मनोरंजन

Govinda Birthday Special: सिर्फ डांस ही नहीं, गायकी में भी नंबर वन हैं गोविंदा, अपनी ही इन फिल्मों में दी जादुई आवाज

News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड के ‘चीची’ यानी गोविंदा का नाम जुबान पर आते ही जहन में उनके बिजली जैसे डांस मूव्स और जबरदस्त कॉमेडी की तस्वीरें उभर आती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके चहेते ‘हीरो नंबर वन’ के पास एक और छुपा हुआ टैलेंट है? जी हां, गोविंदा सिर्फ पैरों से ही नहीं, बल्कि अपने सुरों से भी जादू बिखेरना जानते हैं। बहुत कम लोग जानते हैं कि गोविंदा एक बेहतरीन सिंगर भी हैं और उन्होंने अपनी कई सुपरहिट फिल्मों में खुद गाने गाकर दर्शकों को चौंका दिया था।सुरों के भी उस्ताद हैं ‘चीची’, मां से मिली है विरासत गोविंदा के भीतर संगीत की यह कला उन्हें विरासत में मिली है। उनकी मां निर्मला देवी एक मशहूर शास्त्रीय गायिका थीं। बचपन से ही घर में संगीत का माहौल होने के कारण गोविंदा की पकड़ सुरों पर बेहद मजबूत रही। हालांकि उन्होंने अभिनय को अपना मुख्य करियर बनाया, लेकिन जब भी मौका मिला, उन्होंने माइक थामकर यह साबित कर दिया कि वह गायकी के मामले में भी किसी पेशेवर सिंगर से कम नहीं हैं।इन फिल्मों में गोविंदा ने अपनी आवाज से जमाया रंग गोविंदा की गायकी का जलवा उनकी कई फिल्मों में देखने को मिला है। फिल्म ‘आंखें’ (1993) का गाना ‘ओ लाल दुपट्टे वाली’ तो आपको याद ही होगा, इस गाने के कुछ हिस्सों में गोविंदा की आवाज का जादू साफ सुनाई देता है। इसके अलावा, फिल्म ‘शोला और शबनम’ में भी उन्होंने अपनी गायकी का हुनर दिखाया। इतना ही नहीं, अपनी फिल्म ‘दिमाग चक्र गया’ और कई अन्य गानों में उन्होंने अपनी आवाज देकर फैंस को अपना दीवाना बना लिया। उनके गाने की सादगी और अंदाज ठीक वैसा ही है, जैसा उनका अभिनय एकदम देसी और दिल को छू लेने वाला।एल्बम भी कर चुके हैं रिलीज, डांस और म्यूजिक का अनूठा संगम सिर्फ फिल्मों तक ही नहीं, गोविंदा ने अपना खुद का म्यूजिक एल्बम ‘गोविंदा’ भी रिलीज किया था। इसमें उन्होंने कई गानों को अपनी आवाज दी और खुद ही उन पर परफॉर्म भी किया। उनके गानों की खासियत यह होती है कि उनमें एक खास तरह की एनर्जी और लय होती है, जो सुनने वाले को झूमने पर मजबूर कर देती है। सोशल मीडिया पर अक्सर उनके पुराने लाइव परफॉर्मेंस के वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें वह बिना किसी हिचकिचाहट के ऊंचे सुरों में गाते नजर आते हैं।आज भी जारी है संगीत से गहरा लगाव 62 साल की उम्र में भी गोविंदा का संगीत के प्रति प्यार कम नहीं हुआ है। वह अक्सर रियलिटी शोज में अपनी फिल्मों के गाने गुनगुनाते नजर आते हैं। उनके फैंस के लिए वह सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक संपूर्ण मनोरंजनकर्ता (Complete Entertainer) हैं। गोविंदा का मानना है कि संगीत उनके तनाव को दूर करने का सबसे बड़ा जरिया है। अभिनय, डांस और फिर गायकी वाकई गोविंदा जैसा मल्टी-टैलेंटेड स्टार बॉलीवुड में दोबारा मिलना मुश्किल है।

Back to top button