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IND vs SL 2nd Test: कोलंबो टेस्ट में बारिश बनेगी विलेन! बिगड़ेगा टीम इंडिया का WTC समीकरण, जानिए फाइनल की राह में क्यों बढ़ा बड़ा खतरा

कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (SSC) ग्राउंड पर भारत और श्रीलंका के बीच जारी दूसरे टेस्ट मैच में भारतीय क्रिकेट टीम बेहद मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, लेकिन इंद्रदेव की नाराजगी ने टीम इंडिया के विजय रथ और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) के फाइनल समीकरणों पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं। मैच के अहम मोड़ पर बारिश के दखल और आगामी दिनों के खराब मौसम पूर्वानुमान ने भारतीय खेमे की चिंताएं बढ़ा दी हैं। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट को 165 रनों से जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम इस मुकाबले में क्लीन स्वीप के इरादे से उतरी थी, लेकिन लगातार हो रही मानसूनी फुहारों से मैच ड्रॉ की ओर बढ़ता नजर आ रहा है।

भारतीय टीम ने पहली पारी में 503 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर मेजबान श्रीलंका को बैकफुट पर धकेल दिया था। देवदत्त पडिक्कल (117) और विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल (115) के शानदार शतकों के साथ ऋषभ पंत और शुभमन गिल की अर्धशतकीय पारियों ने भारत को मजबूत बढ़त दिलाई। जवाब में श्रीलंकाई टीम अपनी पहली पारी में लड़खड़ा गई, जहां भारतीय स्पिनर मानव सुथार और तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मेजबान टीम के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया। हालांकि, सोनल दिनुषा और पसिंदु सूरियाबंदारा की जुझारू पारियों के बीच तीसरे दिन के अंतिम सत्र में आई मूसलाधार बारिश ने खेल को रोक दिया और इसके बाद मुकाबला दोबारा शुरू नहीं हो सका।

कोलंबो में मौसम का मिजाज: चौथे और पांचवें दिन भारी बारिश का साया

मौसम विभाग (Weather Forecast) के अनुसार, कोलंबो में टेस्ट मैच के बचे हुए दिनों में मौसम बिल्कुल भी अनुकूल रहने की संभावना नहीं है। श्रीलंका के तटीय इलाकों में सक्रिय मौसमी तंत्र के कारण आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और भारी बारिश व गरज के साथ आंधी चलने की 60 से 70 प्रतिशत तक आशंका जताई गई है। ग्राउंड्समैन कवर्स के सहारे पिच और आउटफील्ड को बचाने की पूरी मशक्कत कर रहे हैं, लेकिन लगातार आउटफील्ड गीली रहने की स्थिति में पूरे दिन का खेल धुलने का गंभीर खतरा बना हुआ है। टेस्ट क्रिकेट में ओवरों का नुकसान हमेशा परिणाम निकालने में सबसे बड़ी बाधा बनता है और कोलंबो की परिस्थितियों में भारत के लिए श्रीलंका को दोबारा आउट करने या फॉलोऑन देने का समय तेजी से घट रहा है।

WTC पॉइंट्स टेबल का ताजा गणित: ड्रॉ होने पर भारत को कितना नुकसान?

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र में भारतीय टीम फिलहाल अंक तालिका में पांचवें पायदान पर काबिज है। गॉल टेस्ट में मिली जीत के बाद भारत का पॉइंट्स पर्सेंटेज (PCT) सुधरकर 53.33 प्रतिशत हुआ था। WTC नियमों के अनुसार, टेस्ट मैच जीतने पर विजेता टीम को पूरे 12 अंक मिलते हैं, जबकि मैच टाई होने पर 6 और मैच ड्रॉ या बेनतीजा रहने पर दोनों टीमों को 4-4 अंकों से ही संतोष करना पड़ता है।

अगर कोलंबो टेस्ट बारिश की भेंट चढ़ता है और ड्रॉ घोषित होता है, तो भारत के खाते से निश्चित रूप से 8 बेशकीमती अंक फिसल जाएंगे। WTC फाइनल की दौड़ में ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश जैसी टीमें शीर्ष स्थानों के लिए कड़े मुकाबले में हैं। ऐसी स्थिति में श्रीलंका जैसी उपमहाद्वीपीय टीम के खिलाफ जीत के पूरे 24 अंक हासिल न कर पाना भारत के लिए बहुत बड़ा रणनीतिक झटका साबित हो सकता है।

आगामी शेड्यूल और टीम इंडिया की फाइनल की राह में खड़ी चुनौतियां

श्रीलंका दौरे के समाप्त होने के बाद भारतीय टेस्ट टीम के सामने आगे की राह बिल्कुल भी आसान नहीं है। टीम इंडिया को इस चक्र के बचे हुए मुकाबलों में न्यूजीलैंड का दौरा करना है, जहां 2 टेस्ट मैचों की कठिन सीरीज खेली जानी है। न्यूजीलैंड की हरी पिचों और तेज सीम गेंदबाजी के अनुकूल हालात में एशियाई टीमों का रिकॉर्ड हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है।

इसके बाद भारतीय टीम को अपने घरेलू मैदानों पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तहत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने भी हालिया बयान में आगाह किया था कि भारतीय टीम WTC फाइनल की रेस में थोड़ी पीछे जरूर छूटी है और युवा खिलाड़ियों के साथ विदेशी जमीन पर खेलना एक बड़ा इम्तिहान होगा। यदि कोलंबो टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त होता है, तो भारत को फाइनल का टिकट पक्का करने के लिए अपने अगले 7 टेस्ट मैचों में से कम से कम 6 मुकाबले जीतने की अनिवार्य शर्त का सामना करना पड़ेगा, जो ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ बेहद मुश्किल काम है।

गेंदबाजों और बल्लेबाजों की शानदार फॉर्म पर फिरेगा पानी?

इस टेस्ट सीरीज में भारतीय दल के युवा सितारों ने असाधारण परिपक्वता दिखाई है। देवदत्त पडिक्कल ने लगातार दूसरे मुकाबले में अपनी क्लास साबित की है, वहीं ध्रुव जुरेल ने मध्यक्रम में संकटमोचक की भूमिका निभाते हुए टीम को मजबूत आधार दिया। गेंदबाजी विभाग में प्रसिद्ध कृष्णा की रफ्तार और युवा बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार की फिरकी ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को लगातार छकाया है। यह पहला मौका था जब सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में युवा ब्रिगेड ने विदेश में एकतरफा दबदबा बनाया, लेकिन कुदरत के आगे खिलाड़ियों का यह शानदार प्रदर्शन बेबस होता नजर आ रहा है।

भारतीय टीम प्रबंधन और कप्तान शुभमन गिल अब यही उम्मीद कर रहे होंगे कि चौथे और पांचवें दिन बारिश कुछ घंटों के लिए थमे, ताकि भारतीय गेंदबाज आक्रामक रणनीति अपनाकर श्रीलंकाई पारी को समेट सकें और भारत के WTC फाइनल के सपने को जिंदा रख सकें।

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