FIFA World Cup 2026: खचाखच भरे स्टेडियम में मेक्सिको का धमाकेदार शंखनाद, पहले ही मैच में गोल के साथ-साथ हुई रेड कार्ड की बरसात

दुनिया भर के खेल प्रेमियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। मेक्सिको, कनाडा और अमेरिका की संयुक्त मेजबानी में फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बेहद शानदार और रंगारंग आगाज हो चुका है। टूर्नामेंट के पहले ही मुकाबले में मेजबान मेक्सिको की फुटबॉल टीम ने अपने घरेलू मैदान पर ऐसा जलवा बिखेरा कि सामने वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम पस्त हो गई। मेक्सिको ने इस मैच को 2-0 से जीतकर ग्रुप ए में पूरे 3 अंक हासिल कर लिए हैं और टूर्नामेंट में अपने सफर की बेहद मजबूत शुरुआत की है।
इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए मेक्सिको सिटी का मशहूर एजटेका स्टेडियम (Estadio Azteca) पूरी तरह खचाखच भरा हुआ था। स्टेडियम में 80,824 दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद थी, जो फुटबॉल इतिहास के इस सबसे बड़े टूर्नामेंट के पहले ही मैच का लुत्फ उठाने पहुंची थी। फैंस के जबरदस्त शोर के बीच मेक्सिको की टीम ने शुरुआत से ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत रखी।
क्विनोनेस और जिमेनेज का जादुई खेल
मैच की सीटी बजते ही मेक्सिको के खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के पाले पर हावी हो गए। टीम के फॉरवर्ड और डिफेंस लाइन के बीच कमाल का तालमेल देखने को मिला, जिसके सामने विपक्षी टीम की रणनीति पूरी तरह फेल साबित हुई।
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9वां मिनट (जूलियन क्विनोनेस का धमाका): सऊदी लीग में इस सीजन अपनी धाक जमाने वाले टॉप स्कोरर जूलियन क्विनोनेस ने मैच के शुरुआती 9वें मिनट में ही एक शानदार गोल दागकर मेक्सिको को 1-0 की बढ़त दिला दी। कोलंबिया में जन्मे 29 साल के इस फॉरवर्ड खिलाड़ी का यह वर्ल्ड कप डेब्यू मैच था। उनके साथ 5 अन्य खिलाड़ियों ने भी आज मेक्सिको टीम ('एल त्री') के लिए पहली बार वर्ल्ड कप के मैदान पर कदम रखा।
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66वां मिनट (राउल जिमेनेज का ऐतिहासिक गोल): मैच के दूसरे हाफ में मेक्सिको ने दबाव और बढ़ा दिया। 66वें मिनट में अनुभवी स्ट्राइकर राउल जिमेनेज ने एक बेहतरीन हेडर के जरिए गेंद को सीधे नेट में पहुंचाकर स्कोर 2-0 कर दिया।
राउल जिमेनेज ने रचा इतिहास
यह गोल राउल जिमेनेज के अंतरराष्ट्रीय करियर का 46वां गोल था। इस गोल के साथ उन्होंने मेक्सिको के महान फुटबॉल खिलाड़ी जारेड बॉर्गेटी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है और वे अब संयुक्त रूप से मेक्सिको के दूसरे सबसे सफल स्कोरर बन गए हैं। अब वे शीर्ष पर मौजूद जेवियर "चिचारिटो" हर्नांडेज़ से केवल छह गोल पीछे हैं।
मैदान पर दिखा अनुशासनहीनता का हाई-वोल्टेज ड्रामा
यह मैच सिर्फ शानदार गोल के लिए ही नहीं, बल्कि मैदान पर खिलाड़ियों के बीच दिखी गरमा-गर्मी और रेफरी के सख्त फैसलों के लिए भी चर्चा में आ गया है। पूरे मैच के दौरान खेल भावना की धज्जियां उड़ती दिखीं, जिसके बाद रेफरी को जेब से कार्ड निकालने पड़े:
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दक्षिण अफ्रीका को दोहरा झटका: दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी स्पेफेलो सिथोल और थेम्बा ज्वाने को मैदान पर खराब बर्ताव और फाउल के चलते सीधे रेड कार्ड दिखाकर बाहर कर दिया गया। इसकी वजह से दक्षिण अफ्रीका की टीम को आखिरी समय में सिर्फ 9 खिलाड़ियों के साथ मैच खत्म करना पड़ा।
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मेक्सिको के कप्तान पर भी गाज: मैच के आखिरी पलों यानी इंजरी टाइम में मेक्सिको के डिफेंडर सीज़र मोंटेस भी खुद को शांत नहीं रख पाए और उन्हें भी रेड कार्ड झेलना पड़ा।
क्यों बेहद खास और ऐतिहासिक है इस बार का वर्ल्ड कप?
साल 2026 में आयोजित हो रहा यह फीफा वर्ल्ड कप फुटबॉल के इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज होने जा रहा है। इसके पीछे दो सबसे बड़े कारण हैं:
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48 टीमों का महामुकाबला: यह फुटबॉल इतिहास में पहली बार हो रहा है जब कप के लिए कुल 48 टीमें एक साथ मैदान में उतर रही हैं। इससे पहले तक सिर्फ 32 टीमें ही मुख्य दौर में खेलती थीं।
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3 देशों की मेजबानी: खेल के इस सबसे बड़े महाकुंभ का संयुक्त आयोजन तीन बड़े महाद्वीप देशों— मेक्सिको, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) द्वारा मिलकर किया जा रहा है।
साल 2022 के कतर वर्ल्ड कप में पहले ही दौर से बाहर होने वाली मेक्सिको की टीम के लिए यह जीत एक बहुत बड़ी संजीवनी की तरह है। इस जीत से टीम का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है। दूसरी तरफ, करारी हार झेलने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम अब अगले गुरुवार को अटलांटा के मैदान पर चेक गणराज्य के खिलाफ अपनी पहली जीत की तलाश में उतरेगी।