CBSE Free Online Courses 2026: 8वीं से 12वीं के छात्रों के लिए सीबीएसई का बड़ा तोहफा, NIELIT के साथ मिलकर शुरू किए 19 फ्री कोर्सेज, बिना फीस सीखें AI और कोडिंग

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने देश में स्कूली स्तर पर डिजिटल शिक्षा और तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए एक बेहद क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। बोर्ड ने कक्षा 8वीं से लेकर 12वीं तक के छात्रों के लिए राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) के साथ मिलकर एक खास डिजिटल पहल की शुरुआत की है। इस नए प्रोग्राम के अंतर्गत छात्रों के लिए बिल्कुल मुफ्त में 19 एडवांस ऑनलाइन कोर्स लॉन्च किए गए हैं, जिसके लिए छात्रों को कोई भी रजिस्ट्रेशन फीस या कोर्स फीस नहीं देनी होगी।
इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को भविष्य की आधुनिक तकनीकों के लिए तैयार करना है। बोर्ड की इस घोषणा के बाद देश भर के सीबीएसई स्कूलों के छात्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
कोर्सेज में शामिल हैं AI, पायथन और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक विषय
सीबीएसई और एनआईईएलआईटी द्वारा तैयार किए गए इन 19 फ्री कोर्सेज में वर्तमान समय और भविष्य की सबसे ज्यादा मांग वाले (High-Demand) तकनीकी विषयों को शामिल किया गया है। छात्र अपनी रुचि के अनुसार निम्नलिखित बड़े सेक्टर्स का हिस्सा बन सकते हैं:
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जेनरेटिव AI (Generative AI)
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पायथन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Python Programming)
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इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और साइबर सिक्योरिटी
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एडवांस्ड क्लाउड कंप्यूटिंग (AWS DevSecOps)
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एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और वीएलएसआई (VLSI) डिजाइन
सबसे अच्छी बात यह है कि ये सभी डिजिटल कोर्स हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराए गए हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों के लिए पढ़ाई की सामग्री को समझना और सीखना काफी आसान हो जाएगा।
अपनी सुविधा के अनुसार पढ़ाई: 90 मिनट से लेकर 100 घंटे तक के मॉड्यूल्स
सीबीएसई के अनुसार, छात्रों की पढ़ाई के नुकसान को बचाने और उनके समय को मैनेज करने के लिए इन कोर्सेज की अवधि को बेहद लचीला (Flexible) रखा गया है। इसमें कुछ शुरुआती और बेसिक मॉड्यूल्स ऐसे हैं जिन्हें छात्र मात्र 90 मिनट के भीतर पूरा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, जो छात्र किसी विषय को गहराई से सीखना चाहते हैं, उनके लिए 100 घंटे से भी अधिक लंबे एडवांस्ड प्रोग्राम्स तैयार किए गए हैं। छात्र अपनी स्कूल की नियमित पढ़ाई और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ अपनी स्पीड के अनुसार जब चाहें इन कोर्सेज को ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।
स्कूल शिक्षा में नई तकनीक और कोडिंग को शामिल करने का बड़ा लक्ष्य
सीबीएसई ने देश के अपने सभी संबद्ध (Affiliated) स्कूलों को एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर निर्देश दिया है कि वे इस निशुल्क कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार करें और अपने स्कूल के ज्यादा से ज्यादा छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करें। इच्छुक छात्र बिना किसी परेशानी के सीधे एनआईईएलआईटी डिजिटल यूनिवर्सिटी पोर्टल (NIELIT Digital University Portal) पर जाकर इन पाठ्यक्रमों के लिए अपना डायरेक्ट रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूल स्तर पर ही इस तरह की इंडस्ट्री-ओरिएंटेड टेक्नोलॉजी से परिचित होने से बच्चों में व्यावहारिक समस्या सुलझाने की क्षमता (Practical Problem-Solving), कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और इनोवेशन स्किल्स का तेजी से विकास होगा। इसके साथ ही यह पहल देश के लाखों छात्रों को आगे चलकर हायर एजुकेशन, कंप्यूटर साइंस, डेटा एनालिटिक्स और इंजीनियरिंग जैसे बड़े डिजिटल डोमेन में एक बेहतरीन करियर बनाने के लिए सबसे मजबूत आधार देगी। फ्री ऑनलाइन कोर्सेज की इस शुरुआत के साथ सीबीएसई ने स्कूली शिक्षा को भारत की बढ़ती डिजिटल इकॉनमी और आधुनिक टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की जरूरतों के साथ मजबूती से जोड़ दिया है।