Income Tax Return (ITR) Filing Tips: 10 लाख से महंगी कार खरीदने वालों के लिए खुशखबरी! ITR में ऐसे क्लेम करें 1% TCS और पाएं ₹10,000 से ज्यादा का टैक्स रिफंड

Income Tax Return (ITR) Filing Tips: यदि आपने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के दौरान 10 लाख रुपये या उससे अधिक कीमत की कोई नई कार (Car) खरीदी है, तो टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय आपके पास मोटी बचत करने का एक शानदार मौका है। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय आप कम से कम ₹10,000 या अपनी कार की कीमत के अनुसार उससे भी ज्यादा का टैक्स रिफंड (Tax Refund) हासिल कर सकते हैं।
अक्सर जानकारी के अभाव में कई लोग कार खरीदते समय कटे 1% TCS (Tax Collected at Source) का दावा करना भूल जाते हैं, जिससे उनका यह पैसा सरकार के पास ही ब्लॉक रह जाता है। आइए जानते हैं कि यह 1% TCS क्या होता है और आईटीआर भरते समय आप इसे कैसे वापस पा सकते हैं।
क्या होता है गाड़ियों पर कटने वाला 1% TCS?
आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के नियमों के अनुसार, जब भी कोई ग्राहक ₹10 लाख से अधिक मूल्य की नई पैसेंजर कार खरीदता है, तो कार डीलर (Automobile Dealer) के लिए वाहन की कुल एक्स-शोरूम कीमत का 1% TCS वसूलना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है।
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यह कोई एक्स्ट्रा टैक्स नहीं है: ध्यान रहे कि यह कोई अतिरिक्त जेबखर्च या जुर्माना नहीं है। यह अग्रिम टैक्स (Advance Tax) की तरह ही होता है, जिसे डीलर आपके पैन कार्ड (PAN Card) के अगेंस्ट सरकार के खाते में जमा करता है।
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गणित समझिए: यदि आपने ₹10 लाख की कार खरीदी है, तो आपका ₹10,000 का TCS कटेगा। ठीक इसी तरह, यदि कार की कीमत ₹20 लाख है, तो ₹20,000 और ₹50 लाख की लक्जरी कार होने पर ₹50,000 का TCS जमा होगा। इस पूरी रकम को आप ITR दाखिल करते समय अपनी अंतिम टैक्स देनदारी (Tax Liability) के साथ एडजस्ट या रिफंड करा सकते हैं।
ITR दाखिल करते समय कैसे करें TCS का दावा? (Step-by-Step Claim Process)
अपने इस पैसे को वापस पाने या टैक्स में छूट लेने के लिए आपको नीचे दी गई प्रक्रिया का पालन करना होगा:
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Form 26AS और AIS की जांच: ITR फॉर्म भरने से पहले अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें। वहाँ अपने Form 26AS और Annual Information Statement (AIS) को डाउनलोड करके चेक करें कि कार डीलर ने आपके PAN पर वह 1% TCS रिफ्लेक्ट (अपडेट) किया है या नहीं। यदि एंट्री नहीं दिख रही है, तो तुरंत कार डीलर से संपर्क कर इसे अपडेट करवाएं।
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ITR में सही सेक्शन चुनें: जब आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म भर रहे हों, तब ‘Taxes Paid’ या ‘TCS Credit’ वाले कॉलम में जाएं। वहां कार खरीद पर कटे इस टैक्स क्रेडिट की सटीक जानकारी दर्ज करें।
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रिफंड या एडजस्टमेंट: यदि वित्त वर्ष के अंत में आपकी कुल टैक्स देनदारी आपके कटे हुए कुल टीडीएस/टीसीएस से कम बनती है, तो यह ₹10,000 या इससे अधिक की अतिरिक्त राशि सीधे रिफंड के रूप में आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाएगी। यदि आपकी टैक्स देनदारी बनती है, तो यह राशि उतने रुपये से आपका टैक्स कम (Adjust) कर देगी।
क्लेम करते समय अपने पास रखें ये 4 जरूरी दस्तावेज
आयकर विभाग (Income Tax Department) से रिफंड क्लेम करते समय किसी भी प्रकार के नोटिस या अड़चन से बचने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:
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कार खरीद का इनवॉइस (Purchase Invoice): जिसमें कार की मूल कीमत और कटे हुए 1% TCS का स्पष्ट जिक्र हो।
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Form 27D (TCS Certificate): यह सर्टिफिकेट कार डीलर द्वारा ग्राहक को जारी किया जाता है, जो टैक्स जमा होने का पुख्ता प्रमाण है।
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Form 26AS और AIS कॉपी: ऑनलाइन मिलान और रिकॉर्ड के लिए।
टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह:
रिटर्न फाइल करने की जल्दबाजी में कभी भी अपने टैक्स क्रेडिट (TDS/TCS) को नजरअंदाज न करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले हमेशा AIS और Form 26AS का डेटा अपने इनवॉइस से मैच कर लें। एक छोटी सी चूक के कारण आपकी मेहनत की कमाई का रिफंड रुक सकता है।