Crude Oil Price 2026: ईरान युद्ध से कच्चे तेल के बाजार में हाहाकार! ब्रेंट क्रूड $110 के पार, 7 दिन में 56% का ऐतिहासिक उछाल

नई दिल्ली/वॉशिंगटन। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे विनाशकारी युद्ध का सीधा असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा यानी ‘तेल’ पर दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सप्लाई बाधित होने के डर और खाड़ी देशों द्वारा तेल उत्पादन में भारी कटौती के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) के बाजार में कोहराम मच गया है। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है, जो साढ़े तीन साल का सबसे उच्चतम स्तर है।कीमतों में ऐतिहासिक उछाल: एक नजर आंकड़ों परयुद्ध की घबराहट के कारण तेल बाजार में साल 1983 के बाद की सबसे बड़ी उथल-पुथल देखी जा रही है:ब्रेंट क्रूड (Brent Crude): 22% की बड़ी छलांग लगाकर लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल के पास ट्रेड कर रहा है।यूएस क्रूड (WTI): 27% की भारी बढ़त के साथ 115.2 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।7 दिन का रिकॉर्ड: पिछले एक हफ्ते के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में कुल 56% का जोरदार उछाल आया है।पिछले हफ्ते ही यूएस क्रूड फ्यूचर्स ने एक ही दिन में 35% की छलांग लगाई थी, जो इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी एक-दिवसीय बढ़त है।सप्लाई चेन टूटी: खाड़ी देशों ने घटाया उत्पादनईरान की धमकियों और सुरक्षा कारणों से ओपेक (OPEC+) के बड़े उत्पादकों ने कच्चे तेल का उत्पादन सीमित कर दिया है:कुवैत का बड़ा कदम: होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी खतरे को देखते हुए कुवैत ने एहतियातन उत्पादन में कटौती कर दी है और अपने ग्राहकों के लिए ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) लागू कर दिया है।इराक में 70% की कटौती: ओपेक के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक इराक ने अपने तीन दक्षिणी ऑयलफील्ड्स से उत्पादन 4.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन से घटाकर महज 1.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन कर दिया है।यूएई की सतर्कता: संयुक्त अरब अमीरात भी अपनी स्टोरेज जरूरतों को बनाए रखने के लिए ऑफशोर (समुद्री) उत्पादन को बहुत सावधानी से मैनेज कर रहा है।कतर की चेतावनी: $150 तक जा सकता है भावकतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए इंटरव्यू में एक डराने वाली चेतावनी दी है। उनका कहना है कि यदि ईरान में यह युद्ध लंबा खिंचता है, तो खाड़ी देशों को मजबूरन अपना तेल उत्पादन पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है, जिससे कच्चे तेल का भाव 150 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर को भी छू सकता है।अमेरिका का क्या है रुख?कच्चे तेल में लगी इस आग पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने तेल की बढ़ती कीमतों को जायज ठहराते हुए कहा कि, “ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने और इस युद्ध के लिहाज से यह दुनिया के लिए बहुत छोटी कीमत है।”वहीं, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की सुरक्षित और सामान्य आवाजाही बहाल होने में अभी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि हालात सामान्य होने में “महीने नहीं, तो कम से कम कुछ हफ्ते जरूर लगेंगे।”