JoSAA Counselling 2026: आईआईटी में एडमिशन के लिए कौन से डॉक्यूमेंट चाहिए? समझें जोसा काउंसलिंग का हिसाब-किताब

JEE Advanced का रिजल्ट जारी होने के बाद अब देश के प्रतिष्ठित आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), आईआईआईटी (IIIT) और अन्य सरकारी सहायता प्राप्त तकनीकी संस्थानों (GFTI) में एडमिशन की रेस शुरू हो गई है। इन संस्थानों में दाखिले के लिए जॉइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी यानी JoSAA द्वारा काउंसलिंग प्रक्रिया आयोजित की जाती है। अगर आपने भी इस साल इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा पास की है, तो सीट सुरक्षित करने के लिए आपको जोसा काउंसलिंग के पूरे गणित और आवश्यक दस्तावेजों को ठीक से समझना होगा, क्योंकि एक छोटी सी गलती भी आपके हाथ से बेहतरीन मौका छीन सकती है। क्या है जोसा काउंसलिंग और कैसे काम करता है इसका सिस्टम जोसा काउंसलिंग एक सिंगल-विंडो ऑनलाइन प्रक्रिया है, जिसके जरिए देश के 121 केंद्रीय संस्थानों में सीटों का आवंटन किया जाता है। इसमें कैंडिडेट को अपनी रैंक के हिसाब से कॉलेजों और इंजीनियरिंग ब्रांचेज की चॉइस भरनी होती है। काउंसलिंग की प्रक्रिया मुख्य रूप से पांच या छह राउंड में पूरी की जाती है। प्रत्येक राउंड के बाद कट-ऑफ लिस्ट जारी होती है, और छात्रों को सीटें अलॉट की जाती हैं। सीट मिलने के बाद छात्रों के पास 'फ्रीज', 'फ्लोट' और 'स्लाइड' के विकल्प होते हैं, जिनकी मदद से वे अपनी सीट को कन्फर्म कर सकते हैं या अगले राउंड के लिए अपग्रेड कर सकते हैं। आईआईटी में एडमिशन के लिए बेहद जरूरी हैं ये डॉक्यूमेंट्स जब आपको जोसा काउंसलिंग के माध्यम से कोई सीट अलॉट हो जाती है, तो आपको ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान अपने सभी जरूरी दस्तावेजों को अपलोड करना होता है। आईआईटी में एडमिशन के लिए मुख्य रूप से जिन डाक्यूमेंट्स की आवश्यकता होती है, उनमें कक्षा 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व पासिंग सर्टिफिकेट, जेईई एडवांस का एडमिट कार्ड और रैंक कार्ड, जोसा का प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर, और तीन पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ शामिल हैं। इसके अलावा उम्मीदवार को एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी सबमिट करना होता है, जिसका फॉर्मेट जोसा की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहता है। कैटेगरी सर्टिफिकेट और अन्य कागजात भी रखें तैयार यदि आप किसी आरक्षित श्रेणी से आते हैं, तो आपके पास सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध कैटेगरी सर्टिफिकेट (जैसे ओबीसी-एनसीएल, एससी, एसटी, या ईडब्ल्यूएस) होना अनिवार्य है। ध्यान रहे कि ओबीसी और ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट चालू वित्तीय वर्ष का ही होना चाहिए। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को सीट एक्सेप्टेंस फीस जमा करने की रसीद और फोटो पहचान पत्र (जैसे आधार कार्ड या पासपोर्ट) भी अपने पास तैयार रखना होगा। जो छात्र पीडब्ल्यूडी श्रेणी के तहत आते हैं, उन्हें अपना मूल विकलांगता प्रमाण पत्र भी वेरिफिकेशन के लिए प्रस्तुत करना होता है। ऑनलाइन रिपोर्टिंग और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में न करें देरी सीट अलॉट होने के बाद सबसे महत्वपूर्ण कदम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का होता है। जोसा की गाइडलाइन के अनुसार, तय समय सीमा के भीतर सभी दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करना होता है। यदि अपलोड किए गए किसी दस्तावेज में कोई विसंगति पाई जाती है, तो जोसा के अधिकारी ऑनलाइन क्वेरी जेनरेट करते हैं, जिसका जवाब छात्र को निर्धारित समय के अंदर ही देना होता है। यदि आप समय पर डॉक्यूमेंट अपलोड नहीं करते हैं या फीस का भुगतान नहीं करते हैं, तो आपकी आवंटित सीट को रद्द कर दिया जाएगा और आप काउंसलिंग प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।