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लुंगी एनगिडी की रहस्यमयी ऑफ-कटर बुमराह से कितनी अलग और क्यों है इतनी घातक? जानें इसकी पूरी इनसाइड स्टोरी

News India Live, Digital Desk: क्रिकेट के मैदान पर जब कोई गेंदबाज अपनी उंगलियों का जादू चलाता है, तो बड़े से बड़े बल्लेबाज भी घुटने टेकने पर मजबूर हो जाते हैं। मौजूदा दौर में दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी अपनी ‘ऑफ-कटर’ (Off-Cutter) के दम पर दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए पहेली बने हुए हैं। अक्सर एनगिडी की तुलना भारत के स्टार गेंदबाज जसप्रीत बुमराह से की जाती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एनगिडी की ऑफ-कटर बुमराह से न सिर्फ अलग है, बल्कि इसे खेलना कहीं ज्यादा मुश्किल क्यों माना जा रहा है? आइए समझते हैं इस घातक गेंद के पीछे का विज्ञान।पिच पर ‘फिसलती’ नहीं, बल्कि ‘काटती’ है एनगिडी की गेंदआमतौर पर तेज गेंदबाज जब ऑफ-कटर फेंकते हैं, तो वे गेंद को रिलीज करते समय अपनी उंगलियों को नीचे की तरफ घुमाते हैं। लेकिन लुंगी एनगिडी की खासियत उनका ‘रिलीज पॉइंट’ और ‘सीम पोजिशन’ है। जहां अधिकांश गेंदबाज गति को कम करने के लिए गेंद को रगड़ते हैं, वहीं एनगिडी गेंद को इस तरह छोड़ते हैं कि वह पिच पर पड़ने के बाद रुककर आती है। उनकी गेंद पिच की सतह से मिलने वाली ग्रिप का पूरा फायदा उठाती है, जिससे बल्लेबाज शॉट खेलने के लिए जल्दी बल्ला चला देता है और अपना विकेट गंवा बैठता है।बुमराह बनाम एनगिडी: तकनीक का बड़ा अंतरजसप्रीत बुमराह की ऑफ-कटर उनकी अनोखी एक्शन और तेज गति के साथ आती है। बुमराह अपनी कलाई के झटके (Wrist Snap) से गेंद को अचानक टर्न कराते हैं। इसके विपरीत, लुंगी एनगिडी का एक्शन अधिक पारंपरिक है, लेकिन उनकी ताकत उनके कंधों और उंगलियों का तालमेल है। एनगिडी की गेंद बुमराह के मुकाबले हवा में कम तैरती है और टप्पा खाने के बाद ज्यादा ‘डेडली’ (घातक) हो जाती है। बुमराह की कटर बल्लेबाज को छकाने के लिए जानी जाती है, जबकि एनगिडी की कटर बल्लेबाज को गलत शॉट खेलने के लिए मजबूर (Force) करती है।क्यों नहीं समझ पा रहे दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज?एनगिडी की सफलता का सबसे बड़ा राज उनकी ‘आर्म स्पीड’ है। जब वह ऑफ-कटर फेंकते हैं, तो उनके हाथ की रफ्तार सामान्य तेज गेंद जैसी ही रहती है। बल्लेबाज को लगता है कि गेंद 140+ किमी/घंटा की रफ्तार से आएगी, लेकिन वह ‘कटर’ होने के कारण धीमी आती है। गति का यही धोखा (Deception) एनगिडी को डेथ ओवर्स का सबसे खतरनाक गेंदबाज बनाता है। साथ ही, उनकी लंबाई उन्हें अतिरिक्त उछाल (Extra Bounce) प्रदान करती है, जो कटर के साथ मिलकर एक जानलेवा मिश्रण बन जाता है।टी-20 और वनडे क्रिकेट में बने ‘किंग’आंकड़े गवाह हैं कि जब-जब पिच थोड़ी भी धीमी होती है, लुंगी एनगिडी अपनी ऑफ-कटर से विपक्षी टीम की कमर तोड़ देते हैं। आईपीएल हो या अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, उनकी इस विशेष गेंद ने उन्हें विकेट चटकाने वाली मशीन बना दिया है। यही कारण है कि आज के दौर में कोच युवाओं को बुमराह की विविधता के साथ-साथ एनगिडी की सटीकता और कटर तकनीक सीखने की सलाह दे रहे हैं।

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