Land Registry New Rules 2026: बदल गए जमीन रजिस्ट्री के नियम! अब इन नए दस्तावेजों के बिना नहीं होगा निबंधन, देखें नई लिस्ट

नई दिल्ली/लखनऊ: अगर आप साल 2026 में जमीन, मकान या कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। केंद्र और राज्य सरकारों (विशेषकर यूपी और बिहार) ने जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने और धोखाधड़ी को रोकने के लिए 1 अप्रैल 2026 से नियमों में भारी बदलाव कर दिया है। अब पुराने तरीके से रजिस्ट्री कराना संभव नहीं होगा; आपको नई चेकलिस्ट के अनुसार दस्तावेज तैयार रखने होंगे।बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अब हुआ अनिवार्यनए नियमों के तहत अब केवल आधार कार्ड की फोटोकॉपी से काम नहीं चलेगा। 1 फरवरी 2026 से ही उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में ‘आधार-आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन’ को अनिवार्य कर दिया गया है। इसका मतलब है कि रजिस्ट्री के समय खरीदार, विक्रेता और गवाहों को मौके पर फिंगरप्रिंट या आंखों की पुतली (Iris Scan) के जरिए अपनी पहचान साबित करनी होगी। इससे ‘बेनामी’ संपत्ति के लेन-देन और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह से लगाम लग जाएगी।बिहार में लागू हुआ ’13 पॉइंट्स’ का नया सिस्टमबिहार सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए ई-निबंधन पोर्टल पर 13 प्रमुख बिंदुओं की जांच अनिवार्य कर दी है। अब खरीदार को जमीन के पुराने रिकॉर्ड, म्यूटेशन की स्थिति और भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC) से जुड़ी 13 जानकारियां पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। इसके बाद अंचलाधिकारी (CO) 10 दिनों के भीतर इसकी सत्यता की जांच करेंगे। रिपोर्ट ‘पॉजिटिव’ आने के बाद ही आपके मोबाइल पर रजिस्ट्री का स्लॉट बुक करने का मैसेज आएगा।डिजिटल क्रॉप सर्वे और नई दस्तावेज लिस्ट2026 के नियमों में अब जमीन के ‘डिजिटल मैप’ और ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ के डेटा को भी रजिस्ट्री से जोड़ा जा रहा है। रजिस्ट्री के लिए अब आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल प्रति साथ रखनी होगी:विक्रय विलेख (Sale Deed): नए प्रारूप में, जिसमें गवाहों के आधार लिंक हों।स्वामित्व प्रमाण पत्र (Title Deed): जमीन के मालिकाना हक का पुख्ता सबूत।अद्यतन लगान रसीद (Latest Tax Receipt): 2025-26 तक का भुगतान अनिवार्य।नॉन-एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC): यह साबित करने के लिए कि जमीन पर कोई कर्ज नहीं है।पैन और आधार कार्ड: अनिवार्य ई-केवाईसी के साथ।ऑनलाइन स्लॉट और समय की पाबंदीयूपी सरकार ने रजिस्ट्री ऑफिसों में लगने वाली भीड़ को कम करने के लिए ‘फिक्स्ड टाइम स्लॉट’ नियम लागू किया है। अगर आपने सुबह 11 से 12 बजे का समय लिया है, तो आपको उसी एक घंटे के भीतर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। समय चूकने पर आपका स्लॉट रद्द हो जाएगा और दोबारा बुकिंग करनी होगी। इसके अलावा, अब अधिकांश राज्यों में रजिस्ट्री की फीस और स्टांप ड्यूटी का भुगतान केवल डिजिटल मोड या ई-ग्रास (e-GRAS) के माध्यम से ही स्वीकार किया जा रहा है।