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Bollywood Star kids : जब अरशद वारसी ने कहा, मेरे बच्चे भी लाइन में लगेंगे, बॉलीवुड की सबसे बड़ी बहस पर आया सबसे खरा जवाब

News India Live, Digital Desk : बॉलीवुड में जब भी भाई-भतीजावाद (Nepotism) की बहस छिड़ती है, तो सबकी नजरें स्टार किड्स और उनके माता-पिता पर टिक जाती हैं. लेकिन ‘सर्किट’ और ‘जॉली एलएलबी’ जैसे किरदारों से हमारा दिल जीतने वाले कमाल के एक्टर अरशद वारसी इस मामले में बिल्कुल अलग सोच रखते हैं. उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि अगर उनके बच्चे एक्टिंग में आना भी चाहेंगे, तो भी वह किसी डायरेक्टर को फोन लगाकर उनकी सिफारिश नहीं करेंगे.उनका यह बयान इसलिए भी खास है क्योंकि यह उस धारणा से बिल्कुल अलग है, जहां माना जाता है कि स्टार किड्स को पहली फिल्म आसानी से मिल जाती है.”असली स्ट्रगल पहली फिल्म मिलने के बाद शुरू होता है”एक हालिया इंटरव्यू में जब अरशद से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही गहरी और सच्ची बात कही. उन्होंने कहा,”मैं ईमानदारी से कहूं तो मैं ऐसा (सिफारिश) नहीं करूंगा. मुझे लगता है कि यह बहुत जरूरी है कि वे संघर्ष करें. अगर मैं उन्हें थाली में सजाकर सब कुछ दे दूंगा, तो वे कुछ नहीं सीख पाएंगे.”अरशद का मानना है कि बॉलीवुड में असली संघर्ष पहली फिल्म मिलने के बाद शुरू होता है, उसे बनाए रखने का संघर्ष. उन्होंने कहा कि जब आप खुद मेहनत करके अपना रास्ता बनाते हैं, तो आप बहुत कुछ सीखते हैं और एक बेहतर इंसान और एक्टर बनते हैं.तो फिर क्या कर रहे हैं अरशद के बच्चे?आपको यह जानकर हैरानी होगी कि अरशद के बच्चे फिलहाल एक्टिंग की दुनिया से दूर हैं. उनकी बेटीजेन वारसी एक वकील हैं और बेटाजेके वारसी म्यूजिक में अपना करियर बना रहे हैं और एक सिनेमैटोग्राफर/डायरेक्टर बनना चाहते हैं.अरशद ने यह भी साफ किया कि उन्होंने अपने बच्चों पर कभी कोई दबाव नहीं डाला. उन्होंने कहा, “मैंने उन्हें पूरी आजादी दी है. अगर वे एक्टर बनना चाहते हैं, तो उन्हें ऑडिशन के लिए लाइन में लगना होगा.”‘घर के दरवाजे हमेशा खुले हैं’हालांकि अरशद सिफारिश करने के सख्त खिलाफ हैं, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि उनके घर के दरवाजे इंडस्ट्री के लोगों के लिए हमेशा खुले हैं. वह चाहते हैं कि उनके बच्चे खुद अपने दोस्त बनाएं, नेटवर्क बनाएं और इंडस्ट्री को समझें. उनका कहना है,”अगर मेरे बेटे को किसी डायरेक्टर से मिलना है, तो उसे खुद अपना रास्ता बनाना होगा. हां, अगर वह बहुत भावुक और सीरियस है, तो मैं सिर्फ एक ऑडिशन के लिए मदद कर सकता हूं, लेकिन रोल के लिए नहीं. टैलेंट ही सबकुछ है.”अरशद वारसी की यह सोच उन सभी लोगों के लिए एक मिसाल है जो मानते हैं कि सिर्फ सिफारिशों से ही बॉलीवुड में सफलता मिलती है. उनका मानना है कि असली सफलता का रास्ता मेहनत और संघर्ष से होकर ही गुजरता है.

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