Atal Expressway Update: इटावा बनेगा यूपी का सबसे बड़ा इंटरचेंज हब! 4 घंटे में पूरा होगा कोटा तक का सफर

उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को नई धार देने के लिए अटल एक्सप्रेसवे (Atal Expressway) प्रोजेक्ट पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मार्गदर्शन में तैयार हो रहा यह फोरलेन एक्सप्रेसवे देश के तीन राज्यों को आपस में जोड़ेगा। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से न केवल राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
परियोजना की मुख्य बातें और कुल लंबाई
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कुल लंबाई और चौड़ाई: यह एक्सप्रेसवे 414 किलोमीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बनाया जाएगा।
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लागत व बजट: इस मेगा प्रोजेक्ट पर लगभग 15,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसके लिए बजट का आवंटन पहले ही किया जा चुका है।
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वर्तमान स्थिति: वर्तमान में इस एक्सप्रेसवे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है।
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तीन राज्यों से कनेक्शन: यह मार्ग मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ेगा।
इटावा बनेगा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा 'इंटरचेंज हब'
अटल एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ ही यूपी का इटावा जिला एक ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम करेगा। यह राज्य का पहला ऐसा जिला बनने जा रहा है, जहां चार बड़े एक्सप्रेसवे एक साथ आपस में जुड़ेंगे।
इटावा का कुदरैल क्षेत्र एक विशाल इंटरचेंज पॉइंट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां पहले से ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा लिंक एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करने का काम जारी है।
12 घंटे का सफर अब सिर्फ 4 घंटे में!
अटल एक्सप्रेसवे बनने के बाद आम जनता और यात्रियों के समय की भारी बचत होगी:
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रफ्तार: इस फोरलेन एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगे।
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समय की बचत: वर्तमान में इटावा से राजस्थान के कोटा पहुंचने में सड़क मार्ग से करीब 12 घंटे का समय लगता है। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद यह दूरी महज 4 घंटे में तय की जा सकेगी।
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आर्थिक विकास: एक्सप्रेसवे के दोनों ओर नए औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors) स्थापित होंगे, जिससे क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं को भारी संख्या में रोजगार मिलेगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू (धारा 3-ए लागू)
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की कवायद तेज हो गई है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गाती गांव से यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करेगा।
NHAI के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 3-ए के तहत आधिकारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन का लक्ष्य तय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए जल्द से जल्द मुआवजा व अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा करना है ताकि निर्माण कार्य समय पर शुरू किया जा सके।