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Earth Day 2026 : प्लास्टिक के खिलाफ ग्लोबल लीडर बना, भारत जानें वह साइंटिफिक मॉडल जिसने दुनिया को चौंकाया

News India Live, Digital Desk: आज जब पूरी दुनिया ‘पृथ्वी दिवस’ मना रही है, भारत ने सिंगल-यूज प्लास्टिक के खात्मे के लिए अपना ‘क्राइटेरिया-बेस्ड मॉडल’ (Criteria-based Model) दुनिया के सामने रखा है। इस मॉडल के तहत भारत ने न केवल 19 तरह के घातक प्लास्टिक उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया है, बल्कि उनके विकल्पों (Alternatives) को बाजार में स्थापित करने की एक ठोस रूपरेखा भी तैयार की है।1. क्या है भारत का ‘साइंटिफिक मॉडल’?भारत ने प्लास्टिक प्रदूषण को रोकने के लिए ‘एक आकार सबके लिए’ (One size fits all) की रणनीति के बजाय तीन प्रमुख आधारों पर काम किया है:उपयोगिता (Utility) बनाम पर्यावरणीय प्रभाव: भारत ने उन प्लास्टिक उत्पादों को सबसे पहले प्रतिबंधित किया जिनकी उपयोगिता कम थी लेकिन पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने की क्षमता बहुत अधिक थी (जैसे- प्लास्टिक स्ट्रॉ, इयरबड्स)।प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (संशोधन) नियम, 2026: सरकार ने इसी महीने नए नियम लागू किए हैं, जिसके तहत अब नई प्लास्टिक पैकेजिंग में कम से कम 30% रिसाइकिल सामग्री (Recycled Content) होना अनिवार्य कर दिया गया है।QR कोड ट्रेसिबिलिटी: 1 जुलाई 2025 से लागू नियम के तहत अब हर प्लास्टिक पैकेजिंग पर एक विशेष बारकोड या QR कोड अनिवार्य है, जिससे उसकी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर रिसाइकिलिंग तक की यात्रा को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा रहा है।2. 140 देशों की नजर भारत परसंयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बनने वाले कुल प्लास्टिक का 36% हिस्सा सिंगल-यूज प्लास्टिक है। भारत ने जिस ‘एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी’ (EPR) मॉडल को अपनाया है, वह कंपनियों को उनके द्वारा फैलाए गए कचरे को वापस उठाने (Collect) और उसे रिसाइकिल करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य करता है। इसी मॉडल को अब दुनिया के कई विकसित देश अपने यहाँ लागू करने पर विचार कर रहे हैं।3. पृथ्वी दिवस 2026 की थीम: “Our Power, Our Planet”इस वर्ष पृथ्वी दिवस की वैश्विक थीम ‘अवर पावर, अवर प्लैनेट’ (Our Power, Our Planet) है। भारत में इस अवसर पर:ग्रेट ग्लोबल क्लीनअप: गंगा नदी के घाटों और मुंबई के जुहू बीच जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर प्लास्टिक हटाओ अभियान चलाया गया।हर घर सौर ऊर्जा: स्कूलों और कॉलेजों में प्लास्टिक मुक्त जीवन और सौर ऊर्जा अपनाने की शपथ दिलाई गई।4. आम नागरिक कैसे बन सकते हैं भागीदार?सरकार ने प्लास्टिक मुक्त भविष्य के लिए नागरिकों से 3 प्रमुख ‘R’ अपनाने की अपील की है:Reduce (कम करें): प्लास्टिक के बजाय कपड़े या जूट के थैलों का उपयोग।Reuse (दोबारा इस्तेमाल): पुरानी प्लास्टिक की बोतलों या डिब्बों को फेंकने के बजाय उनका रचनात्मक उपयोग।Recycle (पुनर्चक्रण): कचरे को अलग-अलग (सूखा और गीला) करके निगम की गाड़ियों में देना।

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