महिला आरक्षण पर पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का बड़ा कदम, PM मोदी को लिखी चिट्ठी

News India Live, Digital Desk: देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विशेष पत्र लिखकर इस ऐतिहासिक कानून का पुरजोर समर्थन किया है। पाटिल का यह समर्थन ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल इस बिल के लागू होने की समयसीमा और ओबीसी कोटे को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। पूर्व राष्ट्रपति का यह रुख सियासी गलियारों में नई चर्चा का विषय बन गया है।’आधी आबादी’ के हक के लिए पाटिल ने जताई खुशीप्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में प्रतिभा पाटिल ने महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने को देश के लोकतांत्रिक सफर में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने लिखा कि महिलाओं को नीति-निर्माण में बराबर की हिस्सेदारी मिलना समय की मांग थी। पाटिल ने विश्वास जताया कि इस कानून से जमीनी स्तर पर महिलाओं का सशक्तिकरण होगा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और अधिक प्रभावी होकर उभरेगी।कांग्रेस के रुख से इतर दिखा पाटिल का स्टैंडगौरतलब है कि कांग्रेस पार्टी ने संसद में इस बिल का समर्थन तो किया, लेकिन साथ ही जनगणना और परिसीमन की शर्त को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए थे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार मांग कर रहे हैं कि इस आरक्षण को तुरंत लागू किया जाए और इसमें पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं के लिए अलग से कोटा सुनिश्चित हो। ऐसे में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रहीं प्रतिभा पाटिल द्वारा सीधे पीएम मोदी को समर्थन पत्र लिखना पार्टी लाइन से थोड़ा अलग और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।संसद के विशेष सत्र में रचा गया था इतिहासबता दें कि केंद्र सरकार ने हाल ही में संसद के विशेष सत्र के दौरान ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित कराया था। इस कानून के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालांकि, यह जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही प्रभावी हो पाएगा। पूर्व राष्ट्रपति ने अपने पत्र में इसी दूरगामी सोच की सराहना की है, जिसे बीजेपी अपनी एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है