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Bengal Election 2026: एक-एक चीज का हिसाब होगा चुनाव से ठीक पहले ममता बनर्जी की हुंकार, जारी किया वचनों वाला घोषणापत्र

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल में सत्ता की हैट्रिक के बाद चौथी बार काबिज होने की तैयारी में जुटीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (28 मार्च 2026) को विरोधियों को कड़ा संदेश दिया है। एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ने कहा कि बंगाल को कब्जाने की कोशिश करने वालों और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने वालों से “एक-एक चीज का हिसाब लिया जाएगा।”ममता बनर्जी का यह बयान उस समय आया है जब चुनाव आयोग ने राज्य में दो चरणों में मतदान कराने की घोषणा की है और राज्य में ‘विशेष मतदाता सूची संशोधन’ (SIR) को लेकर पहले से ही घमासान मचा हुआ है।दीदी के ’10 वचन’: घोषणापत्र की मुख्य बातेंममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने मिलकर TMC का 2026 का घोषणापत्र जारी किया है, जिसे ‘दीदी के 10 वचन’ नाम दिया गया है:लक्ष्मी भंडार का विस्तार: महिलाओं को मिलने वाली सहायता राशि में और वृद्धि का वादा।युवा शक्ति: युवाओं के लिए हाई-टेक आईटी (IT) सेक्टर में नौकरियों और स्वरोजगार के नए अवसर।स्वास्थ्य क्रांति: सरकारी अस्पतालों में सुपर-स्पेशलिटी सुविधाओं का विस्तार।बंगाल की पहचान: बाहरी हस्तक्षेप के खिलाफ “बंगाली संस्कृति और अस्मिता” की रक्षा का संकल्प।संवैधानिक संकट और ‘डिजिटल अरेस्ट’ का आरोपममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बंगाल में “राष्ट्रपति शासन” लगाने की धमकियां देकर लोकतंत्र को डराया जा रहा है। उन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल विवाद और मतदाता सूची से लाखों नाम काटे जाने (SIR विवाद) को लेकर भी तीखे सवाल उठाए।”बंगाल के लोग डराने-धमकाने की राजनीति का जवाब बैलेट बॉक्स से देंगे। यहाँ की जनता ही तय करेगी कि कौन हिसाब करेगा और किसका हिसाब होगा।”बंगाल चुनाव 2026: ‘सुपर-फास्ट’ शेड्यूलइस बार बंगाल में 2021 की तुलना में (जब 8 चरणों में चुनाव हुए थे) बहुत कम चरणों में चुनाव संपन्न होंगे:कुल सीटें: 294पहला चरण: 23 अप्रैल 2026 (152 सीटें – उत्तर बंगाल और जंगलमहल क्षेत्र)दूसरा चरण: 29 अप्रैल 2026 (142 सीटें – कोलकाता और दक्षिण बंगाल)नतीजे: 4 मई 2026मुख्य मुकाबला: दीदी बनाम ‘नंदीग्राम के नायक’बीजेपी ने भी अपनी पहली लिस्ट में शुभेंदु अधिकारी को भवानीपुर और नंदीग्राम (दो सीटों) से उतारकर मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया है। शुभेंदु अधिकारी ने पलटवार करते हुए कहा है कि “हिसाब तो होगा, लेकिन वह तृणमूल के 15 साल के कुशासन और भ्रष्टाचार का होगा।”

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