धर्म

Bhauma Pradosh Vrat 2026: आज है भौम प्रदोष व्रत, इस पौराणिक कथा के बिना अधूरी है महादेव की पूजा; जानें विधि और महत्व

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में महादेव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत को सर्वोत्तम माना गया है। आज मंगलवार का दिन होने के कारण इसे ‘भौम प्रदोष व्रत’ के रूप में मनाया जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, त्रयोदशी तिथि पर किया जाने वाला यह व्रत न केवल दुखों का अंत करता है, बल्कि कर्ज से मुक्ति और मंगल दोष के निवारण के लिए भी अमोघ माना जाता है। शिव पुराण में उल्लेख है कि प्रदोष काल में स्वयं महादेव शिवालयों में नृत्य करते हैं, इसलिए इस समय की गई पूजा का फल अनंत गुना बढ़ जाता है।भौम प्रदोष व्रत की पौराणिक कथापौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बिना व्रत कथा के किसी भी उपवास का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। इस व्रत की कथा एक गरीब ब्राह्मणी और एक राजकुमार के संघर्ष व भक्ति पर आधारित है:एक समय की बात है, एक गरीब ब्राह्मणी अपने पुत्र के साथ भिक्षा मांगकर जीवन यापन करती थी। एक दिन उसे मार्ग में विदर्भ देश का राजकुमार मिला, जिसके पिता को शत्रुओं ने मार दिया था और वह अनाथ होकर भटक रहा था। दयावश ब्राह्मणी उसे अपने घर ले आई। वह ब्राह्मणी नियमपूर्वक प्रदोष व्रत किया करती थी।समय बीता और एक दिन वन में भ्रमण के दौरान राजकुमार की भेंट गंधर्व कन्याओं से हुई। राजकुमार और गंधर्व कन्या के बीच मित्रता हो गई। गंधर्व कन्या के पिता ने जब राजकुमार के गुणों को देखा, तो उन्होंने अपनी पुत्री का विवाह उससे कर दिया। इसके पश्चात, राजकुमार ने गंधर्वों की विशाल सेना की मदद से अपने शत्रुओं को पराजित किया और अपना खोया हुआ राज्य वापस प्राप्त कर लिया। उसने उस ब्राह्मणी और उसके पुत्र को भी राजमहल में ससम्मान स्थान दिया। यह सब ब्राह्मणी के प्रदोष व्रत के पुण्य प्रताप से संभव हुआ। तभी से यह माना जाता है कि जो भक्त श्रद्धापूर्वक यह व्रत करते हैं, महादेव उनकी झोली खुशियों से भर देते हैं।प्रदोष काल में पूजा का विशेष विधानप्रदोष व्रत की मुख्य पूजा शाम के समय यानी ‘प्रदोष काल’ में की जाती है। इस समय पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है:जलाभिषेक: शाम को शुभ मुहूर्त में शिवलिंग पर गंगाजल और दूध से अभिषेक करें।बिल्व पत्र: महादेव को अत्यंत प्रिय बेलपत्र अर्पित करें।दीपदान: शुद्ध घी का दीपक जलाकर भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें।कथा और आरती: श्रद्धापूर्वक व्रत कथा का पाठ करें और अंत में कपूर से शिव जी की आरती करें।भौम प्रदोष का विशेष महत्वचूंकि आज मंगलवार है, इसलिए आज के दिन हनुमान जी की भी पूजा करना शुभ फलदायी रहता है। मान्यता है कि भौम प्रदोष व्रत रखने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सुधार होता है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

Back to top button