NPS और NPS Lite में नए PoP चार्ज 1 दिसंबर से लागू: जानिए ऑनबोर्डिंग और सालाना फीस का पूरा हिसाब

पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और NPS Lite सब्सक्राइबर्स के लिए प्वाइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) के संशोधित सर्विस चार्ज स्ट्रक्चर को लागू करने की तारीख आगे बढ़ा दी है। पहले यह नया नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होना था, लेकिन केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRAs) और संबंधित वित्तीय संस्थानों को अपनी तकनीकी प्रणाली दुरुस्त करने का अतिरिक्त समय देते हुए अब इसे 1 दिसंबर से अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया है। यह बदलाव उन लाखों ग्राहकों पर सीधा असर डालेगा जो बैंकों, डाकघरों या अन्य अधिकृत वित्तीय बिचौलियों (PoP) के जरिए पेंशन खाता खोलते हैं या अपना कंट्रीब्यूशन जमा करते हैं। हालांकि, जो खाताधारक सीधे डिजिटल माध्यम (e-NPS) का रुख करते हैं, उनके लिए स्थिति काफी अलग और राहत भरी बनी हुई है।
वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज: एकमुश्त नहीं, ₹50-₹50 की 4 किश्तों में कटेगी फीस
नए नियमों के अनुसार, जब कोई नया ग्राहक किसी PoP शाखा (जैसे बैंक शाखा या गैर-बैंकिंग PoP केंद्र) के जरिए परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (PRAN) के लिए रजिस्ट्रेशन कराएगा, तो उसे ₹200 का वन-टाइम ऑनबोर्डिंग चार्ज देना होगा।
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यूनिट कैंसिलेशन से वसूली: नियामक ने सब्सक्राइबर्स को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि यह ₹200 की रकम एक साथ खाते से नहीं कटेगी। केंद्रीय रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां (CRA) हर तिमाही ₹50 के बराबर की यूनिट्स कैंसिल (कटौती) करके इसे 4 तिमाहियों में वसूल करेंगी। यह राशि ऑनबोर्डिंग पूरी होने वाली तिमाही के अगले महीने PoP को ट्रांसफर की जाएगी।
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पूरी तरह डिजिटल ऑनबोर्डिंग पर रियायत: यदि कोई ग्राहक PoP के जरिए बिना किसी कागजी या आमने-सामने की प्रक्रिया के पूरी तरह डिजिटल (Non-face-to-face) तरीके से जुड़ता है, तो PFRDA के दिशा-निर्देशों के तहत यह एकमुश्त शुल्क घटकर मात्र ₹100 रह सकता है।
0.20% का सालाना AUM चार्ज: कैसे होगी फंड से कटौती?
खाता खुलवाने के बाद चालू खातों के प्रबंधन और सर्विसिंग के लिए PoP को सालाना आधार पर शुल्क का भुगतान किया जाएगा।
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सालाना दर: एक्टिव स्कीम्स के तहत कुल जमा पूंजी (Assets Under Management – AUM) का 0.20% प्रति वर्ष की दर से चार्ज लिया जाएगा।
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एनएवी से एडजस्टमेंट: यह शुल्क ग्राहक से सीधे कैश में नहीं लिया जाएगा, बल्कि स्कीम की नेट एसेट वैल्यू (NAV) के जरिए तिमाही आधार पर एडजस्ट करके PoP को जारी किया जाएगा।
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अतिरिक्त टैक्स: इस चार्ज और ऑनबोर्डिंग फीस पर लागू वस्तु एवं सेवा कर (GST) अतिरिक्त रूप से देय होगा।
डॉर्मेन्ट (निष्क्रिय) खातों पर कोई चार्ज नहीं
PFRDA ने उन सब्सक्राइबर्स के हितों का पूरा ध्यान रखा है जिनका खाता किसी कारणवश कुछ समय से एक्टिव नहीं है।
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डॉर्मेन्ट अकाउंट की परिभाषा: ऐसा खाता (यूनिक पैन कार्ड के आधार पर ट्रैक किया गया), जिसमें किसी एक तिमाही में अंशदान आने के बाद लगातार चार तिमाहियों (पूरे 1 साल) तक कोई नया कंट्रीब्यूशन जमा नहीं हुआ हो, उसे डॉर्मेन्ट माना जाएगा।
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फीस में छूट: इन निष्क्रिय खातों पर 0.20% का वार्षिक PoP चार्ज बिल्कुल नहीं वसूला जाएगा। जैसे ही खाताधारक दोबारा निवेश शुरू करेगा, खाता फिर से एक्टिव श्रेणी में आ जाएगा।
न्यूनतम अंशदान में बड़ा बदलाव: मात्र ₹10 से भी हो सकेगा निवेश
नए सर्कुलर में पेंशन में निवेश की न्यूनतम सीमाओं को भी स्पष्ट किया गया है।
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खाता खोलते समय न्यूनतम जमा: ऑनबोर्डिंग के वक्त न्यूनतम अंशदान ₹250 तय किया गया है।
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बाद के अंशदान: खाता सक्रिय होने के बाद सब्सक्राइबर अपनी सुविधानुसार मात्र ₹10 का न्यूनतम योगदान भी जमा कर सकते हैं। इससे कम आय वाले और ग्रामीण इलाकों के कामगारों के लिए पेंशन खाते को चालू रखना बेहद सुगम हो गया है।
e-NPS और D-Remit यूजर्स के लिए जीरो PoP चार्ज
यदि आप इस नए PoP चार्ज के दायरे से पूरी तरह बाहर रहना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार का आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल 'e-NPS' सबसे बेहतरीन विकल्प है।
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सर्कुलर के अनुसार, जिन सब्सक्राइबर्स ने सीधे e-NPS पोर्टल के माध्यम से अपना खाता खोला है और वे e-NPS या डायरेक्ट रेमिटेंस (D-Remit) के जरिए सीधे अपने बैंक खाते से पैसा ट्रांसफर करते हैं, उन्हें PoP से जुड़ा कोई भी ऑनबोर्डिंग या वार्षिक चार्ज नहीं देना होगा।
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ध्यान रखें कि यदि किसी ने पहले बैंक या PoP के जरिए खाता खोला था, तो बाद में ऑनलाइन ट्रांसफर करने पर भी संबंधित PoP के निर्धारित सर्विस शुल्क लागू रहते हैं, इसलिए नए खाताधारकों को सीधे e-NPS का विकल्प चुनना ज्यादा किफायती पड़ेगा।