Dividend Stocks List October 2026: रेलिगेयर ने जारी की अक्टूबर के लिए 10 बेहतरीन डिविडेंड शेयरों की लिस्ट

भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले वे निवेशक जो केवल शेयर की कीमत बढ़ने (कैपिटल गेन) के अलावा नियमित आय या पैसिव इनकम के तौर पर डिविडेंड (Dividend) से कमाई करना पसंद करते हैं, उनके लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जानी-मानी ब्रोकरेज फर्म रेलिगेयर (Religare) ने अक्टूबर 2026 के महीने के लिए विभिन्न सेक्टर की चुनिंदा 10 डिविडेंड यील्ड कंपनियों की एक खास लिस्ट जारी की है।
यह सूची कंपनियों के मजबूत फंडामेंटल, उनके पिछले लाभांश के ट्रैक रिकॉर्ड और वित्तीय स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। आइए जानते हैं कि इस लिस्ट में कौन-कौन से शेयर शामिल हैं और डिविडेंड यील्ड का पूरा गणित क्या कहता है।
अक्टूबर 2026 की लिस्ट में शामिल प्रमुख 10 कंपनियां
रेलिगेयर द्वारा जारी की गई इस विशेष सूची में देश की कई दिग्गज और पब्लिक-प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। इन सभी कंपनियों का चुनाव उनके बुनियादी कारोबार की मजबूती के आधार पर किया गया है:
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पीटीसी इंडिया (PTC India) – पावर सेक्टर
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कोल इंडिया (Coal India) – माइनिंग सेक्टर
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आरईसी लिमिटेड (REC Limited) – फाइनेंशियल सेक्टर
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ओएनजीसी (ONGC) – क्रूड ऑयल एंड गैस सेक्टर
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गुजरात पीपावाव पोर्ट (Gujarat Pipavav Port) – पोर्ट/बंदरगाह सेक्टर
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पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) – फाइनेंशियल सेक्टर
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टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (TCS) – आईटी सेक्टर
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एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) – आईटी सेक्टर
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गेल इंडिया (GAIL India) – गैस ट्रांसमिशन सेक्टर
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पेट्रोनेट एलएनजी (Petronet LNG) – इंडस्ट्रियल गैस और फ्यूल सेक्टर
रिपोर्ट के अनुसार, इन शेयरों में निवेशकों को अलग-अलग स्तर पर आकर्षक डिविडेंड यील्ड देखने को मिल रही है, जिसमें पावर सेक्टर की कंपनी पीटीसी इंडिया इस सूची में सबसे ऊपर है।
डिविडेंड यील्ड (Dividend Yield) का क्या मतलब होता है
निवेशकों के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि डिविडेंड यील्ड आखिर किस तरह काम करती है। डिविडेंड यील्ड यह दर्शाती है कि किसी शेयर की मौजूदा कीमत के मुकाबले कंपनी अपने निवेशकों को कितना लाभांश दे रही है।
इसे निकालने का फार्मूला बहुत सरल है—प्रति शेयर मिलने वाले सालाना डिविडेंड को शेयर के मौजूदा बाजार भाव से भाग देकर 100 से गुणा किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि किसी शेयर का बाजार भाव 100 रुपये है और कंपनी उस पर 5 रुपये का सालाना डिविडेंड देती है, तो उस शेयर की डिविडेंड यील्ड 5 फीसदी मानी जाएगी। हालांकि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पिछले 12 महीनों में मिला डिविडेंड इस बात की पूरी गारंटी नहीं होता कि भविष्य में भी उतना ही लाभांश मिलेगा।
डिविडेंड शेयरों में निवेश करते समय किन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों का यह मानना है कि केवल बहुत ऊंची डिविडेंड यील्ड देखकर ही किसी शेयर में आंख मूंदकर निवेश नहीं कर देना चाहिए। कभी-कभार शेयर की कीमत बाजार में गिरने की वजह से भी डिविडेंड यील्ड प्रतिशत में ज्यादा दिखाई देने लगती है।
इसलिए किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसके पिछले वित्तीय प्रदर्शन, कैश फ्लो, और बिजनेस की दीर्घकालिक मजबूती का आकलन अवश्य कर लेना चाहिए। साथ ही, पिछले 12 महीनों (TTM) के डिविडेंड और वित्त वर्ष के आंकड़ों को अलग-अलग समझना बुद्धिमत्तापूर्ण माना जाता है।