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AIDS अब लाइलाज नहीं रहा? स्टेम सेल ट्रांसप्लांट ने 7वें मरीज को दी नई जिंदगी

News India Live, Digital Desk : दवाइयां खाकर इसे कंट्रोल तो किया जा सकता है, लेकिन इसे शरीर से पूरी तरह खत्म करना नामुमकिन माना जाता था। लेकिन दोस्तों, विज्ञान ने अब इस ‘नामुमकिन’ को ‘मुमकिन’ कर दिखाया है। हाल ही में एक और मरीज (जो दुनिया का 7वां मरीज है) HIV से पूरी तरह ठीक हो गया है।जी हाँ, उसके शरीर में अब वायरस का नामो-निशान नहीं है। और यह चमत्कार हुआ है’स्टेम सेल ट्रांसप्लांट’ (Stem Cell Transplant) की वजह से।आखिर यह स्टेम सेल ट्रांसप्लांट है क्या?इसे आसान भाषा में समझते हैं। हमारे शरीर में हड्डियों के बीच एक स्पंज जैसा हिस्सा होता है जिसे ‘बोन मैरो’ कहते हैं। यही वो फैक्टरी है जहाँ हमारा खून बनता है। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट में डॉक्टरों ने मरीज का पुराना बोन मैरो हटाकर उसकी जगह एक ऐसे डोनर (दाता) का बोन मैरो डाला, जिसके जीन में एक खास बात थी।वो ‘जादुई’ जीन जो वायरस को हरा देता हैदरअसल, दुनिया में कुछ ऐसे गिने-चुने लोग हैं जिनके शरीर में प्राकृतिक रूप से HIV से लड़ने की ताकत होती है। उनके जीन में एक म्यूटेशन (बदलाव) होता है, जिसे वैज्ञानिक भाषा मेंCCR5 डेल्टा 32 कहते हैं। यह जीन HIV वायरस के लिए एक ‘बंद दरवाजे’ की तरह काम करता है। वायरस चाहकर भी इनके खून में घुस नहीं पाता।डॉक्टरों ने इसी ‘खास जीन’ वाले डोनर के स्टेम सेल्स को मरीज के शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिया। नतीजा यह हुआ कि मरीज का शरीर भी वायरस के खिलाफ कवच बन गया और धीरे-धीरे HIV खत्म हो गया।तो क्या अब हर मरीज ठीक हो जाएगा?यह सवाल सबके मन में है। लेकिन यहाँ थोड़ा रुककर समझने की जरूरत है। यह इलाज अभी बहुत जटिल (Complex) और जोखिम भरा है।सिर्फ उनके लिए जो गंभीर थे: अभी तक जिन 7 लोगों को ठीक किया गया है, उन्हें HIV के साथ-साथ ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) भी था। कैंसर के इलाज के लिए ही यह रिस्की ट्रांसप्लांट किया गया था, जिससे किस्मत से HIV भी ठीक हो गया।डोनर मिलना मुश्किल: ऐसा डोनर मिलना जिसके पास वो दुर्लभ जीन हो और जो मरीज से मैच भी करे, भूसे के ढेर में सुई खोजने जैसा है।उम्मीद की नई किरणभले ही आज यह इलाज हर किसी के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसने यह साबित कर दिया है कि HIV को हराया जा सकता है। वैज्ञानिक अब इसी फॉर्मूले पर ऐसी दवाइयां या जीन थेरेपी बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो बिना ऑपरेशन के आम मरीजों को ठीक कर सके।फिलहाल, यह खबर उन लाखों लोगों के लिए एक उम्मीद का दीया है जो इस बीमारी से लड़ रहे हैं। विज्ञान जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, शायद वो दिन दूर नहीं जब एड्स सिर्फ इतिहास की किताबों में रह जाएगा।

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