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Badrinath Temple Dispute: बिना जेब वाले कुर्ते के प्रस्ताव पर भड़के बद्रीनाथ के पुजारी, बोले- ‘हमारा अपमान बर्दाश्त नहीं’

उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री बद्रीनाथ धाम से एक बड़ा विवाद सामने आया है। मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम में हेराफेरी के मामले उजागर होने के बाद, प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा पुजारियों के लिए "बिना जेब वाला कुर्ता" पहनने का एक प्रस्ताव सामने रखा गया था। इस प्रस्ताव पर बद्रीनाथ धाम के पुजारियों और तीर्थ पुरोहितों ने तीखा ऐतराज जताया है। पुजारियों का साफ कहना है कि ऐसा फैसला उनकी धार्मिक गरिमा और निष्ठा पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पुजारियों ने क्यों जताया कड़ा विरोध?

बद्रीनाथ धाम स्थित महालक्ष्मी मंदिर के पुजारी दिनेश डिमरी ने इस अजीबोगरीब प्रस्ताव पर सख्त नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पुजारियों पर ऐसा कोई नियम जबरन थोपने की कोशिश की गई, तो इसका उग्र विरोध किया जाएगा।

पुजारियों का तर्क है कि वे पूरी निष्ठा, परंपरा और पवित्रता के साथ भगवान बद्री विशाल की सेवा में लीन रहते हैं। ऐसे में पूरे पुजारी समाज पर चोरी का संदेह जताना और उन्हें बिना जेब के वस्त्र पहनने के लिए मजबूर करना उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना है।

BKTC कर्मचारियों पर उठाए गंभीर सवाल

तीर्थ पुरोहितों ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह नियम उन कर्मचारियों और अधिकारियों पर लागू किया जाना चाहिए जो दान-पेटी और चढ़ावे के पैसों की गिनती का प्रबंधन संभालते हैं।

पुजारियों का स्पष्ट कहना है कि पूजा-पाठ कराने वाले पुरोहितों का दान-पेटी की रकम की गिनती से कोई संबंध नहीं होता। यदि चढ़ावे के प्रबंधन में कोई गड़बड़ी या हेराफेरी पाई जाती है, तो उसकी सीधी जिम्मेदारी गिनती करने वाले कर्मचारियों की है, न कि निर्दोष पुजारियों की।

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क्या है पूरा मामला और क्यों शुरू हुआ विवाद?

यह पूरा विवाद बद्रीनाथ मंदिर के चढ़ावे में हुई बड़े पैमाने पर हेराफेरी के बाद शुरू हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। जांच के दौरान पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) प्रमोद नौटियाल और पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान शामिल हैं।

सामने आए सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में ये दोनों अधिकारी कथित तौर पर दान के नोटों की गड्डियां अपनी जेबों में छिपाते रंगे हाथों पकड़े गए थे।

आगे क्या होगी स्थिति?

सीसीटीवी में अधिकारियों की हरकत उजागर होने के बाद मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त करने के नाम पर पुजारियों के लिए बिना जेब वाले कुर्ते का यह प्रस्ताव तैयार किया था। हालांकि, प्रस्ताव सामने आते ही पुरोहित समाज ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है।

उनका कहना है कि वास्तविक दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुजारियों की छवि धूमिल करना अनुचित है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुरोहितों के कड़े विरोध के बाद मंदिर समिति अपने इस विवादित प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाती है।

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