Baglamukhi Jayanti 2026 : आज है बगलामुखी जयंती, कोर्ट केस और दुश्मनों पर जीत के लिए करें ये अचूक उपाय बरसेगी मां की कृपा

News India Live, Digital Desk: हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मां बगलामुखी का प्राकट्य दिवस मनाया जाता है। आज का दिन उन लोगों के लिए विशेष है जो कानूनी विवादों, गुप्त शत्रुओं या करियर की बाधाओं से जूझ रहे हैं। मां बगलामुखी ‘स्तंभन’ की देवी हैं, जो विरोधियों की बुद्धि और वाणी को जड़ कर देती हैं।शुभ मुहूर्त और तिथि का महत्वपंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि का प्रारंभ 23 अप्रैल को रात 8:49 बजे हुआ था और इसका समापन आज 24 अप्रैल को शाम 7:21 बजे होगा। उदयातिथि के कारण आज का दिन ही साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:25 से 05:13 तक।अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:59 से 12:50 तक।पीताम्बरा की पूजा में ‘पीले’ रंग का महत्वमां बगलामुखी को पीला रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए आज की पूजा में इन बातों का ध्यान रखें:वस्त्र: साधक को पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए।पूजा सामग्री: पीले फूल (गेंदा), पीला चंदन, हल्दी की गांठें और पीला आसन।भोग: मां को बेसन के लड्डू, केसरिया हलवा या पीली मिठाई का भोग लगाएं।कोर्ट केस और शत्रुओं पर विजय के लिए विशेष उपाययदि आप लंबे समय से किसी कानूनी उलझन में फंसे हैं या कोई दुश्मन आपको परेशान कर रहा है, तो आज ये उपाय जरूर करें:हल्दी की माला से जाप: मां बगलामुखी के मंत्र का जाप हमेशा हल्दी की माला से करना चाहिए। आज के दिन “ॐ ह्लीं बगलामुखी सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।पीली सरसों का हवन: आज शाम को कपूर और पीली सरसों से छोटा सा हवन करें। हवन करते समय विरोधियों के शांत होने की प्रार्थना करें।हल्दी का दान: आज किसी ब्राह्मण को या मंदिर में साबुत हल्दी और पीले वस्त्रों का दान करना कोर्ट केस में सफलता दिलाता है।सावधानी: सात्विकता का रखें विशेष ध्यानबगलामुखी साधना अत्यंत प्रभावशाली होती है, इसलिए आज के दिन मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहें। तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन, मांस) और मदिरा से पूरी तरह दूरी बनाएं। संभव हो तो आज फलाहार व्रत रखें और शाम की आरती के बाद ही सात्विक भोजन ग्रहण करें।