BCCI का नया मास्टर प्लान एक साथ खेलेंगी टीम इंडिया की 2 अलग-अलग टीमें टी20 वर्ल्ड कप

News India Live, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट अब एक नए युग की ओर कदम बढ़ा रहा है। बीसीसीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में ऐसी स्थितियां बन सकती हैं जब भारत की दो अलग-अलग टी20 टीमें एक ही समय पर दो अलग-अलग देशों के खिलाफ सीरीज खेल रही हों। इस ‘स्प्लिट टीम’ (Split Team) रणनीति का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों के कार्यभार (Workload) को मैनेज करना और टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए एक अजेय टीम तैयार करना है।30-35 खिलाड़ियों का विशेष ‘पूल’BCCI के सूत्रों के अनुसार, चयन समिति अब केवल 15-20 खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगी। बोर्ड ने 30 से 35 प्रतिभावान खिलाड़ियों की एक सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, जिन्हें रोटेशन पॉलिसी के तहत लगातार मौके दिए जाएंगे।फायदा: इससे मुख्य खिलाड़ियों को बड़े टूर्नामेंट्स से पहले आराम मिलेगा और बैकअप खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव।इंजरी बैकअप: यदि कोई स्टार खिलाड़ी चोटिल होता है, तो टीम के पास पहले से तैयार एक अनुभवी विकल्प मौजूद होगा।क्यों पड़ी दो टीमों की जरूरत?व्यस्त शेड्यूल: आईपीएल, आईसीसी इवेंट्स और द्विपक्षीय सीरीज के बीच सीनियर खिलाड़ियों के लिए हर मैच खेलना मुमकिन नहीं है।स्पेशलिस्ट कल्चर: बोर्ड अब रेड बॉल (टेस्ट) और व्हाइट बॉल (टी20/वनडे) के लिए अलग-अलग विशेषज्ञों को तैयार करना चाहता है।युवाओं को मौका: अभिषेक शर्मा, रियान पराग और मयंक यादव जैसे उभरते सितारों को सीनियर खिलाड़ियों की मौजूदगी में भी पर्याप्त मैच मिल सकेंगे।पहले भी हो चुका है प्रयोगयाद दिला दें कि साल 2021 में भी भारत ने ऐसा प्रयोग किया था, जब विराट कोहली की कप्तानी में मुख्य टीम इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेल रही थी और शिखर धवन की अगुआई में एक युवा टीम श्रीलंका में सीमित ओवरों की सीरीज खेल रही थी। अब बीसीसीआई इसे एक स्थायी ‘ब्लूप्रिंट’ के रूप में देख रहा है।टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर नजरभारत ने हाल ही में (मार्च 2026 में) टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। अब बोर्ड का लक्ष्य अपनी बादशाहत को बरकरार रखना है। 35 खिलाड़ियों के इस पूल पर नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) के कोच और चयनकर्ता पैनी नजर रखेंगे। इसमें मुख्य रूप से उन खिलाड़ियों को चुना जाएगा जो निडर बल्लेबाजी (Fearless Batting) और विविधतापूर्ण गेंदबाजी में माहिर हों।