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Anti-Terror Laws : क्या है UAPA? वो कानून जिसका नाम सुनते ही अपराधियों की रूह काँप जाती है

News India Live, Digital Desk: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके के बाद से एक शब्द बार-बार सुनने में आ रहा है – UAPA (यूएपीए)। पुलिस ने इस मामले में UAPA के तहत केस दर्ज किया है। अब हम सबके मन में यह सवाल उठता है कि आखिर ये UAPA क्या बला है? यह कोई मामूली कानून है या कुछ और?तो चलिए, आज एकदम आसान भाषा में जानते हैं कि यह कानून क्या है और यह इतना सख्त और खतरनाक क्यों माना जाता है।UAPA का मतलब क्या है?UAPA का पूरा नाम है – Unlawful Activities (Prevention) Act, यानी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून। जैसा कि नाम से ही पता चलता है, यह कानून देश में गैरकानूनी गतिविधियों, खासकर आतंकवाद को रोकने के लिए बनाया गया है। इसे आप आतंकवाद के खिलाफ सरकार का सबसे बड़ा और सबसे मज़बूत हथियार समझ सकते हैं। यह कानून 1967 में बना था, लेकिन समय के साथ आतंकवाद के बदलते चेहरे को देखते हुए इसमें कई बार बदलाव किए गए, जिससे यह और भी ज़्यादा सख्त होता गया।क्यों है यह देश का सबसे खतरनाक कानून? 5 बातें जो इसे बनाती हैं सख्तयह सामान्य कानूनों जैसा नहीं है। इसमें जांच एजेंसियों को कुछ ऐसी ताकतें मिलती हैं, जो इसे बहुत खतरनाक बना देती हैं:अब सिर्फ संगठन ही नहीं, कोई व्यक्ति भी ‘आतंकी’ घोषित हो सकता है: 2019 में हुए सबसे बड़े बदलाव के बाद, अब सरकार सिर्फ़ किसी ग्रुप को ही नहीं, बल्कि किसी एक व्यक्ति को भी आतंकवादी घोषित कर सकती है। ऐसा शक की बिना पर भी किया जा सकता है।बेल (ज़मानत) मिलना लगभग नामुमकिन: इस कानून के तहत अगर कोई गिरफ्तार होता है, तो उसे ज़मानत मिलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। जब तक केस चलता है, आरोपी को अक्सर जेल में ही रहना पड़ता है।पुलिस को मिलती है लंबी मोहलत: आम मामलों में पुलिस को 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करनी होती है, लेकिन UAPA के तहत जांच एजेंसी को 180 दिन, यानी लगभग 6 महीने का समय मिल जाता है।NIA को मिलती है सुपर पावर: यह कानून NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) को बहुत ज़्यादा ताकत देता है। वह किसी भी राज्य में जाकर, बिना वहाँ की पुलिस की इजाज़त के, छापे मार सकती है और जांच कर सकती है।सज़ा? उम्रकैद से लेकर फाँसी तक: UAPA के तहत दोषी पाए जाने पर बहुत ही कठोर सज़ा का प्रावधान है, जिसमें उम्रकैद और कुछ मामलों में फाँसी तक हो सकती है।संक्षेप में कहें तो, UAPA देश की सुरक्षा और अखंडता को बनाए रखने के लिए एक बहुत ज़रूरी कानून है, लेकिन इसके सख्त प्रावधानों की वजह से यह हमेशा चर्चा में भी रहता है। दिल्ली धमाके में इस कानून का इस्तेमाल यह दिखाता है कि सरकार इस घटना को एक बड़ी आतंकी साजिश मानकर जांच कर रही है।

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