उत्तर प्रदेश

Ayodhya Temple Museum : 650 करोड़ का प्रोजेक्ट और फ्री में जमीन? जानिये क्यों खास है टाटा का यह तोहफा

News India Live, Digital Desk : जब से अयोध्या में भव्य राम मंदिर का उद्घाटन हुआ है, इस शहर की रौनक ही बदल गई है। हर दिन लाखों भक्त रामलला के दर्शन करने पहुँच रहे हैं। लेकिन अगर आपको लगता है कि विकास यहीं रुक गया है, तो आप गलत हैं।अयोध्या के लिए एक और खुशखबरी आई है, जो न सिर्फ उत्तर प्रदेश वालों का बल्कि पूरे देश का सीना गर्व से चौड़ा कर देगी। देश का भरोसेमंद नाम टाटा संस (Tata Sons) अब अयोध्या में एक ‘विशाल टेंपल म्यूजियम’ (Grand Temple Museum) बनाने जा रहा है।आइए, बिल्कुल आसान शब्दों में समझते हैं कि आखिर यह प्रोजेक्ट क्या है और 52 एकड़ में बनने वाले इस म्यूजियम में आपको क्या देखने को मिलेगा।टाटा का भरोसा और अयोध्या की जमीनसबसे पहली बात, यह कोई छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं है। खबरों के मुताबिक, यह म्यूजियम करीब 52 से 55 एकड़ की विशाल जमीन पर फैला होगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने मांझा जमथरा (Manjha Jamthara) गाँव के पास जमीन अलॉट करने की तैयारी की है। दिलचस्प बात यह है कि यह जमीन टाटा संस को सिर्फ 1 रुपये की टोकन मनी पर 90 साल की लीज पर दी जा सकती है।क्यों? क्योंकि टाटा संस इस प्रोजेक्ट पर अपने सीएसआर फंड (CSR Fund) से करीब 650 से 750 करोड़ रुपये खर्च करने वाला है। सरकार जमीन दे रही है और टाटा इसे वर्ल्ड-क्लास बना रहा है।आखिर इस म्यूजियम में क्या होगा? (What will be inside?)अब आप सोच रहे होंगे कि मंदिरों के शहर में ‘मंदिरों के म्यूजियम’ की क्या जरूरत है? तो आपको बता दें, यह म्यूजियम किसी एक भगवान का नहीं होगा।मंदिरों का इतिहास और विज्ञान: हमारे देश में हजारों साल पुराने मंदिर हैं कोणार्क का सूर्य मंदिर हो या दक्षिण भारत के विशाल मंदिर। इस म्यूजियम में बताया जाएगा कि आखिर उस जमाने में बिना मशीनरी के इतने ऊंचे और वैज्ञानिक रूप से सटीक मंदिर कैसे बनाए गए थे।कला और वास्तुकला (Architecture): नागर शैली, द्रविड़ शैली… अगर आपको इन शब्दों का मतलब नहीं पता, तो यह म्यूजियम आपको विजुअल्स और मॉडल्स के जरिये सब समझाएगा।युवाओं के लिए ज्ञान: आज की युवा पीढ़ी अक्सर अपनी संस्कृति से दूर होती जा रही है। टाटा संस का मकसद है कि एक ही छत के नीचे लोग यह देख सकें कि भारत की सनातन संस्कृति कितनी महान और वैज्ञानिक थी।टूरिज्म को लगेंगे पंखसोचिए, जब विदेशी पर्यटक अयोध्या आएंगे, तो राम मंदिर देखने के बाद उनके पास जाने के लिए एक ऐसी जगह होगी जो उन्हें पूरे भारत के कल्चर का टूर करा देगी। इससे अयोध्या में रुकने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, होटलों का बिजनेस बढ़ेगा और रोजगार पैदा होगा।

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