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J&K Flash Floods: जम्मू-कश्मीर के राजौरी-पुंछ में आसमानी आफत से मची भारी तबाही, 12 की मौत; दिल्ली दौरा बीच में छोड़ जम्मू लौटे CM उमर अब्दुल्ला

जम्मू/लखनऊ। मानसून के रौद्र रूप के कारण पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के सीमावर्ती जिलों में इस वक्त जलप्रलय जैसे हालात बने हुए हैं। मनीकंट्रोल हिंदी (Moneycontrol Hindi) की एक विशेष ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू संभाग के दो जुड़वां सीमावर्ती जिलों पुंछ (Poonch) और राजौरी (Rajouri) में रात भर हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने के बाद आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) और भीषण भूस्खलन (Landslides) ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है और कई अन्य लापता बताए जा रहे हैं।

घाटी में बिगड़ते हालातों और मची तबाही की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना दिल्ली दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और रविवार दोपहर तुरंत जम्मू लौट आए। उन्होंने जम्मू के सिविल सेक्रेटेरिएट में एक हाई-लेवल इमरजेंसी मीटिंग (High-Level Review Meeting) की अध्यक्षता करते हुए पूरे राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

पुंछ के सुरनकोट में सबसे ज्यादा तबाही, मलबे में दबे परिवार

प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस मानसूनी आफत का सबसे क्रूर रूप पुंछ जिले के सुरनकोट (Surankote) तहसील में देखने को मिला है:

  • एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत: सुरनकोट के लोअर मर्राह इलाके में एक बड़ा भूस्खलन सीधे रिहायशी मकान पर आ गिरा, जिसकी चपेट में आने से एक ही परिवार के 6 सदस्यों समेत 9 लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई।

  • नदियों का रौद्र रूप: राजौरी शहर में भी उफनती नदी का पानी रिहायशी कॉलोनियों (बेला कॉलोनी) और न्यू बस स्टैंड क्षेत्र में घुस गया, जिससे वहां खड़े करीब 200 से अधिक वाहन ताश के पत्तों की तरह पानी में बह गए या मलबे में दब गए.

'जनहानि रोकना पहली प्राथमिकता' — दिल्ली से लौटकर एक्शन में CM उमर अब्दुल्ला

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक पूर्व निर्धारित राजनीतिक प्रदर्शन (Statehood Protest) के सिलसिले में दिल्ली में थे, लेकिन राज्य के नागरिकों पर आए इस संकट को देखते हुए वे तुरंत वापस लौटे. जम्मू पहुंचते ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा:

"सुबह से ही मैं राजौरी शहर और आसपास के इलाकों में हुई अत्यधिक बारिश से उत्पन्न स्थिति पर नजर रख रहा हूं। स्थानीय विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों से मेरा सीधा संपर्क बना हुआ है। इस समय पूरी सरकार और प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता बहुमूल्य मानव जीवन को सुरक्षित बचाना (Safeguard Precious Lives) है। जिन लोगों की संपत्तियों और मकानों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें सरकार तुरंत हर संभव वित्तीय सहायता और पुनर्वास सामग्री उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री ने पुलिस, सेना, स्थानीय वालंटियर्स और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) को युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operations) चलाने और लापता लोगों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं.

एलजी मनोज सिन्हा ने जताया दुख, गृह मंत्री अमित शाह ने दिया मदद का भरोसा

इस भीषण त्रासदी पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल (LG) मनोज सिन्हा और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने भी गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एलजी मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की और केंद्र सरकार की ओर से एनडीआरएफ (NDRF) की अतिरिक्त टीमें भेजने और हर संभव राहत व पुनर्वास सहायता (Central Assistance) देने का पूरा भरोसा दिलाया है. मौसम विभाग (IMD) ने पुंछ, राजौरी और रियासी जिलों के लिए अभी भी ऑरेंज अलर्ट जारी रखा है और चिनाब नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय इलाकों को पूरी तरह खाली करा लिया गया है.

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