मनोरंजन

“पैसे और व्यूज के लिए महिलाओं के शरीर को…” पैपराजी की गंदी हरकतों पर बुरी तरह भड़कीं जान्हवी कपूर, लगा दी क्लास!

बॉलीवुड की खूबसूरत और बेबाक अदाकारा जान्हवी कपूर (Janhvi Kapoor) अपनी फिल्मों के साथ-साथ अपने बेखौफ अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं। अक्सर अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से इंटरनेट का पारा बढ़ाने वाली जान्हवी ने इस बार मनोरंजन जगत के एक ऐसे कड़वे सच से पर्दा उठाया है, जिसका सामना लगभग हर अभिनेत्री को करना पड़ता है। हाल ही में जान्हवी ने ‘पैपराजी कल्चर’ (Paparazzi Culture) और सेलिब्रिटीज की प्राइवेसी में दखलंदाजी को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने खुलासा किया है कि उन्होंने फोटोग्राफर्स से प्राइवेट मीटिंग करके उनकी अनुचित हरकतों पर उन्हें जमकर फटकार लगाई है।पैपराजी से प्राइवेट मीटिंग में कही दो टूक बातमशहूर यूट्यूबर राज शमानी के पॉडकास्ट में अपनी भड़ास निकालते हुए जान्हवी ने बताया कि उन्होंने हाल ही में पैपराजी को बुलाकर उन्हें साफ शब्दों में समझाया है। जान्हवी ने कहा कि जिस तरह से फोटोग्राफर्स अभिनेत्रियों के बॉडी पार्ट्स (Body Parts) पर जानबूझकर कैमरा जूम करते हैं या गलत एंगल से उनकी तस्वीरें क्लिक करते हैं, वह किसी भी लिहाज से ‘सहमति’ (Consent) के दायरे में नहीं आता। अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि यह सब उनके लिए बेहद अपमानजनक है और उनकी प्राइवेसी का सीधा उल्लंघन है।’पैसे और व्यूज के लिए महिला को वस्तु समझना गलत’जान्हवी ने इस बात पर खास जोर दिया कि अगर कोई कलाकार अच्छे कपड़े पहनकर घर से बाहर निकलता है, तो इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वह किसी को अपने निजी अंगों पर कैमरा जूम करने का लाइसेंस दे रहा है। उन्होंने पैपराजी की मानसिकता पर तीखा सवाल दागते हुए पूछा, “आप लोग अपने काम की इज्जत कैसे कर सकते हैं, जब आप सिर्फ चंद पैसों और वीडियो व्यूज के लिए किसी महिला के शरीर को उसकी मर्जी के खिलाफ एक वस्तु (Object) की तरह पेश करते हैं?” अभिनेत्री के इस कड़े रुख के बाद फोटोग्राफर्स ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और अपनी गलती के प्रति जागरूक भी दिखे।’भीगी साड़ी’ गाने का दिया उदाहरण: क्या होती है सहमति?पॉडकास्ट के दौरान जान्हवी ने ‘सहमति’ का असली मतलब भी समझाया। उन्होंने अपनी एक फिल्म के मशहूर गाने ‘भीगी साड़ी’ का उदाहरण देते हुए कहा कि बेशक उस गाने में उनका लुक और डांस काफी कामुक (Sensual) था, लेकिन वह सब पूरी तरह से उनकी मर्जी से और फिल्म की डिमांड के अनुसार था।जान्हवी ने बेबाकी से कहा, “मुझे अपनी पसंद के कपड़े पहनने की पूरी आजादी है। लेकिन मेरी जानकारी के बिना गलत एंगल से तस्वीरें खींचना, उन्हें स्लो-मोशन में एडिट करना और भद्दे तरीके से जूम करना मेरी सहमति बिल्कुल नहीं है। अगर मैं फिल्म के सेट पर भी होती हूं और डीओपी (DOP) कैमरा ऐसी जगह लगाता है जहां मैं सहज नहीं हूं, तो वहां भी मुझे ‘ना’ कहने का पूरा अधिकार है।” जान्हवी के इस कदम की काफी तारीफ हो रही है और यह उन तमाम महिलाओं के लिए एक मजबूत आवाज है जो कैमरे के पीछे इस असहजता का शिकार होती हैं।

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