गौरतलब है कि ईडी प्रदेश में लगातार दूसरे दिन सक्रिय रही। गुरुवार को ईडी ने जल जीवन मिशन घोटाले में राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश जोशी को भी गिरफ्तार कर लिया था। इससे पहले ईडी ने यहां सहारा प्राइम लिमिटेड की 1023 एकड़ जमीन को भी अस्थाई रूप से अटैच किया था।
पीएनबी मामले को लेकर बताया जा रहा है कि श्रीगंगानगर निवासी अमनदीप चौधरी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक से 25 करोड़ रुपए का लोन लिया और इसके बाद बैंक को धोखा देकर रकम हड़प ली। आरोप है कि उसने वेयर हाउस में रखे माल को गिरवी रखकर लोन प्राप्त किया लेकिन बाद में बैंक को बिना जानकारी दिए वह माल बाजार में बेच दिया गया।
इस पूरे मामले में अमनदीप चौधरी के साथ उसकी पत्नी सुनीता चौधरी, ओमप्रकाश और अन्य आरोपी भी शामिल हैं। ईडी की टीमों ने आरोपियों के जयपुर में तीन, बीकानेर में दो और हनुमानगढ़ व श्रीगंगानगर में पांच ठिकानों पर छापे की कार्रवाई की।
उल्लेखनीय है कि इस धोखाधड़ी को लेकर अक्टूबर 2020 में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जोधपुर में केस दर्ज किया गया था। अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के चलते ईडी ने भी जांच शुरू की है। ईडी की यह छापेमारी बैंकिंग सिस्टम में हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश मानी जा रही है। जांच एजेंसी अब आरोपियों की संपत्तियों और पैसे की लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।