Bihar Recruitment 2026 : 209 नए डिग्री कॉलेजों में होगी 9196 पदों पर बंपर बहाली, प्रोफेसर से क्लर्क तक के खुलेंगे द्वार

News India Live, Digital Desk: बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए नीतीश सरकार ने बड़ा पिटारा खोल दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित होने वाले 209 नए डिग्री कॉलेजों के लिए शिक्षा विभाग ने 9,196 पदों के सृजन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस मेगा भर्ती अभियान के तहत न केवल सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति होगी, बल्कि गैर-शैक्षणिक पदों जैसे क्लर्क, आदेशपाल और सहायक के पदों पर भी भारी संख्या में नियुक्तियां की जाएंगी। यह कदम राज्य में उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से उठाया गया है।पदों का वर्गीकरण: शिक्षकों और कर्मचारियों का होगा बड़ा कुनबाशिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक नए डिग्री कॉलेज के लिए मानक पद तय किए गए हैं। कुल 9,196 पदों में से लगभग 3,500 पद शैक्षणिक (Academic) श्रेणी के होंगे, जिनमें विभिन्न विषयों के सहायक प्रोफेसर शामिल हैं। वहीं, शेष 5,600 से अधिक पद गैर-शैक्षणिक (Non-Academic) श्रेणी के होंगे। इसमें तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की बड़ी संख्या शामिल है। विभाग का लक्ष्य है कि कॉलेजों के भवन निर्माण के साथ-साथ मानव संसाधन की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए ताकि शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू हो सके।भर्ती प्रक्रिया और योग्यता: क्या होगा चयन का आधार?सहायक प्रोफेसरों के पदों पर भर्ती के लिए बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) को जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, जबकि गैर-शैक्षणिक पदों के लिए कर्मचारी चयन आयोग या संबंधित विवि स्तर पर प्रक्रिया अपनाई जाएगी।शैक्षणिक पद: उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री के साथ नेट (NET) या पीएचडी (PhD) होना अनिवार्य होगा।गैर-शैक्षणिक पद: क्लर्क और सहायकों के लिए स्नातक (Graduate) और कंप्यूटर ज्ञान की आवश्यकता होगी, जबकि आदेशपाल जैसे पदों के लिए 10वीं/12वीं पास उम्मीदवार पात्र होंगे।नए कॉलेजों से सुधरेगा बिहार का ‘ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो’बिहार सरकार का यह फैसला केवल नौकरी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य राज्य के ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) को सुधारना भी है। वर्तमान में कई ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को डिग्री की पढ़ाई के लिए मीलों दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। 209 नए कॉलेजों के खुलने से विशेष रूप से छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आसानी होगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पदों के सृजन का प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए अंतिम चरण में है और जल्द ही आधिकारिक विज्ञापन जारी किया जाएगा।