BJP से इस्तीफे के बाद क्या E-20 प्रोटेस्ट में शामिल होंगे शहजाद पूनावाला? भाई तहसीन पूनावाला ने दिया बड़ा बयान

भारतीय जनता पार्टी (BJP) से शहजाद पूनावाला के अचानक इस्तीफे के बाद से राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चाएं तेज थीं कि उनका अगला राजनीतिक कदम क्या होगा। इस बीच उनके भाई और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता तहसीन पूनावाला केंद्र सरकार की ई-20 (E-20) ईंधन नीति के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में जुटे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच यह कयास लगाए जा रहे थे कि क्या भाजपा छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला अपने भाई तहसीन के इस प्रोटेस्ट का हिस्सा बनेंगे या नहीं। इन तमाम राजनीतिक अटकलों पर खुद तहसीन पूनावाला ने खुलकर बात की और साफ कर दिया कि उनके भाई इस विरोध प्रदर्शन में उनके साथ शामिल नहीं होने वाले हैं।
'हम बात ही नहीं करते, उनका साथ आना नामुमकिन है'- तहसीन पूनावाला
मीडिया से बातचीत के दौरान जब तहसीन पूनावाला से यह सवाल पूछा गया कि उनके भाई शहजाद ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है, तो क्या वे अब इस आंदोलन में उनका साथ देंगे? इसके जवाब में तहसीन ने स्पष्ट किया कि दोनों भाइयों के बीच वैचारिक और पारिवारिक स्तर पर बातचीत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि उन्हें खुद मीडिया के जरिए ही शहजाद के इस्तीफे के बारे में पता चला था। तहसीन ने दो टूक शब्दों में कहा, "हम लोग आपस में बात ही नहीं करते, तो ऐसे में इस मुद्दे पर साथ आने का सवाल ही पैदा नहीं होता। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थक (फॉलोअर) रहे हैं, इसलिए उनका इस प्रोटेस्ट में आना बिल्कुल नामुमकिन है।"
ई-20 ईंधन नीति के विरोध से पहले दिल्ली पुलिस ने तहसीन को किया हाउस अरेस्ट
इससे पहले शनिवार को तहसीन पूनावाला ने केंद्र सरकार की ई-20 पेट्रोल नीति के विरोध में एक शांतिपूर्ण मार्च और दिनभर की भूख हड़ताल का ऐलान किया था। उनका प्लान था कि वह एपीजे अब्दुल कलाम मार्ग से तीस जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति तक अकेले ही पैदल मार्च करेंगे। लेकिन इस विरोध प्रदर्शन के शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने उनके ग्रेटर कैलाश स्थित आवास पर पहुंचकर उन्हें घर में नजरबंद (House Arrest) कर दिया। तहसीन ने आरोप लगाया कि पुलिस ने यह कार्रवाई बिना किसी लिखित आदेश या कानूनी दस्तावेज के की है, जो नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
'बिना किसी लिखित आदेश के कैसे रोक सकती है पुलिस?', तहसीन ने उठाए सवाल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर कई वीडियो शेयर करते हुए तहसीन पूनावाला ने दावा किया कि निर्धारित मार्च से ठीक आधे घंटे पहले सुबह करीब 9:30 बजे भारी पुलिस बल उनके घर पहुँच गया, जिसमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं। वीडियो में तहसीन पुलिस अधिकारियों से यह सवाल पूछते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्हें बिना किसी लिखित आदेश के कैसे हिरासत में लिया जा सकता है। वहीं दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों का कहना था कि इस प्रस्तावित मार्च की वजह से इलाके की कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी। तहसीन ने यह भी आरोप लगाया कि उनके घर के आसपास जैमर लगाए गए थे ताकि वे या उनके बाहर मौजूद पत्रकार इंटरनेट का उपयोग न कर सकें।