IIT से पढ़ाई और अब UPSC में गाड़ा झंडा बिहार के अभिषेक ने 102वीं रैंक लाकर पूरा किया IPS बनने का सपना

News India Live, Digital Desk: बिहार की मिट्टी ने एक बार फिर देश को एक होनहार अफसर दिया है। नवादा जिले के रहने वाले अभिषेक कुमार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में 102वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार और पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। अभिषेक की यह सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई और आईआईटी (IIT) के शानदार करियर के बाद देश सेवा की कठिन राह चुनी। उनकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज वे भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित होने की दहलीज पर खड़े हैं।नवादा से दिल्ली और फिर IIT तक का सफरअभिषेक कुमार की शुरुआती शिक्षा उनके पैतृक गांव और जिले में हुई। बचपन से ही मेधावी रहे अभिषेक ने कठिन परिश्रम के बल पर पहले IIT की प्रवेश परीक्षा पास की और देश के प्रतिष्ठित संस्थान से बी.टेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग के दौरान ही उनके मन में समाज के लिए कुछ बड़ा करने का विचार आया। हालांकि, उनके पास कॉर्पोरेट सेक्टर में लाखों के पैकेज वाले ऑफर थे, लेकिन उन्होंने उन सुख-सुविधाओं को ठुकरा कर यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली का रुख किया।UPSC की तैयारी: पहले प्रयास की असफलता से नहीं मानी हारअभिषेक की सफलता की राह इतनी आसान नहीं थी। उन्होंने बताया कि यूपीएससी के सफर में धैर्य सबसे बड़ी कुंजी है। पहले प्रयास में उन्हें मन मुताबिक सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और उन पर काम किया। अभिषेक ने मुख्य रूप से सेल्फ-स्टडी और आंसर राइटिंग (Answer Writing) पर फोकस किया। उनके अनुसार, इंजीनियरिंग के बैकग्राउंड ने उन्हें विषयों को तार्किक ढंग से समझने में मदद की, जिसका लाभ उन्हें परीक्षा के हर चरण में मिला।IPS बनने का जुनून और युवाओं के लिए खास संदेशअभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया है। उनका कहना है कि बिहार के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही दिशा और निरंतरता की जरूरत है। अभिषेक का सपना है कि वे एक ऐसे पुलिस अफसर बनें जो आम जनता के लिए सुलभ हो और कानून व्यवस्था को आधुनिक तकनीक के साथ और मजबूत कर सके। उनकी इस उपलब्धि पर नवादा में जश्न का माहौल है और वे क्षेत्र के हजारों प्रतियोगी छात्रों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।