क्रिकेट फैन के दिल में बस एक ही सवाल है “अब आगे क्या?” कौन लेगा उनकी जगह? 2026 का टी20 वर्ल्ड कप, जो भारत और श्रीलंका में होने वाला है, वहां टीम इंडिया की नैया कौन पार लगाएगा?हम अक्सर नए खिलाड़ियों में अपने पुराने हीरोज की झलक ढूंढते हैं। और अब, भारतीय क्रिकेट के एक पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने उस सवाल का जवाब देने की कोशिश की है जो हम सब पूछ रहे हैं। उनका मानना है कि भारत के पास एक ऐसा युवा हीरा मौजूद है, जो बिल्कुल विराट कोहली के नक्शेकदम पर चल रहा है।वो कौन है जिसमें दिखती है ‘विराट’ छवि?क्रिकेट गलियारों में आजकल सबसे ज्यादा चर्चा शुभमन गिल (Shubman Gill) और यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) की है। लेकिन जिस तरह के “क्लास”, “तकनीक” और “बड़ी पारी खेलने की भूख” की बात पूर्व क्रिकेटर्स कर रहे हैं, वो इशारा साफ़ तौर पर शुभमन गिल की तरफ जाता है।पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने एक बहुत पते की बात कही है। उन्होंने कहा कि विराट कोहली की सबसे बड़ी खासियत क्या थी? निरंतरता (Consistency) और मुश्किल समय में टिके रहना। आज के टी20 दौर में जहां हर कोई बस बल्ला घुमाना चाहता है, वहां एक ऐसा खिलाड़ी चाहिए जो एंकर भी बन सके और वक्त आने पर गियर बदल सके। और यह काबिलियत इस वक्त अगली पीढ़ी में सबसे ज्यादा गिल में नजर आती है।”विराट बनना आसान नहीं, पर काबिलियत पूरी है”तुलना करना आसान होता है, लेकिन विराट कोहली बनना आसान नहीं। 15 साल तक दुनिया के हर कोने में रन बनाना एक तपस्या है। लेकिन जानकारों का कहना है कि जिस तरह से यह युवा खिलाड़ी (संभावित गिल) अपने खेल को सुधार रहा है, जिस तरह से वो दबाव सोखता है और क्लासिकल शॉट्स के साथ रन गति बढ़ाता है, वो हमें कोहली के शुरूआती दिनों की याद दिलाता है।2026 के वर्ल्ड कप में भारत को सिर्फ ‘हिटर्स’ नहीं चाहिए, भारत को एक ‘लीडर’ चाहिए जो क्रीज़ पर खड़ा रहे। पूर्व क्रिकेटर का मानना है कि आने वाले दो साल इस खिलाड़ी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होने वाले हैं। अगर उसे सही मौके और भरोसा दिया गया, तो 2026 में हम शायद एक नए ‘किंग’ का राज्याभिषेक होते हुए देखेंगे।जिम्मेदारी का बोझ या मौका?कोहली की जगह लेना कांटों का ताज पहनने जैसा है। उम्मीदों का पहाड़ होगा और तुलना हर मैच में होगी। लेकिन हीरे की पहचान दबाव में ही होती है। फैंस के तौर पर हमें इस नए टैलेंट को थोड़ा समय देना होगा।तो दोस्तों, फिक्र छोड़ दीजिये। भारतीय क्रिकेट का ‘बेंच स्ट्रेंथ’ इतना मजबूत है कि लीजेंड्स के जाने के बाद भी मैदान सूना नहीं रहेगा। तैयारी पूरी है, बस 2026 का इंतज़ार है!

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