IMD Weather Update 4 October: मॉनसून विदाई के बीच बदलेगा मौसम का मिजाज, 14 राज्यों में मूसलाधार बारिश और आंधी का अलर्ट

देश के कई हिस्सों से मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया जारी है, लेकिन चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) और मौसमी बदलावों के चलते आज मौसम का मिजाज अचानक बदलने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 अक्टूबर को उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों के 14 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज तूफानी हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसमी सिस्टम की सक्रियता: क्यों बिगड़ा अचानक मौसम?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ मजबूत मौसमी प्रणालियां बनी हुई हैं। केरल तट के पास दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर और दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही सिक्किम और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से देश के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में नमी युक्त हवाएं पहुंच रही हैं, जिससे आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश की अनुकूल परिस्थितियां तैयार हो गई हैं। विभाग ने वज्रपात की आशंका को देखते हुए खुले मैदानों में न जाने और मछुआरों को समुद्र तट से दूर रहने की सख्त सलाह दी है।
दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश: तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना
राजधानी दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद व गुरुग्राम में आज दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में हल्की से मध्यम बारिश और 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहेगा। मेरठ, आगरा, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, सीतापुर, प्रयागराज, संतकबीर नगर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
बिहार और झारखंड: भारी बारिश, आकाशीय बिजली और आंधी का अलर्ट
बिहार में पिछले 24 घंटों से मौसम में तल्खी बनी हुई है, लेकिन आज राज्य के अधिकतर जिलों में मध्यम से भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र पटना ने पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सिवान, सारण, गोपालगंज, पटना, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। झारखंड के रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, पलामू और देवघर में भी 40 से 50 किमी/घंटे की तूफानी हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है, जिससे निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी राज्यों में अलर्ट: भूस्खलन और सड़कों के बंद होने का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ और नमी के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। उत्तराखंड के नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और देहरादून में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, मंडी, कांगड़ा और शिमला के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश से भूस्खलन (लैंडस्लाइड) की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर के जम्मू, अनंतनाग, पुंछ, रियासी और बारामूला में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं स्थानीय जनजीवन को प्रभावित कर सकती हैं। यात्रियों और पर्यटकों को संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर यात्रा टालने की सलाह दी गई है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और पश्चिम बंगाल का हाल
मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और रीवा संभाग में 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है, जहां 45 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और बारिश की संभावना है। राजस्थान के पूर्वी जिलों जैसे जयपुर, भरतपुर, धौलपुर, कोटा और उदयपुर में बादलों की गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब और हरियाणा में चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, अंबाला और होशियारपुर में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय जिलों में बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती प्रभाव के कारण भारी बारिश और समुद्री लहरों के तेज होने की आशंका बनी हुई है।
किसानों और आम नागरिकों के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह
इस बेमौसम आंधी और मूसलाधार बारिश से खेतों में पककर तैयार हो रही खरीफ फसलों, विशेषकर धान और दलहन को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों से जल निकासी का उचित प्रबंध करें। वज्रपात के खतरे को देखते हुए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों, धातु के खंभों और बिजली के ट्रांसफॉर्मर के नीचे खड़े होने से बचने का परामर्श दिया गया है।