IRCTC की गुप्त ट्रिक: ट्रेन का चार्ट बनने के बाद भी ऐसे पाएं 100% कन्फर्म टिकट, जानें 5 आसान स्टेप्स

त्योहारी सीजन, शादियों या किसी अचानक आई इमरजेंसी में ट्रेन का कन्फर्म टिकट मिलना किसी चुनौती से कम नहीं होता। तत्काल और प्रीमियम तत्काल के कोटे भी चंद सेकंड में खत्म हो जाते हैं और यात्री वेटिंग लिस्ट (Waiting List) के भरोसे लटके रह जाते हैं। अधिकांश यात्रियों को लगता है कि ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले जब पहला रिजर्वेशन चार्ट (Reservation Chart) तैयार हो जाता है, तो उसके बाद टिकट बुक करने के सारे रास्ते हमेशा के लिए बंद हो जाते हैं। लेकिन हकीकत यह नहीं है। भारतीय रेलवे और आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के तहत चार्ट बनने के बाद भी आप अपने मोबाइल से ट्रेन में खाली बची बर्थ पर शत-प्रतिशत कन्फर्म टिकट हासिल कर सकते हैं।
चार्ट बनने के बाद खाली सीटें कैसे बच जाती हैं?
भारतीय रेलवे में हर ट्रेन का पहला चार्ट उसके शुरुआती स्टेशन से प्रस्थान के समय से करीब 4 घंटे पहले ऑनलाइन तैयार किया जाता है। अक्सर वीआईपी कोटा, रेलवे अधिकारियों के इमरजेंसी कोटे (HO Quota), वरिष्ठ नागरिकों के खाली रह गए कोटे या अंतिम समय में टिकट कैंसिल कराने वाले यात्रियों के कारण कई कोचों में बर्थ खाली रह जाती हैं। इसके अलावा, कई बार यात्री पूरी यात्रा करने के बजाय बीच के किसी स्टेशन (जैसे लखनऊ से कानपुर या प्रयागराज) तक का ही सफर करते हैं, जिसके चलते आगे के सफर के लिए सीट खाली हो जाती है। रेलवे इन खाली सीटों को बर्बाद नहीं होने देता, बल्कि इन्हें 'करंट रिजर्वेशन' (Current Reservation) के तहत सीधे आम जनता के लिए खोल देता है।
IRCTC चार्ट्स/वेकेंसी (Charts/Vacancy) फीचर से ऐसे चेक करें खाली सीटें
आईआरसीटीसी ने पूरी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है। आप चार्ट बनने के बाद अपने मोबाइल फोन से मिनटों में देख सकते हैं कि किस कोच में कौन-सा बर्थ नंबर खाली है:
-
सबसे पहले आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट (irctc.co.in) या IRCTC Rail Connect ऐप खोलें।
-
होमपेज पर दिए गए 'Charts / Vacancy' के आइकन पर क्लिक करें (यह आपको सीधे ऑनलाइन रिजर्वेशन चार्ट पोर्टल पर ले जाएगा)।
-
अब अपनी यात्रा की तारीख, ट्रेन का नाम या 5 अंकों का ट्रेन नंबर दर्ज करें और अपना बोर्डिंग स्टेशन (जहाँ से बैठना है) चुनें।
-
इसके बाद 'Get Train Chart' पर क्लिक करते ही पूरी ट्रेन का लाइव लेआउट खुल जाएगा।
-
यहाँ आप स्लीपर, थर्ड एसी, सेकेंड एसी या एग्जीक्यूटिव क्लास पर क्लिक करके देख सकते हैं कि किस कोच (जैसे B1, B2 या S3) में कौन-सा सीट नंबर किस स्टेशन से किस स्टेशन तक पूरी तरह खाली पड़ा है।
करंट बुकिंग (Current Booking) से कन्फर्म टिकट पाने का तरीका
जैसे ही आपको पोर्टल पर खाली सीट दिखाई दे, आप बिना किसी एजेंट के दो सरल तरीकों से तत्काल कन्फर्म टिकट निकाल सकते हैं:
-
आईआरसीटीसी ऐप या वेबसाइट से ऑनलाइन बुकिंग: ट्रेन का पहला चार्ट बनने के बाद ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक आईआरसीटीसी पोर्टल पर 'करंट बुकिंग' विंडो खुली रहती है। आप सामान्य सर्च बॉक्स में ट्रेन नंबर डालकर सर्च करेंगे, तो खाली सीटों पर क्लास के आगे स्टेटस 'CURR_BKNG' या सीधे कन्फर्म सीट नंबर लिखा दिखाई देगा। सामान्य किराए का भुगतान करें और तुरंत कन्फर्म पीएनआर हासिल करें।
-
रेलवे स्टेशन के करंट रिजर्वेशन काउंटर से: यदि आप स्टेशन पर मौजूद हैं, तो स्टेशन के पीआरएस (PRS) रिजर्वेशन काउंटर पर जाएं। वहां एक विशेष 'Current Booking Counter' होता है, जहां चार्ट बनने के बाद खाली बची सीटों के लिए टिकट सामान्य काउंटर किराए पर ही तुरंत जारी कर दिया जाता है।
हैंड हेल्ड टर्मिनल (HHT) के जरिए टीटीई से ऐसे लें ऑन-बोर्ड कन्फर्म सीट
यदि आप पहले से टिकट बुक नहीं कर पाए हैं और आपके पास जनरल टिकट या ऑथराइज्ड वेटिंग टिकट है, तो भी चलती ट्रेन में कन्फर्म बर्थ पाने का आधुनिक नियम मौजूद है। भारतीय रेलवे ने अब सभी ट्रेनों के टीटीई (TTE) को हैंडहेल्ड टर्मिनल (HHT Tablets) दे रखे हैं। जैसे ही कोई मुसाफिर अपनी सीट पर नहीं पहुंचता या कोई बर्थ खाली रहती है, एचएचटी मशीन उस बर्थ को तुरंत खाली मार्क कर देती है।
आप ट्रेन में चढ़कर सीधे संबंधित कोच के टीटीई से मिलें और उनसे एचएचटी मशीन में खाली सीट देखने का अनुरोध करें। यदि आगे के किसी स्टेशन तक सीट खाली है, तो टीटीई अपने टैब से ही निर्धारित किराए और रसीद के साथ आपको ऑन-द-स्पॉट कन्फर्म सीट अलॉट कर देगा। इसके लिए किसी अतिरिक्त रिश्वत या अवैध लेन-देन की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि सिस्टम पूरी तरह जीपीएस और सेंट्रल सर्वर से जुड़ा होता है।
दूसरा चार्ट (Second Chart): ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले का आखिरी मौका
यह बात बहुत कम यात्रियों को मालूम होती है कि रेलवे में दो बार चार्ट बनते हैं। पहला चार्ट ट्रेन चलने से 4 घंटे पहले बनता है, जबकि 'सेकंड चार्ट' (Second Chart) ट्रेन के प्लेटफॉर्म से रवाना होने के मात्र 30 मिनट पहले जारी किया जाता है। पहले और दूसरे चार्ट के बीच के साढ़े तीन घंटों के दौरान जो भी टिकट कैंसिल होते हैं या करंट बुकिंग में नहीं बिक पाते, उनका अंतिम हिसाब इसी सेकंड चार्ट में होता है। यदि आप ट्रेन छूटने से 45 मिनट पहले भी आईआरसीटीसी ऐप पर करंट बुकिंग चेक करते हैं, तो अक्सर ऐन वक्त पर रद्द हुए टिकट आपको बहुत आसानी से मिल जाते हैं।